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विधानसभा सुरक्षा चूक पर सख्ती

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 8
  • 3 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नई दिल्ली। राजधानी में विधानसभा सुरक्षा में हालिया चूक को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उच्च स्तरीय बैठक में कई अहम निर्देश जारी किए। मंगलवार को आयोजित इस बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक व सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया और पूरे घटनाक्रम की गहन समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सतर्कता, स्पष्ट जवाबदेही और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय ही मजबूत सुरक्षा तंत्र की आधारशिला है। इस दौरान उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई, जिसे फिलहाल तकनीकी परीक्षण के अधीन रखा गया है। अध्यक्ष ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर दिल्ली पुलिस की सराहना भी की।

एकीकृत कमान और आधुनिक सुरक्षा तंत्र पर जोर

समीक्षा बैठक में अध्यक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के लिए सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर्स लगाने, एंट्री कंट्रोल सिस्टम को मजबूत करने और परिसर में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और दिल्ली पुलिस के बीच एकीकृत कमान स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि आपात स्थिति में बिना देरी के प्रभावी कार्रवाई की जा सके। साथ ही, सभी एजेंसियों को रीयल-टाइम सूचना साझा करने के निर्देश दिए गए, जिससे संभावित खतरों से समय रहते निपटा जा सके।

प्रवेश-निकास व्यवस्था होगी और सख्त

विधानसभा परिसर की एंट्री और एग्जिट व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक गेट पर दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के कम से कम दो प्रशिक्षित जवानों की तैनाती अनिवार्य की गई है। बिना पूरी जांच और अनुमति के किसी भी वाहन या व्यक्ति को परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। अध्यक्ष ने यह भी निर्देश दिया कि सभी सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की जाएं और उन्हें आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसी भी स्थिति में तत्परता बनी रहे।

मोबाइल पेट्रोलिंग और रैपिड रिस्पॉन्स व्यवस्था

स्थिर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ गतिशील निगरानी को बढ़ावा देते हुए परिसर में मोबाइल पेट्रोलिंग वाहन तैनात करने का निर्देश दिया गया है। यह वाहन लगातार निगरानी करेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

इसके अलावा, सभी प्रवेश द्वारों को इतना मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है कि किसी भी प्रकार के जबरन प्रवेश को रोका जा सके। इसके लिए अतिरिक्त भौतिक सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे।

नियमित समीक्षा और मॉक ड्रिल की तैयारी

अध्यक्ष ने सुरक्षा को एक निरंतर प्रक्रिया बताते हुए नियमित समीक्षा बैठकों के आयोजन और सभी अवलोकनों का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारियों ने मासिक मॉक ड्रिल आयोजित करने और केंद्रीकृत अलार्म सिस्टम स्थापित करने का सुझाव भी दिया, जिससे आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सके।

वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने प्रवेश द्वारों पर कोलेप्सिबल गेट लगाने की सिफारिश की, ताकि भौतिक पहुंच नियंत्रण को और मजबूत किया जा सके।

खुफिया एजेंसियों ने किया सुरक्षा आकलन

इस बीच, खुफिया ब्यूरो के संयुक्त निदेशक नवीन वर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ विधानसभा परिसर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया। टीम ने मौके पर निरीक्षण करते हुए कई अहम सुधारात्मक बिंदुओं की पहचान की।

बैठक के समापन पर विधानसभा अध्यक्ष ने दोहराया कि सुरक्षित और अनुशासित वातावरण बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी एजेंसियों से जिम्मेदारी, समन्वय और सतर्कता के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि सभी की साझा जिम्मेदारी है।

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