बंगाल में बदलाव का दावा, शाह आज जारी करेंगे संकल्प पत्र
- धन्ना राम चौधरी

- 10 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
कोलकाता। अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने शुक्रवार को राज्य में भारतीय जनता पार्टी के ‘संकल्प पत्र’ के विमोचन का ऐलान करते हुए दावा किया कि राज्य की जनता तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शासन से त्रस्त होकर अब परिवर्तन चाहती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में शाह ने कहा कि “टीएमसी के भय और अराजकता के माहौल से बंगाल को मुक्त करने के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि कोलकाता में पार्टी का घोषणापत्र जारी किया जाएगा, जो राज्य के समग्र विकास का रोडमैप पेश करेगा।
अपने दौरे के दौरान शाह पश्चिम मेदिनीपुर जिले के डेबरा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, वहीं खड़गपुर में रोड शो के जरिए आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। उन्होंने बंगाल की जनता, विशेषकर महिलाओं और युवाओं के बीच रहने की इच्छा भी व्यक्त की। भाजपा के प्रस्तावित ‘संकल्प पत्र’ में समाज के हर वर्ग को साधने की रणनीति दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार, इसमें महिलाओं के सशक्तिकरण, किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष पैकेज के साथ-साथ औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नए उद्योग स्थापित करने की योजना भी शामिल हो सकती है। कल्याणकारी योजनाओं के तहत भाजपा ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के लाभार्थियों को प्रति माह 3,000 रुपये तक की सहायता देने का वादा कर सकती है। वहीं ‘युवा साथी’ योजना के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को भी मासिक आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त, राज्य कर्मचारियों के लिए सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर महंगाई भत्ते के लंबित बकाए के भुगतान का आश्वासन भी दिया जा सकता है।
गौरतलब है कि इस ‘संकल्प पत्र’ की तैयारी के लिए भाजपा ने व्यापक स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया। फरवरी में शुरू हुए ‘विकसित पश्चिम बंगाल संकल्प पत्र परामर्श संग्रह अभियान’ के तहत पार्टी ने उद्योगपतियों, शिक्षाविदों, व्यापारियों, किसानों, युवाओं और गृहिणियों सहित विभिन्न वर्गों से सुझाव एकत्र किए। भाजपा का दावा है कि उसके कार्यकर्ता बूथ स्तर तक पहुंचे और घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं व अपेक्षाएं जानीं। सुझाव जुटाने के लिए फोन, ईमेल, क्यूआर कोड और ‘आकांक्षा संग्रह बॉक्स’ जैसे माध्यमों का उपयोग किया गया। पार्टी इसे केवल राजनीतिक दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता के साथ एक “सामाजिक अनुबंध” के रूप में प्रस्तुत कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा का यह संकल्प पत्र राज्य की सियासत में नई दिशा तय कर सकता है, जहां विकास, कल्याणकारी योजनाएं और जनभागीदारी प्रमुख मुद्दे बनकर उभर रहे हैं।
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