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धर्म घर तक, राजनीति सबके लिए! अन्नामलाई का बड़ा ऐलान

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 13 जुल॰
  • 3 मिनट पठन
Man in white shirt and orange-green scarf speaks at a microphone, raising two fingers against a pink background.
भाजपा छोड़ने के बाद पहली बड़ी सभा में नए राजनीतिक दल का संकेत, 2031 को बताया लक्ष्य

भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) पोलाची (तमिलनाडु) | 13 जुलाई, 2026 भाजपा के पूर्व तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अपने नए सामाजिक-राजनीतिक मंच 'वी द लीडर्स' के पहले सार्वजनिक सम्मेलन में भविष्य की राजनीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धर्म व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन उसे निजी जीवन तक ही सीमित रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन भविष्य में एक राजनीतिक दल का रूप लेगा, जो स्वस्थ राजनीति, सेवा, पारदर्शिता और जनभागीदारी को अपनी मूल विचारधारा बनाएगा। भाजपा छोड़ने के बाद आयोजित इस पहले बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम ने तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।


अपने संबोधन में अन्नामलाई ने कहा कि वह स्वयं को एक गर्वित भारतीय और राष्ट्रवादी मानते हैं। उन्होंने कहा कि तमिल पहचान और भारतीयता एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं। उन्होंने जाति और धर्म आधारित राजनीति से ऊपर उठकर विकास, शिक्षा, सेवा और सुशासन की राजनीति की आवश्यकता पर जोर दिया।


अन्नामलाई ने दोहराया कि 'वी द लीडर्स' केवल एक सामाजिक संगठन बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उचित समय आने पर राजनीतिक दल के रूप में जनता के सामने आएगा। उन्होंने कहा कि पिछले 38 दिनों में लाखों लोग इस आंदोलन से जुड़े हैं और आने वाले वर्षों में यह संगठन तमिलनाडु की राजनीति में एक सकारात्मक विकल्प बनने का प्रयास करेगा। उन्होंने वर्ष 2031 को संगठन के लिए महत्वपूर्ण लक्ष्य बताया।


भाजपा में अपने आक्रामक राजनीतिक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले अन्नामलाई इस बार अपेक्षाकृत संतुलित और संयमित नजर आए। उन्होंने सत्तारूढ़ टीवीके सरकार के बारे में कहा कि नए मंत्रियों और विधायकों से गलतियां होना स्वाभाविक है और समाज का दायित्व उन्हें सही दिशा दिखाना होना चाहिए, न कि केवल आलोचना करना।


हालांकि उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए दावा किया कि तमिलनाडु पर सार्वजनिक ऋण लगातार बढ़ रहा है। उनके अनुसार यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले वर्षों में राज्य का कुल कर्ज काफी अधिक हो सकता है। उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व और जिम्मेदार आर्थिक प्रबंधन समय की आवश्यकता है।


अन्नामलाई ने महात्मा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका संगठन सेवा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्त समाज और युवाओं के नेतृत्व विकास जैसे विषयों पर विशेष अभियान चलाएगा। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में इन मुद्दों पर व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


धर्म को लेकर दिए गए अपने बयान में अन्नामलाई ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से आस्था रखते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में सभी नागरिक समान हैं। उन्होंने कहा कि "सच्चा हिंदू किसी को ऊंचा या नीचा नहीं मानता। धर्म व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन उसे सार्वजनिक प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।"


सम्मेलन में नशा उन्मूलन, शराब की अवैध बिक्री पर रोक, शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकानों को बंद करने तथा युवाओं को नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करने जैसे कई प्रस्ताव पारित किए गए। बड़ी संख्या में उपस्थित छात्रों और युवाओं ने नशा विरोधी शपथ भी ली।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा से अलग होने के बाद अन्नामलाई का यह नया राजनीतिक रोडमैप आने वाले वर्षों में तमिलनाडु की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव भविष्य में संगठन के विस्तार और जनता के समर्थन पर निर्भर करेगा।

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