LPG Gas Cylinder Rules: 25, 30 और 45 दिन का नया नियम, नहीं माना तो कट सकता है गैस कनेक्शन
- धन्नाराम चौधरी

- 13 जुल॰
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भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 13 जुलाई, 2026 देशभर के करोड़ों एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए LPG Gas Cylinder Rules में अहम बदलाव किए गए हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग, रिफिलिंग और सरेंडर प्रक्रिया से जुड़े नए नियम लागू किए हैं। यदि उपभोक्ता इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनका गैस कनेक्शन ब्लॉक या टर्मिनेट भी किया जा सकता है। नए नियमों में 25 दिन, 30 दिन और 45 दिन की समय-सीमा तय की गई है, जिसका सीधा असर लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
नए नियमों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ता एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगले 25 दिनों से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं करा सकेंगे। यह नियम 5 किलोग्राम, 10 किलोग्राम और 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडरों पर लागू होगा। इसका उद्देश्य गैस की अनावश्यक खपत और कालाबाजारी पर रोक लगाना है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह समय सीमा 45 दिन निर्धारित की गई है। यानी गांवों में रहने वाले उपभोक्ता पिछले सिलेंडर की डिलीवरी या बुकिंग के 45 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर पाएंगे। कंपनियों का कहना है कि इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर गैस उपलब्ध हो सकेगी।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव उन उपभोक्ताओं के लिए है, जिन्होंने अपने घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लगवा लिया है। नए प्रावधानों के अनुसार, पीएनजी कनेक्शन शुरू होने के 30 दिनों के भीतर पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो संबंधित कनेक्शन पर कार्रवाई की जा सकती है और सेवा प्रभावित हो सकती है।
हालांकि नियमों का पालन करने वाले उपभोक्ताओं को राहत भी दी गई है। समय सीमा के भीतर एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने पर ट्रांसफर वाउचर दिया जाएगा। भविष्य में यदि उपभोक्ता ऐसे क्षेत्र में स्थानांतरित होते हैं, जहां पीएनजी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो इसी वाउचर के आधार पर एलपीजी कनेक्शन दोबारा आसानी से बहाल कराया जा सकेगा।
एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के लिए उपभोक्ता गैस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या संबंधित ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। प्रक्रिया के दौरान एलपीजी उपभोक्ता पुस्तिका, केवाईसी दस्तावेज, बैंक खाते की जानकारी, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सत्यापन के बाद डिस्ट्रीब्यूटर सिलेंडर और रेगुलेटर वापस लेकर सुरक्षा राशि उपभोक्ता के बैंक खाते में जमा करेगा।
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