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Waqf Board News: वक्फ बोर्ड पर मौलाना शहाबुद्दीन के गंभीर आरोप, संपत्तियों की जांच की उठाई मांग

  • Writer: Tic rocs
    Tic rocs
  • Jul 13
  • 2 min read
Three men sit at a table; the center man in a pink turban holds up a document before a yellow-green banner with Hindi text.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्फ संपत्तियों में कथित भ्रष्टाचार का दावा, मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच कराने की अपील

भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बरेली (उत्तर प्रदेश) | 13 जुलाई, 2026 उत्तर प्रदेश में Waqf Board News एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। बरेली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि वक्फ से जुड़ी मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों की संपत्तियों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। मौलाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि व्यापक जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।


मौलाना शहाबुद्दीन ने प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का सही उपयोग नहीं हुआ और पूर्ववर्ती शासनकाल में इनके प्रबंधन में गंभीर गड़बड़ियां हुईं। उन्होंने दावा किया कि इन संपत्तियों से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन कथित अनियमितताओं के कारण ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।


मौलाना ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जांच कराने का अनुरोध किया है। उनके अनुसार, जांच में मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों से जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन और उपयोग की भी समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला केवल छोटे स्तर की अनियमितताओं का नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़ा हो सकता है।


इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों और सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


विशेषज्ञों का मानना है कि वक्फ संपत्तियों का पारदर्शी और जवाबदेह प्रबंधन समाज के हित में आवश्यक है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होती है।

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