कांग्रेस सरकार पर भाजपा का बड़ा हमला, दीर्घकालिक टेंडरों पर उठाए सवाल
- धन्नाराम चौधरी

- 12 जुल॰
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भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 12 जुलाई, 2026 कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर दीर्घकालिक सरकारी टेंडर और बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के कार्यकाल में लगभग डेढ़ वर्ष शेष होने के बावजूद 30 वर्ष की अवधि वाले अनुबंध दिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं और संभावित अनियमितताओं की आशंका पैदा होती है। वहीं, राज्य भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने भी कांग्रेस सरकार पर पिछड़े वर्गों और कायका समुदायों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आर. अशोक ने कहा कि सरकार ने शहर की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) परियोजना के लिए 30 वर्षों का अनुबंध दिया है। उनके अनुसार, सरकार के सीमित शेष कार्यकाल को देखते हुए इतने लंबे समय के अनुबंधों की आवश्यकता और औचित्य पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टता होनी चाहिए।
उन्होंने प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर भी सरकार को घेरा। आर. अशोक का आरोप है कि इस परियोजना के लिए बड़ी मात्रा में उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित की जा सकती है, जिससे हजारों किसानों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि परियोजना की कार्यान्वयन अवधि लगभग 15 वर्ष बताई जा रही है, जबकि वर्तमान सरकार का कार्यकाल उससे कहीं कम शेष है। ऐसे में सरकार की जल्दबाजी कई सवाल खड़े करती है।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (KIADB) के माध्यम से लगभग 60,000 एकड़ कृषि भूमि के अधिग्रहण की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की सहमति और हितों का ध्यान नहीं रखा गया तो इसका व्यापक विरोध होगा।
इसी कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा ने पिछड़े वर्गों और कायका समुदायों के उत्थान के लिए अधिक कार्य किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सामाजिक न्याय के नाम पर राजनीति की, लेकिन जरूरतमंद वर्गों को अपेक्षित समर्थन नहीं दिया।
विजयेंद्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार में पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। उन्होंने कांग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति करने का भी आरोप लगाया और दावा किया कि जनता आगामी चुनावों में इसका जवाब देगी।
हालांकि, इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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