तुमकुरु स्कूल में करंट से छात्र की मौत, KEB अधिकारियों पर केस
- धन्नाराम चौधरी

- 12 जुल॰
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भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) तुमकुरु (कर्नाटक) | 12 जुलाई, 2026 कर्नाटक के तुमकुरु जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। कोरटागेरे तालुक के बोरप्पनहट्टी गांव स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय परिसर में खेल रहे 16 वर्षीय छात्र पुनीत की कथित रूप से बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि हाल की बारिश के कारण क्षतिग्रस्त बिजली लाइन से करंट रिसाव हुआ, जिसकी चपेट में आने से छात्र की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने संबंधित KEB (कर्नाटक बिजली विभाग) अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान रविकुमार के पुत्र पुनीत के रूप में हुई है, जो उरुकेरे के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र था। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार शाम लगभग 5:30 बजे पुनीत अपने दोस्तों के साथ स्कूल परिसर में पारंपरिक लट्टू (भंवरा) खेल रहा था। इसी दौरान वह कथित रूप से करंट प्रवाहित हो रहे हिस्से के संपर्क में आ गया और उसे तेज बिजली का झटका लगा।
स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे तुमकुरु के एक अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे से पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि स्कूल परिसर के पास क्षतिग्रस्त बिजली लाइन और उससे उत्पन्न खतरे की जानकारी पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों और बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
घटना के बाद ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और स्कूल परिसर की बिजली व्यवस्था की तत्काल जांच एवं मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित KEB अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही से मृत्यु का कारण बनने के आरोप में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है और प्रारंभिक तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
यह हादसा एक बार फिर स्कूल परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के मौसम में विद्युत लाइनों और उपकरणों का नियमित निरीक्षण अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके
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