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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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कर्नाटक कांग्रेस में उथल-पुथल, 24 विधायक दिल्ली रवाना

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
13 अप्रैल
2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, बेंगलूरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

बेंगलूरु। कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कैबिनेट फेरबदल की मांग को लेकर दो दर्जन से अधिक विधायक अचानक दिल्ली पहुंच गए हैं, जिससे राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं। इन विधायकों का उद्देश्य पार्टी हाईकमान से मिलकर मंत्रिमंडल में बदलाव की मंजूरी लेना है।


सूत्रों के अनुसार, विधायक अलग-अलग उड़ानों से दिल्ली पहुंचे और आगामी दो से तीन दिनों तक वहीं डेरा डालने की रणनीति बनाई है। वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व—मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, के. सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला—से मुलाकात कर अपनी मांगों को मजबूती से रखने की तैयारी में हैं।


दिल्ली पहुंचे विधायकों में एस.एन. सुब्बारेड्डी, सी. पुट्टरंगशेट्टी, हम्पनगौड़ा बदरली, डी.जी. शांतनगौड़ा, जे.टी. पाटिल, बसवराज शिवण्णा, ए.आर. कृष्णमूर्ति, प्रसाद अब्बय्या, यू.बी. बणकर, जी.एस. पाटिल, यशवंतराय गौड़ा पाटिल, षडाक्षरी, टी.बी. जयचंद्र, अशोक पट्टण, एस.एन. नारायणस्वामी, लक्ष्मण सवदी, अप्पाजी नाडगौड़ा, रिजवान अरशद, प्रिय कृष्णा, रमेश बंदीसिद्देगौड़ा, वी. शिवण्णा, नरेंद्र स्वामी, विनय कुलकर्णी और राघवेंद्र हित्नाल जैसे नाम शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन विधायकों ने इससे पहले भी मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या से मुलाकात कर मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की मांग रखी थी। अब वे हाईकमान से औपचारिक मंजूरी चाहते हैं ताकि नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सके। खासतौर पर दो से तीन बार जीत चुके वरिष्ठ विधायक मंत्री पद की दौड़ में खुद को मजबूत दावेदार मान रहे हैं।


इसी बीच, पहली बार निर्वाचित करीब 35 विधायकों का एक समूह भी सक्रिय हो गया है, जो कम से कम पांच नए चेहरों को मंत्री बनाने की मांग कर रहा है। इससे पार्टी के भीतर दबाव और बढ़ गया है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या सीमित फेरबदल के पक्ष में हैं और कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाकर नए चेहरों को मौका देना चाहते हैं। हालांकि, उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार का रुख इससे अलग बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, वे पहले नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर स्पष्ट निर्णय चाहते हैं। ऐसे में कैबिनेट फेरबदल और नेतृत्व बदलाव की बहस ने पार्टी के भीतर दो धाराओं को जन्म दे दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस हाईकमान कैबिनेट फेरबदल को हरी झंडी देता है, तो यह इस बात का संकेत होगा कि मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या अपना पूरा कार्यकाल पूरा कर सकते हैं। वहीं, इससे शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं को बड़ा झटका लग सकता है। कुल मिलाकर, दिल्ली में चल रही इस हलचल ने कर्नाटक कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। अब सबकी निगाहें पार्टी हाईकमान के फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में राज्य की सियासत की दिशा तय करेगा।

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