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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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ओवैसी-कबीर गठबंधन पर सियासत तेज, सिद्दीकी ने जनता को किया आगाह

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
11 अप्रैल
2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

मुंबई। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी अपने चरम पर पहुंच गई है। इसी क्रम में एनसीपी (एसपी) के नेता नसीम सिद्दीकी ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और जन उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर पर तीखा हमला बोलते हुए बंगाल की जनता को उनसे सतर्क रहने की अपील की है।


मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए सिद्दीकी ने कहा कि ओवैसी और कबीर का गठबंधन टूटना इस बात का संकेत है कि उनकी राजनीति में स्थिरता और विश्वसनीयता का अभाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर भारतीय जनता पार्टी के इशारों पर काम कर रहे हैं। सिद्दीकी ने यहां तक कहा कि कबीर के बयानों और गतिविधियों से उनकी भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। सिद्दीकी ने बाबरी मस्जिद के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह के संवेदनशील विषयों को उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने वाले नेता समाज को गुमराह करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मांगें न केवल अव्यावहारिक हैं, बल्कि इससे सांप्रदायिक तनाव भी बढ़ सकता है। उन्होंने ओवैसी पर भी निशाना साधते हुए उन्हें भाजपा की “टीम” करार दिया और आरोप लगाया कि उनकी राजनीति अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को लाभ पहुंचाती है।


वहीं, कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दीकी ने कहा कि किसी भी मतदाता का अपमान लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि वोट देना हर नागरिक का अधिकार है और इसे किसी भी आधार पर कमतर नहीं आंका जा सकता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी कोशिश रहेगी कि लोग सांप्रदायिक नहीं, बल्कि सेक्युलर और विकास आधारित सोच के साथ मतदान करें। मालेगांव धमाका मामले का जिक्र करते हुए सिद्दीकी ने कहा कि यह एक गंभीर और दुखद घटना थी, जिसने देश को झकझोर कर रख दिया था। उन्होंने कहा कि यदि दिवंगत एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे की शहादत न हुई होती, तो मामले की सच्चाई पहले ही सामने आ सकती थी। उन्होंने हाल ही में कर्नल श्रीकांत पुरोहित को बरी होने के बाद पदोन्नति मिलने पर भी सवाल उठाए और सरकार से पारदर्शिता की मांग की।


सिद्दीकी ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि देश के नागरिकों का विश्वास धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान सरकार बदलती है, तो पिछले दो दशकों में हुए सभी बड़े विस्फोटों और उनकी जांचों की पुनः समीक्षा कराई जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल में इस तरह के तीखे बयान यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और भी तेज होने वाले हैं।

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