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कलबी समाज की बेटी रेखा चौधरी बनी कस्टम ऑफिसर, समाज में खुशी की लहर

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 2 days ago
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

चेन्नई। चौधरी कलबी समाज के लिए गर्व का क्षण तब बना जब आहोर क्षेत्र के पिलास वागोतरा निवासी जगाराम की सुपुत्री रेखा चौधरी ने एसएससी सीजीएल परीक्षा उत्तीर्ण कर कस्टम ऑफिसर के पद पर चयन प्राप्त किया। इस उपलब्धि के साथ रेखा चौधरी समाज की पहली छात्रा बन गई हैं, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर नया इतिहास रचा है।

रेखा चौधरी शुरू से ही मेधावी और प्रतिभाशाली छात्रा रही हैं। उनकी कड़ी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उनकी इस सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरा समाज गौरवान्वित महसूस कर रहा है। चेन्नई सहित विभिन्न स्थानों पर निवास कर रहे समाजबंधुओं में खुशी की लहर है और सभी ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।


समाज के गणमान्य लोगों ने बताया कि रेखा चौधरी की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। वे भविष्य में समाज के विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देकर उन्हें भी उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर प्रेरित करेंगी। चेन्नई में चौधरी कलबी समाज द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों सम्मान समारोह आयोजित हर वर्ष करते हैं जिसमें रेखा चौधरी को विशेष प्रतिभाशाली छात्रा के रूप में सम्मानित किया गया था आज समाज के लोगों ने इसे एक प्रेरणादायक पहल बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के प्रति रुचि बढ़ी है। समाज के प्रबुद्धजनों ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया कि आज के समय में केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। यूपीएससी, एसएससी सीजीएल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विशेष रूप से लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता है। केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलने के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी बेहतर अवसर उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाया जाना चाहिए।


उन्होंने यह भी चिंता जताई कि कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी 10वीं या 12वीं के बाद उचित मार्गदर्शन के अभाव में अपने करियर की सही दिशा नहीं चुन पाते और पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित रह जाते हैं। ऐसे में समाज की संस्थाओं, शिक्षाविदों और जागरूक नागरिकों को आगे आकर विद्यार्थियों व अभिभावकों को समय पर सही मार्गदर्शन देना चाहिए। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम के तुरंत बाद मार्गदर्शन शिविर और संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को सही दिशा मिल सके। केवल प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रतिभा का वास्तविक सम्मान तभी होगा जब उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। रेखा चौधरी की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही दिशा, मेहनत और आत्मविश्वास हो तो किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। समाज को उनसे नई प्रेरणा मिली है और उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी बेटियां इसी तरह सफलता की नई ऊंचाइयों को छुएंगी।उपरोक्त जानकारी दिनेश जी कराड़ ने दी।

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