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असम चुनाव से पहले बड़ा दलबदल: अमीनुल इस्लाम कांग्रेस में शामिल, बदरुद्दीन के बाद थे एआईयूडीएफ के ‘नंबर दो’

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 2 days ago
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। मनकचर से विधायक अमीनुल इस्लाम ने ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट छोड़कर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दामन थाम लिया है। कभी एआईयूडीएफ में बदरुद्दीन अजमल के बाद ‘नंबर दो’ की हैसियत रखने वाले इस्लाम का यह कदम चुनावी समीकरणों पर बड़ा असर डाल सकता है। बुधवार को उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान राज्य कांग्रेस नेतृत्व भी मौजूद रहा।


उतार-चढ़ाव भरा रहा राजनीतिक सफर

अमीनुल इस्लाम का हालिया राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। एआईयूडीएफ से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने असम गण परिषद में शामिल होने का मन बनाया था, लेकिन टिकट नहीं मिलने के कारण वहां उनका सफर बेहद छोटा साबित हुआ। अंततः उन्होंने कांग्रेस को अपना नया ठिकाना चुना।


कांग्रेस नेताओं से मुलाकात को बताया ‘सार्थक’

कांग्रेस में शामिल होने के बाद इस्लाम ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गौरव गोगोई, जितेंद्र सिंह और भूपेश बघेल के साथ हुई मुलाकात को “सार्थक और सौहार्दपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा कि यह चर्चा मनकचर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण रही और इससे एक नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत होगी।


एआईयूडीएफ ने किया था 6 साल के लिए निलंबित

गौरतलब है कि मार्च महीने में एआईयूडीएफ ने अमीनुल इस्लाम को छह साल के लिए निलंबित कर दिया था। पार्टी के महासचिव हाफिज बशीर अहमद द्वारा जारी आदेश में इस्लाम पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और संगठन के हितों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे।


चुनावी मुकाबला होगा सीधा

असम में आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और कांग्रेस के बीच होने की संभावना है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस सत्ता परिवर्तन का दावा कर रही है।

भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, राज्य की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को की जाएगी।


राजनीतिक समीकरणों पर असर संभव

विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में प्रभाव रखने वाले अमीनुल इस्लाम के कांग्रेस में शामिल होने से चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। इससे कांग्रेस को कुछ क्षेत्रों में मजबूती मिल सकती है, वहीं एआईयूडीएफ को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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