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चीनी मिल चालू नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा: गन्ना उत्पादक संघ की चेतावनी

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 1
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

मैंसूरु। कर्नाटक राज्य गन्ना उत्पादक संघ ने चुंचनाकाट्टे स्थित श्रीराम सहकारी चीनी मिल को शीघ्र शुरू करने की मांग को लेकर सरकार को कड़ा संदेश दिया है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मिल को आगामी जून या जुलाई तक पुनः चालू नहीं किया गया, तो केआर नगर तालुका से लेकर जिला स्तर तक व्यापक और उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।


सोमवार को आयोजित संघ की महिला शाखा के नवनियुक्त पदाधिकारियों के अभिनंदन समारोह में राज्य उपाध्यक्ष अंकनाहल्ली थिम्मप्पा ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि करीब चार वर्ष पहले निरानी समूह के साथ समझौता होने और एक वर्ष पूर्व पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो जाने के बावजूद मिल अब तक बंद पड़ी है, जो किसानों के साथ गंभीर अन्याय है।


थिम्मप्पा ने बताया कि मिल बंद रहने के कारण क्षेत्र के गन्ना उत्पादकों को अपनी फसल 200 से 300 किलोमीटर दूर स्थित अन्य चीनी मिलों तक ले जानी पड़ रही है। इससे परिवहन लागत में भारी वृद्धि हो रही है और किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते खर्च के चलते कई किसान कर्ज के जाल में धकेले जा रहे हैं।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद, उनके गृह जिले में इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। “यदि सरकार केवल गारंटी योजनाओं पर ही ध्यान केंद्रित करती रही, तो किसानों की स्थिति और बदतर हो जाएगी,” उन्होंने कहा।


संघ ने स्थानीय विधायक डी. रविशंकर और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर मिल को जून-जुलाई तक पुनः शुरू करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि समयसीमा के भीतर कोई कदम नहीं उठाया गया, तो मांड्या तक गन्ने के परिवहन को रोक दिया जाएगा और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।


गन्ना उत्पादक संघ के इस अल्टीमेटम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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