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कोलकाता में चुनावी संग्राम: निर्वाचन कार्यालय के बाहर बीजेपी–टीएमसी भिड़ंत, वाहनों में तोड़फोड़

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Mar 31
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजधानी कोलकाता में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया, जब मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


घटना मंगलवार दोपहर की है, जब मतदाता सूची में कथित हेरफेर के विरोध में दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए कड़ा हस्तक्षेप करना पड़ा।


मतदाता सूची विवाद बना टकराव की वजह

जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ मतदाता सूची में फॉर्म-6 के कथित दुरुपयोग को लेकर है। टीएमसी समर्थकों का आरोप है कि बीजेपी द्वारा अन्य राज्यों के लोगों को अवैध रूप से पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में शामिल कराने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है।


शुभेंदु अधिकारी का दौरा, बढ़ा तनाव

घटना से पहले राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए उन पर राज्य में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उनके जाने के कुछ ही समय बाद प्रदर्शन उग्र हो गया।


अभिषेक बनर्जी का बड़ा आरोप

टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि केवल एक दिन में करीब 30,000 फॉर्म-6 जमा किए गए, जो संदिग्ध हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ करार दिया।


मुख्यमंत्री की चुनाव आयोग से शिकायत

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने और कथित अनियमितताओं की जांच कराने पर जोर दिया।


हिंसा और तोड़फोड़ से दहशत

झड़प के दौरान गुस्साए कार्यकर्ताओं ने मौके पर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस के साथ भी प्रदर्शनकारियों की धक्का-मुक्की हुई। हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी।


सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद चुनावी माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।


आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी

टीएमसी का आरोप है कि उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमला किया, जबकि बीजेपी ने इसे टीएमसी का “चुनावी ड्रामा” बताते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया है।

इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ती कटुता और चुनावी हिंसा को उजागर कर दिया है, जिससे निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने की चुनौती और बड़ी हो गई है।

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