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डार्क वेब के सहारे 1100 ठिकानों को बम से उड़ाने की धमकी, आरोपी लुईस श्रीनिवास गिरफ्तार

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 1
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नई दिल्ली/मैसूर। देश की सुरक्षा एजेंसियों को उस समय बड़ी सफलता मिली जब सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, पुलिस थानों और अन्य संवेदनशील संस्थानों सहित 1100 से अधिक स्थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी लुईस श्रीनिवास को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल आरोपी दिल्ली पुलिस की छह दिन की रिमांड पर है और उससे गहन पूछताछ जारी है।


जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्यों के अनुसार, आरोपी ने देशभर में दहशत फैलाने के उद्देश्य से 50 से अधिक फर्जी ईमेल आईडी बनाईं और इनके माध्यम से धमकी भरे संदेश भेजे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी डार्क वेब का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने में माहिर था और IP एड्रेस ट्रैकिंग से बचने के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग करता था।


न्याय व्यवस्था से नाराजगी बनी वजह

प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी निजी कारणों से न्याय व्यवस्था से असंतुष्ट था। मैसूर में जमीन विवाद के चलते उसके परिवार को कथित रूप से न्याय नहीं मिल पाया, जिससे वह मानसिक रूप से आक्रोशित हो गया। इसी वजह से उसने कानून की पढ़ाई करने की इच्छा भी जताई थी, लेकिन बाद में न्यायिक प्रक्रिया से निराश होकर उसने यह खौफनाक कदम उठाया।


उच्च शिक्षित है आरोपी

पुलिस के अनुसार, लुईस श्रीनिवास एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति है। वह NET क्वालिफाइड है और असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य कर चुका है। उसने बीए, एमए और एमबीए जैसी डिग्रियां हासिल की हैं। इसके बावजूद उसने अपनी तकनीकी जानकारी का दुरुपयोग कर इस तरह की आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया।


मोबाइल फोन से भेजे गए अधिकांश ईमेल

जांच एजेंसियों ने बताया कि आरोपी ने अधिकांश धमकी भरे ईमेल अपने मोबाइल फोन के जरिए भेजे। उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस टीम आरोपी को मैसूर भी लेकर गई, जहां से अहम डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।


देश-विदेश तक फैला नेटवर्क

आरोपी द्वारा भेजे गए ईमेल केवल भारत तक सीमित नहीं थे, बल्कि उसने पाकिस्तान में भी धमकी भरे संदेश भेजे थे। ये ईमेल कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा में लिखे गए थे और एक ही दिन में कई स्थानों पर भेजे जाते थे।


सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, जांच जारी

दिल्ली पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के डिजिटल नेटवर्क, संपर्कों और संभावित सहयोगियों की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि तकनीक का दुरुपयोग किस तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। सुरक्षा एजेंसियां अब ऐसे मामलों से निपटने के लिए और अधिक सतर्क और सशक्त रणनीति पर काम कर रही हैं।

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