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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

22अक्टूबर /2026 /गुरुवार

बेंगलुरु, 22 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की संभावित शुरुआत राहत भरी खबर हो सकती है। दक्षिण पश्चिम रेलवे की ओर से 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर इस मार्ग पर उद्घाटन विशेष सेवा शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया है। हालांकि, नियमित परिचालन, अंतिम समय-सारणी, ठहराव और किराये को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

बेंगलुरु, 22 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की संभावित शुरुआत राहत भरी खबर हो सकती है। दक्षिण पश्चिम रेलवे की ओर से 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर इस मार्ग पर उद्घाटन विशेष सेवा शुरू करने का प्रस्ताव सामने आया है। हालांकि, नियमित परिचालन, अंतिम समय-सारणी, ठहराव और किराये को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

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  • विजय के बदले तेवर! दूसरी बार मोदी से मिले तमिलनाडु CM

    सत्ता संभालते ही बदला राजनीतिक अंदाज, BJP पर सीधा हमला करने से भी बचे सीएम विजय प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान तमिलनाडु CM विजय ने दिखाए बदले राजनीतिक तेवर | भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली/चेन्नई | 12 जून, 2026| तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव साफ दिखाई देने लगा है। हाल ही में मुख्यमंत्री बने सी जोसेफ विजय ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। खास बात यह रही कि एक महीने के भीतर पीएम मोदी के साथ उनकी यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को वैचारिक विरोधी बताने वाले विजय अब केंद्र सरकार के प्रति कहीं अधिक संतुलित और व्यावहारिक रुख अपनाते नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री विजय गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए। यह कदम पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार के रवैये से बिल्कुल अलग माना जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन केंद्र सरकार पर तमिलनाडु के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए लगातार नीति आयोग की बैठकों का बहिष्कार करते रहे थे, लेकिन विजय ने टकराव की बजाय संवाद की राजनीति को प्राथमिकता दी। नीति आयोग की बैठक के बाद मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग से मुलाकात भी की। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान राज्य के लिए वित्तीय सहायता, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, मेकेदातू जल विवाद और विकास योजनाओं को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्र से तमिलनाडु की कई लंबित परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग की। बैठक में विजय ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET का मुद्दा भी मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने मांग की कि तमिलनाडु को MBBS, BDS और AYUSH पाठ्यक्रमों की राज्य कोटे की सीटें 12वीं के अंकों के आधार पर भरने की अनुमति दी जाए। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा विजय के बदले हुए राजनीतिक तेवरों की हो रही है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा पर तीखे हमले करने वाले विजय अब केंद्र सरकार पर सीधे हमले से बचते दिखाई दे रहे हैं। यहां तक कि NEET विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी उन्होंने भाजपा या प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाने से परहेज किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय अब व्यावहारिक राजनीति की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। केंद्र के साथ टकराव की बजाय सहयोगात्मक रवैया अपनाकर वे तमिलनाडु के लिए ज्यादा विकास परियोजनाएं हासिल करना चाहते हैं। इससे राज्य और केंद्र के संबंधों में नई नरमी देखने को मिल सकती है। राजनीतिक जानकार इसे तमिलनाडु की राजनीति में एक नई रणनीतिक शुरुआत मान रहे हैं, जहां आक्रामक विपक्षी राजनीति की जगह अब संतुलित और परिणाम आधारित राजनीति को प्राथमिकता मिलती दिख रही है। Fact Box - मुख्यमंत्री: सी जोसेफ विजय - पीएम मोदी से मुलाकात: एक महीने में दूसरी बार - मुख्य मुद्दे: NEET, मेकेदातू विवाद, विकास परियोजनाएं - बैठक: नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल - पूर्व CM का रुख: नीति आयोग बैठकों का बहिष्कार - विजय का रुख: केंद्र से सहयोगात्मक संबंध FAQ Section सवाल 1: मुख्यमंत्री विजय ने पीएम मोदी से क्या चर्चा की? उन्होंने राज्य की विकास परियोजनाओं, वित्तीय सहायता और मेकेदातू जल विवाद पर चर्चा की। सवाल 2: विजय का रुख स्टालिन से अलग क्यों माना जा रहा? क्योंकि स्टालिन नीति आयोग बैठकों का बहिष्कार करते थे, जबकि विजय ने बैठक में भाग लिया। सवाल 3: NEET पर विजय ने क्या कहा? उन्होंने कहा कि NEET ग्रामीण और गरीब छात्रों के लिए नुकसानदायक है। सवाल 4: क्या विजय ने भाजपा पर हमला किया? नहीं, उन्होंने भाजपा या केंद्र सरकार पर सीधा हमला करने से परहेज किया। निष्कर्ष: सी जोसेफ विजय का बदला हुआ राजनीतिक रवैया तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत दे रहा है। केंद्र के साथ सहयोगात्मक संबंध बनाकर वे राज्य के विकास को प्राथमिकता देते नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह रणनीति तमिलनाडु की राजनीति और राष्ट्रीय समीकरण दोनों पर असर डाल सकती है। News Source: यह समाचार नीति आयोग बैठक, राजनीतिक सूत्रों और विभिन्न राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। अब आपकी बारी! इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार। सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें। Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे। ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ |

  • Uddhav Thackeray Crisis: फिर टूट सकती है उद्धव की पार्टी

    शिंदे गुट के संपर्क में बताए जा रहे उद्धव ठाकरे के 7 सांसद, महाराष्ट्र की राजनीति में फिर बढ़ी हलचल उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में फिर बढ़ी हलचल। भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) मुंबई | 11 जून 2026| Uddhav Thackeray Crisis को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वर्ष 2022 में हुई ऐतिहासिक बगावत के बाद अब फिर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) में टूट की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, उद्धव गुट के सात सांसद जल्द ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार 7 जून को नई दिल्ली में एकनाथ शिंदे और ठाकरे गुट के कुछ सांसदों के बीच एक गुप्त बैठक हुई थी। इस बैठक में कथित तौर पर सांसदों को राजनीतिक भविष्य और बड़े पदों को लेकर विशेष प्रस्ताव दिए गए। यही वजह है कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सत्ता समीकरण बदलने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। चर्चा यह भी है कि संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान ठाकरे गुट के एक सांसद को मंत्री पद दिलाने का आश्वासन दिया गया है। इसके अलावा अन्य सांसदों को भी संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने की बात कही गई है। सूत्रों का दावा है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे पिछले छह महीनों से उद्धव गुट के सांसदों के लगातार संपर्क में हैं। दिल्ली में कई दौर की बैठकों के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा और तेज हो गई है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी को फिर बड़ा झटका लग सकता है। बताया जा रहा है कि उद्धव गुट के कुल 9 सांसदों में से मुंबई के दो सांसदों को छोड़कर बाकी सात सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं। दिल्ली दौरे के दौरान एकनाथ शिंदे की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात को भी बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाकात में महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक स्थिति और संभावित दल-बदल पर चर्चा हुई हो सकती है। वहीं, यदि केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो शिंदे गुट के सांसद श्रीकांत शिंदे को मंत्री बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि अभी तक न तो उद्धव ठाकरे गुट और न ही शिंदे गुट की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि की गई है। लेकिन लगातार सामने आ रही राजनीतिक गतिविधियों ने महाराष्ट्र की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना दो हिस्सों में बंट गई थी। अब यदि सांसदों का यह संभावित टूट सच साबित होती है तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। Fact Box उद्धव गुट के 7 सांसदों के शिंदे गुट में जाने की चर्चा दिल्ली में हुई थी गुप्त बैठक केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह देने का दावा अमित शाह से भी मिले एकनाथ शिंदे उद्धव गुट के कुल 9 सांसद हैं महाराष्ट्र की राजनीति में फिर बढ़ी हलचल FAQ Section Q1. उद्धव ठाकरे गुट के कितने सांसद टूट सकते हैं? सूत्रों के अनुसार 7 सांसद शिंदे गुट के संपर्क में बताए जा रहे हैं। Q2. क्या दिल्ली में कोई गुप्त बैठक हुई थी? राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक 7 जून को दिल्ली में एकनाथ शिंदे और कुछ सांसदों के बीच बैठक हुई थी। Q3. क्या केंद्रीय मंत्री पद का ऑफर दिया गया? सूत्रों का दावा है कि एक सांसद को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह देने का आश्वासन दिया गया। Q4. क्या इन दावों की आधिकारिक पुष्टि हुई है? नहीं, अभी तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। निष्कर्ष: Uddhav Thackeray Crisis ने महाराष्ट्र की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। यदि उद्धव ठाकरे गुट के सांसद शिंदे गुट में शामिल होते हैं, तो यह राज्य की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की सियासत में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं। News Source: राजनीतिक सूत्र, दिल्ली एवं मुंबई मीडिया रिपोर्ट्स आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? क्या उद्धव ठाकरे की पार्टी में फिर बड़ी टूट हो सकती है? क्या महाराष्ट्र की राजनीति में फिर नया सत्ता संतुलन बनने जा रहा है? अब आपकी बारी! इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार। सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें। Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे। ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

  • TMC-Congress Merger: ममता लौटीं, अभिषेक दिल्ली में डटे

    सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकातों के बाद बंगाल की राजनीति में तेज हुई सियासी हलचल, TMC-कांग्रेस विलय की चर्चाओं ने पकड़ा जोर दिल्ली में कांग्रेस नेताओं से मुलाकात के बाद ममता और अभिषेक बनर्जी की राजनीतिक गतिविधियों ने बढ़ाई हलचल। भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) कोलकाता/नई दिल्ली | 11 जून 2026| पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। TMC-Congress Merger को लेकर चर्चाएं अचानक तेज हो गई हैं। दिल्ली में लगातार दो दिनों तक हाईप्रोफाइल बैठकों के बाद ममता बनर्जी अकेले कोलकाता लौट आईं, जबकि उनके भतीजे और तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी अभी भी दिल्ली में डटे हुए हैं। इसी घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों और संभावित गठबंधन की अटकलों को और हवा दे दी है। मंगलवार को ममता बनर्जी की कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात हुई थी। इसके अगले दिन अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से अलग से बैठक की। इन बैठकों के बाद राजनीतिक विश्लेषक इसे सिर्फ सामान्य राजनीतिक मुलाकात नहीं मान रहे, बल्कि बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति में संभावित बड़े बदलाव की आहट के रूप में देख रहे हैं। दिल्ली से लौटने के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों ने जब ममता बनर्जी से कांग्रेस में संभावित विलय को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बिना कुछ बोले सीधे कार में बैठकर रवाना हो जाने से सियासी चर्चाएं और तेज हो गईं। गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने वर्ष 1998 में कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी। उस समय उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर पश्चिम Bengal में वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ प्रभावी आंदोलन न चलाने का आरोप लगाया था। अब लगभग तीन दशक बाद फिर से TMC और कांग्रेस के रिश्तों को लेकर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। हालांकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने विलय की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि उनका गुट ही असली तृणमूल कांग्रेस है और पार्टी के कांग्रेस में विलय का कोई सवाल नहीं उठता। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने साफ संकेत दिए कि कांग्रेस में वापसी चाहने वालों को राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करना होगा। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आगामी चुनावों और विपक्षी राजनीति की नई रणनीति को देखते हुए TMC और कांग्रेस के बीच रिश्तों में नजदीकी बढ़ सकती है। हालांकि अभी तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दिल्ली में हुई बैठकों ने राष्ट्रीय राजनीति का तापमान जरूर बढ़ा दिया है। Fact Box ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस छोड़कर TMC बनाई थी दिल्ली में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से अलग-अलग मुलाकातें हुईं अभिषेक बनर्जी अभी भी दिल्ली में मौजूद TMC-Congress Merger को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज कांग्रेस नेताओं ने विलय पर सशर्त प्रतिक्रिया दी FAQ Section Q1. क्या TMC का कांग्रेस में विलय होने जा रहा है? फिलहाल किसी भी पार्टी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन हालिया बैठकों के बाद चर्चाएं तेज हैं। Q2. अभिषेक बनर्जी दिल्ली में क्यों रुके हुए हैं? राहुल गांधी से मुलाकात के बाद राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं। Q3. ममता बनर्जी ने TMC कब बनाई थी? उन्होंने 1 जनवरी 1998 को कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी। Q4. कांग्रेस ने विलय को लेकर क्या कहा? कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वापसी करने वालों को राहुल गांधी का नेतृत्व स्वीकार करना होगा। निष्कर्ष: दिल्ली में हुई हाई-प्रोफाइल राजनीतिक मुलाकातों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ममता बनर्जी की चुप्पी और अभिषेक बनर्जी की दिल्ली में मौजूदगी ने TMC-Congress Merger की अटकलों को और मजबूत कर दिया है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह सिर्फ राजनीतिक रणनीति है या भारतीय राजनीति में किसी बड़े बदलाव की शुरुआत। News Source: राजनीतिक सूत्र, दिल्ली एवं कोलकाता मीडिया रिपोर्ट्स आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? क्या TMC और कांग्रेस का संभावित गठबंधन बंगाल की राजनीति बदल देगा? क्या विपक्षी एकता को इससे नई ताकत मिलेगी? अब आपकी बारी! इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार।सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें। Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे। ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

  • Viksit Bharat 2047: नीति आयोग की आज अहम बैठक

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मानव विकास, AI गवर्नेंस और पोषण सुधार पर होगा बड़ा मंथन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक में विकसित भारत 2047 के रोडमैप पर मंथन होगा| भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 11 जून 2026| Viksit Bharat 2047 के विजन को लेकर आज देश की सबसे अहम नीति बैठक होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित होगी। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक का मुख्य फोकस “विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास” पर रहेगा। बैठक में चार बड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा की जाएगी, जिनमें मजबूत मानव पूंजी, भविष्य के अनुरूप कौशल विकास, रोजगार आधारित विकेंद्रीकृत विकास, स्वास्थ्य-पोषण और सभी के लिए समानता व गरिमा शामिल हैं। नीति आयोग की ओर से तैयार एजेंडा के अनुसार प्रारंभिक शिक्षा, स्कूली शिक्षा, कौशल विकास, उच्च शिक्षा और खेल गतिविधियों को मानव विकास के प्रमुख आधार के रूप में रखा गया है। इस बार बैठक की सबसे खास बात यह है कि सभी मुख्यमंत्रियों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रमुखों को अपनी प्रस्तुति के लिए केवल सात मिनट का समय दिया जाएगा। ऑन-स्क्रीन टाइमर के जरिए समय की निगरानी होगी और लंबे प्रस्तुतिकरणों को स्वतः “रीड” माना जाएगा। राज्यों को डेटा गवर्नेंस, योजनाओं के प्रभावी इंप्लिमेंटेशन और स्थानीय प्रशासन में Artificial Intelligence (AI) के उपयोग पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन से निकले 136 कार्य बिंदुओं की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की जाएगी। इनमें से 11 बिंदुओं पर कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि 77 पर तेजी से काम जारी है। इनकी निगरानी एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। आंगनवाड़ी और स्कूलों के एकीकरण को लेकर भी महत्वपूर्ण रणनीति तैयार की जाएगी। UDISE+ 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार देशभर में 2.9 लाख आंगनवाड़ी केंद्र पहले से ही स्कूल परिसरों में संचालित हो रहे हैं। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 30 हजार नए केंद्र स्कूल परिसरों से जोड़े गए हैं। इसका उद्देश्य बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और स्कूल संक्रमण दर को बेहतर बनाना है। जनवरी 2026 में लॉन्च किए गए ‘पंखुड़ी पोर्टल’ की प्रगति भी बैठक का प्रमुख एजेंडा है। यह पोर्टल कॉरपोरेट क्षेत्र, एनजीओ और प्रवासी भारतीयों को आंगनवाड़ी केंद्रों के उन्नयन से जोड़ता है। अब तक करीब 70 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए CSR सहयोग प्राप्त हो चुका है। बैठक में बाल कुपोषण में आई कमी को भी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया जाएगा। नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच स्टंटिंग, अंडरवेट और वेस्टिंग के आंकड़ों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार क्षेत्रीय पोषण योजनाएं और 19,500 नई पोषण वाटिकाएं इसके पीछे प्रमुख कारण हैं। Fact Box नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक आज अध्यक्षता करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य विषय: “विकसित भारत @2047” CM और प्रशासकों को मिलेगा केवल 7 मिनट AI गवर्नेंस और पोषण योजनाओं पर रहेगा फोकस 70 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों को CSR सहयोग FAQ Section Q1. नीति आयोग की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है? विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना। Q2. बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी? शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और AI आधारित प्रशासन पर चर्चा होगी। Q3. ‘पंखुड़ी पोर्टल’ क्या है? यह पोर्टल आंगनवाड़ी केंद्रों के विकास के लिए CSR और सामाजिक सहयोग को जोड़ने का डिजिटल प्लेटफॉर्म है। Q4. बैठक में मुख्यमंत्रियों को कितना समय मिलेगा? प्रत्येक मुख्यमंत्री और प्रशासक को प्रस्तुति के लिए केवल 7 मिनट दिए जाएंगे। निष्कर्ष: Viksit Bharat 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आज की नीति आयोग बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मानव विकास, AI आधारित प्रशासन, शिक्षा और पोषण जैसे क्षेत्रों में केंद्र और राज्यों के बीच मजबूत समन्वय देश की भविष्य की दिशा तय कर सकता है। इस बैठक से निकलने वाले फैसले आने वाले वर्षों में भारत के विकास मॉडल को नई गति दे सकते हैं। News Source: नीति आयोग एजेंडा दस्तावेज, सरकारी रिपोर्ट्स एवं मीडिया इनपुट आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? क्या विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तय समय में हासिल किया जा सकता है? क्या AI और मानव विकास पर केंद्रित यह रणनीति देश की तस्वीर बदल पाएगी? अब आपकी बारी! इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार। सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें। Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे। ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

  • Darbhanga Boat Accident: कोसी नदी में पलटी नाव, 4 लापता

    मूंग की फसल तोड़ने जा रहे ग्रामीणों से भरी नाव तेज धारा में पलटी, SDRF चला रही बड़ा सर्च ऑपरेशन दरभंगा के किरतपुर में कोसी नदी में नाव पलटने के बाद SDRF टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी। भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) दरभंगा | 11 जून 2026| Darbhanga Boat Accident ने बिहार में एक बार फिर नदी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरभंगा जिले के किरतपुर स्थित कोसी नदी में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब ग्रामीणों से भरी एक छोटी नाव तेज धारा में पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। नाव में कुल नौ लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे में पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि चार लोग अब भी लापता हैं। जानकारी के मुताबिक सभी ग्रामीण नाव के जरिए नदी पार कर खेतों में मूंग की फसल तोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान तरबारा स्पर के पास अचानक कोसी नदी की तेज धारा में नाव असंतुलित हो गई और देखते ही देखते पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाव छोटी थी और उसमें क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिससे हादसा और गंभीर हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। SDRF जवान रवींद्र कुमार ने बहादुरी दिखाते हुए सात लोगों को नदी से सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि तीन महिलाएं और एक किशोरी तेज बहाव में बह गईं, जिनकी तलाश अभी भी जारी है। लापता लोगों में जमालपुर थाना क्षेत्र के तरवाड़ा निवासी शिवशंकर यादव की पत्नी कंचन देवी, कुबौल मुसहरी निवासी राजाराम सदा की पत्नी अमीरा देवी और देबू सदा की 11 वर्षीय पुत्री नेहा कुमारी शामिल हैं। प्रशासन ने फिलहाल अन्य लापता लोगों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना के बाद बिरौल के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) शशांक राज और SDPO प्रभाकर तिवारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी की। अधिकारियों के अनुसार SDRF की अतिरिक्त टीमों को भी तैनात किया गया है ताकि लापता लोगों को जल्द खोजा जा सके। इस हादसे ने बिहार में अवैध और मानकों के विपरीत चल रही नावों के संचालन को लेकर फिर बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक निगरानी की कमी के कारण क्षमता से अधिक लोगों को नावों में बैठाया जाता है, जिससे हर साल ऐसे हादसे सामने आते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले 6 जून को पश्चिम चंपारण के नौतन में भी नाव पलटने की घटना हुई थी, जिसमें पांच लोग डूब गए थे। लगातार हो रहे ऐसे हादसे नदी क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल रहे हैं। Fact Box दरभंगा के किरतपुर में कोसी नदी में नाव पलटी नाव में कुल 9 लोग थे सवार 5 लोगों को सुरक्षित निकाला गया 4 लोग अब भी लापता SDRF चला रही सर्च ऑपरेशन महिलाएं और बच्चे थे नाव में सवार FAQ Section Q1. दरभंगा नाव हादसा कहां हुआ? यह हादसा दरभंगा जिले के किरतपुर स्थित कोसी नदी में तरबारा स्पर के पास हुआ। Q2. नाव में कितने लोग सवार थे? नाव में कुल 9 लोग सवार थे। Q3. कितने लोग लापता हैं? हादसे में 4 लोग लापता बताए जा रहे हैं। Q4. बचाव कार्य कौन कर रहा है? SDRF और स्थानीय पुलिस की टीम राहत एवं बचाव अभियान चला रही है। निष्कर्ष: Darbhanga Boat Accident ने एक बार फिर नदी सुरक्षा और अवैध नाव संचालन की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। लगातार हो रहे ऐसे हादसे प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। फिलहाल SDRF की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं और पूरे इलाके में राहत कार्य जारी है। News Source: स्थानीय प्रशासन, SDRF टीम एवं प्रत्यक्षदर्शियों से प्राप्त जानकारी आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? क्या नदी क्षेत्रों में नाव संचालन के लिए और सख्त नियम लागू होने चाहिए? क्या प्रशासनिक लापरवाही ऐसे हादसों की बड़ी वजह है? अब आपकी बारी! इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार। सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें। Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे। ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

  • Bengaluru Weather: बेंगलुरु में भारी बारिश का अलर्ट

    तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश की चेतावनी, कर्नाटक के कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी बेंगलुरु में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया। भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 11 जून 2026| Bengaluru Weather को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बेंगलुरु समेत कर्नाटक के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। लगातार सक्रिय हो रहे दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक 10 जून से 13 जून के बीच बेंगलुरु में तेज बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज हो सकती है। IMD के अनुसार बेंगलुरु में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण शहर का तापमान घटकर लगभग 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। लगातार खराब मौसम की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने बेंगलुरु के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं कर्नाटक के कई जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। लोगों को जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने और मौसम विभाग की अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार रायचूर, धारवाड़, उत्तर कन्नड़, हावेरी, शिवमोग्गा, चिकमगलूर और कोडागु जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर अत्यधिक वर्षा होने की चेतावनी जारी की गई है। बेंगलुरु के आसपास के कई इलाकों में भी तेज बारिश का असर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अब दक्षिण भारत में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के कारण कर्नाटक के तटीय और आंतरिक हिस्सों में व्यापक बारिश हो रही है। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। हालांकि लगातार बारिश आम लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है, लेकिन किसानों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार मजबूत मानसून खरीफ फसलों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। जून से सितंबर तक का मानसून देश की कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा देता है, जो खेती, जलापूर्ति और बिजली उत्पादन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें, बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। Fact Box बेंगलुरु में अगले 3 दिनों तक भारी बारिश की संभावना IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट कई जिलों में रेड अलर्ट घोषित तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी तापमान घटकर 22°C तक पहुंच सकता है दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय FAQ Section Q1. बेंगलुरु में बारिश कब तक जारी रहेगी? IMD के अनुसार 10 जून से 13 जून तक भारी बारिश की संभावना है। Q2. किन जिलों में रेड अलर्ट जारी हुआ है? रायचूर, धारवाड़, उत्तर कन्नड़, हावेरी, शिवमोग्गा, चिकमगलूर और कोडागु में रेड अलर्ट जारी है। Q3. क्या तापमान में गिरावट आएगी? हाँ, भारी बारिश के कारण तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। Q4. प्रशासन ने लोगों को क्या सलाह दी है? जरूरी होने पर ही बाहर निकलने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष: Bengaluru Weather को लेकर जारी अलर्ट ने कर्नाटक में प्रशासन और लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक ओर भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है, वहीं दूसरी ओर यह मजबूत मानसून किसानों और जल संसाधनों के लिए राहत लेकर आ सकता है। आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। News Source: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) एवं मौसम विशेषज्ञों की रिपोर्ट आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? क्या बेंगलुरु जैसे बड़े शहर भारी बारिश से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं? क्या मानसून के दौरान शहरी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है? अब आपकी बारी! इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार। सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें। Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे। ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

  • पतंजलि मेगा स्टोर हुबली: फ्री कार्ड और 5 लाख बीमा का सुनहरा मौका

    केशवापुर में कल होगा भव्य उद्घाटन, खरीदारी पर मिलेगा मुफ्त स्वदेशी समृद्धि कार्ड और हेल्थ बेनिफिट्स भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) डेटलाइन | हुबली, कर्नाटक | 10 जून, 2026| हुबली शहर के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। स्वदेशी और आयुर्वेदिक उत्पादों की दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा पतंजलि अब केशवापुर में अपना नया मेगा स्टोर शुरू करने जा रहा है। “Patanjali Mega Store Hubballi” का भव्य उद्घाटन गुरुवार, 11 जून 2026 को सुबह 9:30 बजे रमेश भवन रोड स्थित अर्बन स्क्वायर में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। खास बात यह है कि उद्घाटन के मौके पर ग्राहकों के लिए कई शानदार ऑफर्स और स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। पतंजलि मेगा स्टोर से 500 रुपये से अधिक की खरीदारी करने वाले ग्राहकों को मुफ्त “पतंजलि स्वदेशी समृद्धि कार्ड” दिया जाएगा। यह कार्ड ग्राहकों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा, क्योंकि कार्ड धारकों को 5 लाख रुपये तक का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस मिलेगा। इसके अलावा पतंजलि आयुर्वेदिक दवाओं पर 10 प्रतिशत तक की छूट और रोजमर्रा के उपयोग वाले उत्पादों पर 5 प्रतिशत विशेष डिस्काउंट भी दिया जाएगा। उद्घाटन समारोह में आने वाले लोगों के लिए एक और खास आकर्षण मुफ्त हेल्थ चेकअप रहेगा। वरिष्ठ डॉक्टरों द्वारा लोगों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इससे स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ आयुर्वेदिक जीवनशैली को भी बढ़ावा मिलेगा। पतंजलि मेगा स्टोर में हजारों आयुर्वेदिक, हेल्थ और घरेलू उपयोग के उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। पतंजलि योग समिति, कर्नाटक राज्य प्रभारी एवं अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु श्री भवरलाल आर्य ने हुबली-धारवाड़ के सभी नागरिकों से उद्घाटन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पतंजलि का उद्देश्य लोगों तक स्वदेशी उत्पाद और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। अधिक जानकारी के लिए नागरिक 9008100886, 9008100896 और 9008100882 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। Fact Box - उद्घाटन तिथि: 11 जून 2026 - समय: सुबह 9:30 बजे - स्थान: अर्बन स्क्वायर, रमेश भवन रोड, केशवापुर, हुबली - विशेष ऑफर: 500 रुपये खरीदारी पर मुफ्त समृद्धि कार्ड - लाभ: 5 लाख दुर्घटना बीमा + हेल्थ चेकअप + विशेष छूट - संपर्क नंबर: 9008100886, 9008100896, 9008100882 FAQ Section Q1. पतंजलि मेगा स्टोर का उद्घाटन कब होगा? 11 जून 2026 को सुबह 9:30 बजे उद्घाटन होगा। Q2. स्टोर कहाँ खुल रहा है? केशवापुर, रमेश भवन रोड, अर्बन स्क्वायर, हुबली में। Q3. समृद्धि कार्ड पर क्या लाभ मिलेगा? 5 लाख दुर्घटना बीमा, दवाओं पर 10% छूट और दैनिक उत्पादों पर 5% छूट मिलेगी। Q4. क्या मुफ्त हेल्थ चेकअप होगा? हाँ, वरिष्ठ डॉक्टरों द्वारा निशुल्क हेल्थ चेकअप किया जाएगा। Q5. अधिक जानकारी के लिए किससे संपर्क करें? 9008100886, 9008100896 और 9008100882 पर संपर्क किया जा सकता है। निष्कर्ष: हुबली के केशवापुर में खुलने जा रहा पतंजलि मेगा स्टोर न केवल स्वदेशी और आयुर्वेदिक उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाएगा, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य और बचत दोनों का लाभ भी देगा। उद्घाटन समारोह में मिलने वाले विशेष ऑफर्स और स्वास्थ्य सुविधाएं शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। News Source: पतंजलि योग समिति, कर्नाटक राज्य प्रभारी एवं आयोजन समिति द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी। अब आपकी बारी! आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार। सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें। Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे। ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

  • बसवकल्याण सम्मान समारोह: विधायक शरणु सलगार ने महेंद्र मुणोत को दिया विशेष निमंत्रण

    शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि होंगे गौ सेवक महेंद्र मुणोत विधायक शरणु सलगार ने बेंगलुरु में महेंद्र मुणोत को सम्मान समारोह के लिए मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण दिया। भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) डेटलाइन | बेंगलुरु/बसवकल्याण | 10 जून, 2026| कर्नाटक के बसवकल्याण क्षेत्र में आयोजित होने जा रहे शिक्षकों एवं मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बसवकल्याण के विधायक शरणु सलगार ने बेंगलुरु पहुंचकर प्रसिद्ध गौ सेवक एवं समाजसेवी महेंद्र मुणोत को उनके निवास पर विशेष रूप से आमंत्रित किया। विधायक ने गुलदस्ता भेंट कर सम्मानपूर्वक उन्हें कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनने का आग्रह किया। इस मुलाकात की तस्वीरें और जानकारी सामने आने के बाद सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। “Basavakalyan Teachers Felicitation Program” को लेकर क्षेत्र में विशेष चर्चा हो रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना बताया जा रहा है। विधायक शरणु सलगार ने कहा कि समाज निर्माण में शिक्षकों और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है और ऐसे आयोजनों से युवाओं को नई प्रेरणा मिलती है। बेंगलुरु स्थित निवास पर हुई इस मुलाकात के दौरान मुणोत परिवार ने भी विधायक शरणु सलगार का गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया। सामाजिक समरसता, शिक्षा और सेवा भाव को बढ़ावा देने वाले इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग, शिक्षा जगत से जुड़े प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल होंगे। गौ सेवा और सामाजिक कार्यों में सक्रिय महेंद्र मुणोत का नाम कर्नाटक में सम्मान के साथ लिया जाता है। ऐसे में उनका इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाएगा। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बसवकल्याण क्षेत्र में शिक्षा और प्रतिभा सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम आने वाले दिनों में चर्चा का केंद्र बन सकता है। स्थानीय नागरिकों और युवाओं को अब कार्यक्रम के आयोजन का इंतजार है। Fact Box -कार्यक्रम: शिक्षकों एवं मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समारोह - स्थान: बसवकल्याण, कर्नाटक - मुख्य अतिथि: गौ सेवक महेंद्र मुणोत - आमंत्रण देने पहुंचे: विधायक शरणु सलगार - विशेष मुलाकात: बेंगलुरु स्थित निवास पर - उद्देश्य: शिक्षा और प्रतिभा सम्मान को बढ़ावा देना FAQ Section Q1. विधायक शरणु सलगार किस उद्देश्य से बेंगलुरु पहुंचे? उन्होंने गौ सेवक महेंद्र मुणोत को सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण दिया। Q2. कार्यक्रम कहाँ आयोजित होगा? कार्यक्रम बसवकल्याण, कर्नाटक में आयोजित किया जाएगा। Q3. समारोह में किनका सम्मान किया जाएगा? शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया जाएगा। Q4. महेंद्र मुणोत कौन हैं? वे कर्नाटक के प्रसिद्ध गौ सेवक एवं समाजसेवी हैं। Q5. मुणोत परिवार ने क्या किया? मुणोत परिवार ने विधायक शरणु सलगार का सम्मान किया। निष्कर्ष: बसवकल्याण में आयोजित होने वाला यह सम्मान समारोह शिक्षा, सामाजिक सेवा और प्रतिभा प्रोत्साहन का महत्वपूर्ण उदाहरण बनता नजर आ रहा है। विधायक शरणु सलगार और महेंद्र मुणोत की मुलाकात ने कार्यक्रम को नई चर्चा और सामाजिक महत्व प्रदान किया है। आने वाले दिनों में यह आयोजन क्षेत्र के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकता है। News Source: विधायक शरणु सलगार एवं संबंधित आयोजन समिति द्वारा साझा की गई जानकारी। अब आपकी बारी! आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार। सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें। Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे। ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

  • मृत्यभोज कुरीति पर बड़ा संदेश: गुरुवाणी को अपनाने की अपील

    कलबी समाज में मृत्यभोज त्यागने और गुरुवाणी के मार्ग पर चलने का आह्वान, संतों ने बताया सामाजिक अभिशाप भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) डेटलाइन | शिकारपुरा/राजस्थान | 10 जून, 2026| कलबी समाज में वर्षों से चली आ रही मृत्यभोज जैसी रूढ़िवादी कुरीतियों को लेकर अब जागरूकता की नई लहर दिखाई दे रही है। “मृत्यभोज कुरीति” को समाज और धर्म दोनों के लिए हानिकारक बताते हुए समाज के जागरूक वर्ग ने गुरुवाणी के अनुरूप जीवन जीने की अपील की है। समाज के संतों, विद्वानों और जागृत युवाओं द्वारा यह संदेश दिया जा रहा है कि मृत्यभोज जैसी परंपराएं आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से परिवारों पर भारी बोझ डालती हैं। गुरु महाराज श्री श्री 1008 श्री राजाराम जी महाराज के उपदेशों (गुरुवाणी) में मृत्यभोज को त्याज्य और अभक्ष्य बताया गया है। वहीं राजकीय स्तर पर भी इसे दंडनीय और घृणित कुरीति के रूप में देखा जाता है। समाज के प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि पुराने जागीरदारी काल में सामाजिक दबाव और परंपराओं के चलते ऐसे आयोजन किए जाते थे, लेकिन आधुनिक समय में शिक्षा और जागरूकता के बावजूद इस कुरीति का जारी रहना चिंता का विषय है। समाज के जागृत वर्ग ने सवाल उठाया है कि जब गुरु महाराज के स्पष्ट उपदेश मौजूद हैं, तब भी कुछ लोग रूढ़िवादिता और सामाजिक दबाव के कारण गुरुवाणी की अवहेलना क्यों कर रहे हैं। लेख में यह भी कहा गया कि कुछ असंगठित तत्व और सामाजिक दबाव समाज सुधार के रास्ते में बाधा बन रहे हैं। इसके बावजूद समाज के संत, शिक्षाविद, मातृ शक्ति और युवा वर्ग लगातार सुधार की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। पावन तीर्थ धाम शिकारपुरा के वर्तमान गादीपति महंत श्री श्री 108 श्री दयाराम जी महाराज भी अपने प्रवचनों में मृत्यभोज त्यागने का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने समाज को सादा भोजन, ब्राह्मण सेवा और श्रद्धा के साथ तर्पण कर सादगीपूर्ण तरीके से शोक संस्कार पूर्ण करने की प्रेरणा दी है। संतों का मानना है कि दिखावे और खर्चीली परंपराओं की बजाय समाज को शिक्षा, सेवा और संस्कारों को प्राथमिकता देनी चाहिए। समाज के कई बुद्धिजीवियों का कहना है कि गुरुवाणी ही गीता ज्ञान की सच्ची खान है और उसी के अनुरूप जीवन जीना समाज को नई दिशा दे सकता है। सामाजिक सुधार और आध्यात्मिक जागरूकता के इस संदेश को लेकर समाज में व्यापक चर्चा हो रही है। Fact Box विषय: मृत्यभोज कुरीति पर जागरूकता संदेश समाज: कलबी समाज मुख्य संदेश: मृत्यभोज त्यागें, गुरुवाणी अपनाएं प्रमुख संत: श्री राजाराम जी महाराज, श्री दयाराम जी महाराज स्थान: शिकारपुरा तीर्थ धाम उद्देश्य: सामाजिक सुधार और जागरूकता FAQ Section Q1. मृत्यभोज को क्यों त्याज्य बताया गया है? गुरुवाणी और समाज सुधारकों के अनुसार यह आर्थिक और सामाजिक रूप से हानिकारक कुरीति है। Q2. किस समाज में यह संदेश दिया गया? कलबी समाज में यह जागरूकता संदेश दिया गया है। Q3. गुरु महाराज ने क्या उपदेश दिया? गुरुवाणी में मृत्यभोज को त्याग कर सादगीपूर्ण संस्कार अपनाने का संदेश दिया गया है। Q4. वर्तमान गादीपति कौन हैं? पावन तीर्थ धाम शिकारपुरा के वर्तमान गादीपति महंत श्री श्री 108 श्री दयाराम जी महाराज हैं। Q5. समाज को क्या संदेश दिया गया? रूढ़िवादी कुरीतियों को छोड़कर शिक्षा, सेवा और आध्यात्मिकता को अपनाने की अपील की गई। निष्कर्ष: कलबी society में मृत्यभोज जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में यह संदेश एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल माना जा रहा है। संतों और जागरूक समाजजनों द्वारा गुरुवाणी के मार्ग पर चलने की अपील समाज को नई सोच और सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है। सामाजिक सुधार, सादगी और आध्यात्मिक जागरूकता ही समाज की वास्तविक शक्ति बन सकती है। News Source: समाजजनों एवं धार्मिक प्रवचनों के माध्यम से साझा की गई जानकारी। अब आपकी बारी! आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार। सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें। Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे। ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

  • GeM पोर्टल कार्यशाला में उद्यमियों को मिले सरकारी कारोबार के नए अवसर

    ग्रेटर नोएडा में IIA Young Entrepreneurs Cor की विशेष कार्यशाला, विशेषज्ञों ने GeM पोर्टल की पूरी प्रक्रिया समझाई ग्रेटर नोएडा में आयोजित GeM पोर्टल कार्यशाला में युवा उद्यमियों को सरकारी कारोबार के अवसरों की जानकारी दी गई। भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) डेटलाइन | ग्रेटर नोएडा | 10 जून, 2026| ग्रेटर नोएडा में युवा उद्यमियों को सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के जरिए कारोबार बढ़ाने के नए अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से एक प्रभावशाली और ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया। “GeM Portal Workshop Greater Noida” के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया, ऑनलाइन उत्पाद बिक्री और व्यवसाय विस्तार की रणनीतियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा व्यवसायियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लेकर GeM पोर्टल के जरिए सरकारी टेंडर और ऑर्डर प्राप्त करने की संभावनाओं को समझा। मंगलवार, 09 जून 2026 को अपराह्न 3:00 बजे चैप्टर कार्यालय के सभागार में IIA Young Entrepreneurs Cor (IYC) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का संचालन कपिल कलकल ने किया। कार्यक्रम चैप्टर चेयरमैन सरबजीत सिंह के मार्गदर्शन और अनुमति से आयोजित हुआ। कार्यशाला की मुख्य वक्ता ट्विन टेक इंडिया की सुश्री मोहिनी भारद्वाज रहीं। उनके साथ सुश्री मोनी शर्मा ने भी GeM पोर्टल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। लगभग एक घंटे तक चली इस विशेष कार्यशाला में विशेषज्ञों ने GeM पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया, उत्पादों की लिस्टिंग, सरकारी निविदाओं में भागीदारी, ऑनलाइन ऑर्डर प्राप्त करने की प्रक्रिया और सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़े लाभों को बेहद सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में GeM पोर्टल छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए सरकारी बाजार तक पहुंचने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। कार्यक्रम में उपस्थित उद्यमियों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार सही रणनीति और तकनीकी समझ के जरिए वे अपने उत्पादों को सरकारी विभागों तक पहुंचाकर कारोबार को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। विशेषज्ञों ने उपस्थित सदस्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर आत्मनिर्भर भारत अभियान से जुड़ने का संदेश भी दिया। इस अवसर पर चैप्टर के पदाधिकारियों में सरबजीत सिंह (चेयरमैन), अमित शर्मा, जे. सी. राणा और राकेश बंसल उपस्थित रहे। वहीं IYC सदस्यों में कपिल कलकल, अभिषेक जैन, प्रदीप भाटी, रोहित गोयल, आकाश शर्मा, सुशांत सक्सेना, देवराज, पुलकित सूद, प्रदीप गुप्ता, आकांक्षा द्विवेदी, अभिजीत पांडे, चारु गुप्ता, विभाकर श्रीवास्तव, विकास श्रीवास्तव, निशांत गोला, सिद्धांत गर्ग, सार्थक सिंघल और सक्षम गुप्ता सहित कई युवा उद्यमियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि ऐसी कार्यशालाएं युवा उद्यमियों को नए अवसरों और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं। Fact Box आयोजन: GeM पोर्टल कार्यशाला आयोजक: IIA Young Entrepreneurs Cor (IYC) स्थान: ग्रेटर नोएडा चैप्टर कार्यालय सभागार मुख्य वक्ता: मोहिनी भारद्वाज, मोनी शर्मा मुख्य विषय: GeM पोर्टल पर व्यवसायिक अवसर उद्देश्य: उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ना FAQ Section Q1. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्या था? उद्यमियों को GeM पोर्टल के जरिए सरकारी खरीद प्रक्रिया और व्यवसायिक अवसरों की जानकारी देना। Q2. कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ? ग्रेटर नोएडा के चैप्टर कार्यालय सभागार में। Q3. मुख्य वक्ता कौन थीं? ट्विन टेक इंडिया की मोहिनी भारद्वाज और मोनी शर्मा। Q4. GeM पोर्टल से क्या लाभ मिलता है? उद्यमी सरकारी विभागों को सीधे उत्पाद बेच सकते हैं और ऑनलाइन ऑर्डर प्राप्त कर सकते हैं। Q5. कार्यक्रम में किन लोगों ने भाग लिया? IYC सदस्य, युवा उद्यमी और चैप्टर पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। निष्कर्ष: ग्रेटर नोएडा में आयोजित GeM पोर्टल कार्यशाला युवा उद्यमियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुई। इस कार्यक्रम ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस के जरिए कारोबार बढ़ाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नए अवसरों तक पहुंचने की दिशा में प्रतिभागियों को नई सोच और व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में GeM पोर्टल छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए विकास का बड़ा माध्यम बन सकता है। News Source: IIA Young Entrepreneurs Cor (IYC) एवं आयोजन समिति द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी। अब आपकी बारी! आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार। सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें। Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे। ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, बने सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री

    नई दिल्ली, 10 जून 2026। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। इस अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री तथा गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। बैठक में देश के विकास, सुशासन, आर्थिक प्रगति तथा आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में भारत ने आधारभूत संरचना, डिजिटल सेवाओं, विदेश नीति, रक्षा और आर्थिक सुधारों के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में भी विकास और जनकल्याण की योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र की स्थिरता और जनता के विश्वास को दर्शाती है। वहीं विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस अवसर पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को लेकर देशभर में चर्चा का माहौल है और समर्थकों द्वारा इसे भारतीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया जा रहा है। भारतार्थ खबर "खबर नहीं उसका अर्थ

  • UPSC NDA CDS 2 Form 2026: आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ी, कल शाम 6 बजे तक मौका

    UPSC ने NDA NA 2 और CDS 2 परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाई, अभ्यर्थियों को मिला बड़ा राहत भरा मौका UPSC ने NDA NA 2 और CDS 2 भर्ती परीक्षा आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 10 जून, 2026| UPSC NDA CDS 2 Form 2026 का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने नेशनल डिफेंस एकेडमी एवं नवल एकेडमी (NDA NA 2) और कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जामिनेशन (CDS 2) भर्ती परीक्षा के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब उम्मीदवार 11 जून 2026 शाम 6 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ऐसे में जो अभ्यर्थी किसी कारणवश अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे, उनके लिए यह सुनहरा मौका है। UPSC द्वारा जारी सूचना के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से होगी। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना फॉर्म भर सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के बाद आवेदन विंडो बंद कर दी जाएगी, इसलिए अभ्यर्थियों को अंतिम समय का इंतजार नहीं करना चाहिए। ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन UPSC NDA CDS 2 Form 2026 भरने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाएं। वहां “Create Account” विकल्प पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद लॉगिन कर आवेदन फॉर्म में जरूरी जानकारी भरें। निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद फॉर्म सबमिट करें और उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। कितना लगेगा आवेदन शुल्क? NDA NA पदों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि CDS 2 भर्ती के लिए उम्मीदवारों को 200 रुपये फीस जमा करनी होगी। एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है। फीस का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। NDA NA पदों के लिए योग्यता NDA पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य है। वहीं नवल एकेडमी (NA) पदों के लिए फिजिक्स और मैथ्स विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण या अध्ययनरत होना जरूरी है। उम्मीदवार की आयु न्यूनतम 16.5 वर्ष और अधिकतम 19 वर्ष होनी चाहिए। CDS 2 भर्ती के लिए पात्रता CDS पदों के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या इंजीनियरिंग डिग्री होना आवश्यक है। विभिन्न पदों के अनुसार न्यूनतम आयु 19 वर्ष और अधिकतम आयु 24 से 25 वर्ष तय की गई है। UPSC की यह घोषणा उन हजारों युवाओं के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है, जो तकनीकी कारणों या दस्तावेजों की कमी के चलते समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। अब अभ्यर्थियों के पास कल शाम तक आवेदन प्रक्रिया पूरी करने का अंतिम अवसर है। Fact Box - परीक्षा: UPSC NDA NA 2 और CDS 2 - आवेदन की नई अंतिम तिथि: 11 जून 2026 - आवेदन का समय: शाम 6 बजे तक - आवेदन मोड: ऑनलाइन - वेबसाइट: upsconline.nic.in - NDA फीस: ₹100 - CDS फीस: ₹200 - SC/ST उम्मीदवार: निशुल्क आवेदन FAQ Section Q1. UPSC NDA CDS 2 Form 2026 की नई अंतिम तिथि क्या है? नई अंतिम तिथि 11 जून 2026 शाम 6 बजे तक निर्धारित की गई है। Q2. आवेदन कहां से किया जा सकता है? उम्मीदवार UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। Q3. NDA और CDS आवेदन शुल्क कितना है? NDA के लिए ₹100 और CDS के लिए ₹200 शुल्क निर्धारित किया गया है। Q4. क्या SC/ST उम्मीदवारों को फीस देनी होगी? नहीं, SC/ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन पूरी तरह निशुल्क है। निष्कर्ष: UPSC NDA CDS 2 Form 2026 की अंतिम तिथि बढ़ने से हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उनके पास अब अंतिम अवसर है। ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे बिना देर किए समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। News Source: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा जारी आधिकारिक सूचना अब आपकी बारी! इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है। राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार। सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें। Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे। ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।

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