Uddhav Thackeray Crisis: फिर टूट सकती है उद्धव की पार्टी
- धन्ना राम चौधरी

- 11 जून
- 3 मिनट पठन
शिंदे गुट के संपर्क में बताए जा रहे उद्धव ठाकरे के 7 सांसद, महाराष्ट्र की राजनीति में फिर बढ़ी हलचल

भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
मुंबई | 11 जून 2026| Uddhav Thackeray Crisis को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वर्ष 2022 में हुई ऐतिहासिक बगावत के बाद अब फिर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) में टूट की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, उद्धव गुट के सात सांसद जल्द ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार 7 जून को नई दिल्ली में एकनाथ शिंदे और ठाकरे गुट के कुछ सांसदों के बीच एक गुप्त बैठक हुई थी। इस बैठक में कथित तौर पर सांसदों को राजनीतिक भविष्य और बड़े पदों को लेकर विशेष प्रस्ताव दिए गए। यही वजह है कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सत्ता समीकरण बदलने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
चर्चा यह भी है कि संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान ठाकरे गुट के एक सांसद को मंत्री पद दिलाने का आश्वासन दिया गया है। इसके अलावा अन्य सांसदों को भी संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने की बात कही गई है। सूत्रों का दावा है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे पिछले छह महीनों से उद्धव गुट के सांसदों के लगातार संपर्क में हैं।
दिल्ली में कई दौर की बैठकों के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा और तेज हो गई है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी को फिर बड़ा झटका लग सकता है। बताया जा रहा है कि उद्धव गुट के कुल 9 सांसदों में से मुंबई के दो सांसदों को छोड़कर बाकी सात सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं।
दिल्ली दौरे के दौरान एकनाथ शिंदे की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात को भी बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाकात में महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक स्थिति और संभावित दल-बदल पर चर्चा हुई हो सकती है। वहीं, यदि केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो शिंदे गुट के सांसद श्रीकांत शिंदे को मंत्री बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
हालांकि अभी तक न तो उद्धव ठाकरे गुट और न ही शिंदे गुट की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि की गई है। लेकिन लगातार सामने आ रही राजनीतिक गतिविधियों ने महाराष्ट्र की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शिवसेना दो हिस्सों में बंट गई थी। अब यदि सांसदों का यह संभावित टूट सच साबित होती है तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा।
Fact Box
उद्धव गुट के 7 सांसदों के शिंदे गुट में जाने की चर्चा
दिल्ली में हुई थी गुप्त बैठक
केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह देने का दावा
अमित शाह से भी मिले एकनाथ शिंदे
उद्धव गुट के कुल 9 सांसद हैं
महाराष्ट्र की राजनीति में फिर बढ़ी हलचल
FAQ Section
Q1. उद्धव ठाकरे गुट के कितने सांसद टूट सकते हैं?
सूत्रों के अनुसार 7 सांसद शिंदे गुट के संपर्क में बताए जा रहे हैं।
Q2. क्या दिल्ली में कोई गुप्त बैठक हुई थी?
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक 7 जून को दिल्ली में एकनाथ शिंदे और कुछ सांसदों के बीच बैठक हुई थी।
Q3. क्या केंद्रीय मंत्री पद का ऑफर दिया गया?
सूत्रों का दावा है कि एक सांसद को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह देने का आश्वासन दिया गया।
Q4. क्या इन दावों की आधिकारिक पुष्टि हुई है?
नहीं, अभी तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
निष्कर्ष: Uddhav Thackeray Crisis ने महाराष्ट्र की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। यदि उद्धव ठाकरे गुट के सांसद शिंदे गुट में शामिल होते हैं, तो यह राज्य की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की सियासत में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
News Source: राजनीतिक सूत्र, दिल्ली एवं मुंबई मीडिया रिपोर्ट्स
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