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विजय के बदले तेवर! दूसरी बार मोदी से मिले तमिलनाडु CM

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 5 days ago
  • 3 min read

सत्ता संभालते ही बदला राजनीतिक अंदाज, BJP पर सीधा हमला करने से भी बचे सीएम विजय


प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान तमिलनाडु CM विजय ने दिखाए बदले राजनीतिक तेवर |
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान तमिलनाडु CM विजय ने दिखाए बदले राजनीतिक तेवर |

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

नई दिल्ली/चेन्नई | 12 जून, 2026| तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव साफ दिखाई देने लगा है। हाल ही में मुख्यमंत्री बने सी जोसेफ विजय ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। खास बात यह रही कि एक महीने के भीतर पीएम मोदी के साथ उनकी यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को वैचारिक विरोधी बताने वाले विजय अब केंद्र सरकार के प्रति कहीं अधिक संतुलित और व्यावहारिक रुख अपनाते नजर आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री विजय गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए। यह कदम पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार के रवैये से बिल्कुल अलग माना जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन केंद्र सरकार पर तमिलनाडु के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए लगातार नीति आयोग की बैठकों का बहिष्कार करते रहे थे, लेकिन विजय ने टकराव की बजाय संवाद की राजनीति को प्राथमिकता दी।

नीति आयोग की बैठक के बाद मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग से मुलाकात भी की। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान राज्य के लिए वित्तीय सहायता, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, मेकेदातू जल विवाद और विकास योजनाओं को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्र से तमिलनाडु की कई लंबित परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग की।

बैठक में विजय ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET का मुद्दा भी मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने मांग की कि तमिलनाडु को MBBS, BDS और AYUSH पाठ्यक्रमों की राज्य कोटे की सीटें 12वीं के अंकों के आधार पर भरने की अनुमति दी जाए।

हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा विजय के बदले हुए राजनीतिक तेवरों की हो रही है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा पर तीखे हमले करने वाले विजय अब केंद्र सरकार पर सीधे हमले से बचते दिखाई दे रहे हैं। यहां तक कि NEET विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी उन्होंने भाजपा या प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाने से परहेज किया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय अब व्यावहारिक राजनीति की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। केंद्र के साथ टकराव की बजाय सहयोगात्मक रवैया अपनाकर वे तमिलनाडु के लिए ज्यादा विकास परियोजनाएं हासिल करना चाहते हैं। इससे राज्य और केंद्र के संबंधों में नई नरमी देखने को मिल सकती है।

राजनीतिक जानकार इसे तमिलनाडु की राजनीति में एक नई रणनीतिक शुरुआत मान रहे हैं, जहां आक्रामक विपक्षी राजनीति की जगह अब संतुलित और परिणाम आधारित राजनीति को प्राथमिकता मिलती दिख रही है।

Fact Box

- मुख्यमंत्री: सी जोसेफ विजय

- पीएम मोदी से मुलाकात: एक महीने में दूसरी बार

- मुख्य मुद्दे: NEET, मेकेदातू विवाद, विकास परियोजनाएं

- बैठक: नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल

- पूर्व CM का रुख: नीति आयोग बैठकों का बहिष्कार

- विजय का रुख: केंद्र से सहयोगात्मक संबंध

FAQ Section

सवाल 1: मुख्यमंत्री विजय ने पीएम मोदी से क्या चर्चा की?

उन्होंने राज्य की विकास परियोजनाओं, वित्तीय सहायता और मेकेदातू जल विवाद पर चर्चा की।

सवाल 2: विजय का रुख स्टालिन से अलग क्यों माना जा रहा?

क्योंकि स्टालिन नीति आयोग बैठकों का बहिष्कार करते थे, जबकि विजय ने बैठक में भाग लिया।

सवाल 3: NEET पर विजय ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि NEET ग्रामीण और गरीब छात्रों के लिए नुकसानदायक है।

सवाल 4: क्या विजय ने भाजपा पर हमला किया?

नहीं, उन्होंने भाजपा या केंद्र सरकार पर सीधा हमला करने से परहेज किया।

निष्कर्ष: सी जोसेफ विजय का बदला हुआ राजनीतिक रवैया तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत दे रहा है। केंद्र के साथ सहयोगात्मक संबंध बनाकर वे राज्य के विकास को प्राथमिकता देते नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह रणनीति तमिलनाडु की राजनीति और राष्ट्रीय समीकरण दोनों पर असर डाल सकती है।

News Source: यह समाचार नीति आयोग बैठक, राजनीतिक सूत्रों और विभिन्न राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है।

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