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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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  • सिरिगेरे मठ की समाजसेवा अनुकरणीय, भद्रा अपर बैंक परियोजना के लिए केंद्र से फंड की अपील

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com चित्रदुर्ग, 24 सितंबर 2026। जल संसाधन मंत्री एन. चालुवरायस्वामी ने कहा कि सिरिगेरे स्थित श्री तरलाबालु बृहन्मठ धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की सेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि मठ की सेवा परंपरा ग्रामीण गरीबों, किसानों, श्रमिकों और जरूरतमंदों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मंत्री गुरुवार को सिरिगेरे स्थित श्री तरलाबालु जगद्गुरु बृहन्मठ परिसर में श्रीमदुज्जयिनी सद्धर्म सिंहासनाधीश श्री तरलाबालु जगद्गुरु श्री 1108 लिंगैक्य श्री शिवकुमार शिवाचार्य महास्वामीजी के 35वें श्रद्धांजलि कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लिंगैक्य श्री शिवकुमार शिवाचार्य महास्वामीजी केवल मठ के प्रमुख के रूप में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब बच्चों, किसानों और वंचित समुदायों के लिए आशा और मार्गदर्शन के केंद्र के रूप में भी स्मरण किए जाते हैं। शिक्षा और अन्नदासोह को दी नई दिशा चालुवरायस्वामी ने कहा कि महास्वामीजी द्वारा स्थापित तरलाबालु विद्याशिक्षण की परंपरा आज भी राज्य में शिक्षा के प्रसार में योगदान दे रही है। उन्होंने अन्नदासोह के साथ शिक्षा सेवा को निरंतर आगे बढ़ाने में महास्वामीजी की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सिरिगेरे में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला ‘तरलाबालु पुन्नीमे’ केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की समस्याओं पर चर्चा तथा उनके समाधान के लिए संवाद का मंच भी बना। मंत्री ने कहा कि वर्षा की कमी के समय जलाशयों को भरने और सिंचाई से जुड़े मुद्दों को उठाने से लेकर किसानों में विश्वास पैदा करने तक, मठ ने समय-समय पर सरकार को मार्गदर्शन दिया है। उन्होंने वर्तमान जगद्गुरु परम पूज्य डॉ. शिवमूर्ति शिवाचार्य महास्वामीजी के नेतृत्व में मठ की सेवा परंपरा के आगे बढ़ने का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ सामाजिक सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। भद्रा अपर बैंक परियोजना के लिए केंद्र से फंड की अपील जल संसाधन मंत्री ने भद्रा अपर बैंक परियोजना के लिए केंद्र सरकार से प्रस्तावित आर्थिक सहायता शीघ्र जारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एस.एम. कृष्णा के कार्यकाल में परियोजना के लिए प्रारंभिक स्तर पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई थी तथा सर्वेक्षण और परियोजना संबंधी कार्य आगे बढ़े थे। उन्होंने परियोजना में बाद के वर्षों में बी.एस. येदियुरप्पा, बसवराज बोम्मई, सिद्धारमैया और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के योगदान का भी उल्लेख किया। चालुवरायस्वामी के अनुसार, परियोजना के लिए केंद्र से करीब 5,300 करोड़ रुपये की सहायता अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि यदि यह राशि अक्टूबर तक जारी होती है, तो इससे आसपास के चार जिलों को सिंचाई और जल उपलब्धता के लिहाज से लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं और राज्य सरकार परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक पहल कर रही है। कार्यक्रम में डॉ. शिवमूर्ति शिवाचार्य महास्वामीजी, डॉ. पंडिताराध्या शिवाचार्य महास्वामी, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, सांसद बसवराज बोम्मई, मंत्री के.एच. मुनियप्पा, रघुमूर्ति, पूर्व मंत्री जी.एम. सिद्धेश्वर, वसंतप्पा, सी.टी. रवि सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • हरिद्वार में 108 कुंडीय महायज्ञ और भव्य सम्मान समारोह की तैयारी

    भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) हरिद्वार | 24 सितंबर 2026 हरिद्वार। राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट द्वारा संचालित सर्व पितृ मोक्ष प्राप्ति 108 कुंडीय महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा को लेकर तैयारियां जारी हैं। कार्यक्रम में सहभागिता के लिए क्षेत्र के विभिन्न गणमान्य लोगों को सादर आमंत्रित किया गया। 24 सितंबर 2026 को आयोजित निमंत्रण कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक श्री सुरेश राठौर, प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र चौधरी, प्रधान महदूद श्री प्रमोद पाल, श्री मनोज धनकर तथा प्रधान श्री तेलूराम सहित अनेक गणमान्य लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा के साथ जिला हरिद्वार के संत-महात्माओं, नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और पत्रकार बंधुओं के सम्मान के लिए भव्य सम्मान समारोह भी आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सम्मान समारोह के माध्यम से संगठन क्षेत्र के विभिन्न वर्गों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने का प्रयास करेगा। इसमें छोटे-बड़े नेता, समाजसेवी, प्रशासनिक अधिकारी और पत्रकार बंधु शामिल होंगे। राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस धार्मिक एवं सम्मान समारोह को लेकर गणमान्य लोगों को निमंत्रण देने का सिलसिला जारी है।

  • खाने के तेल पर बड़ी खबर: आयात शुल्क में कटौती, सूरजमुखी तेल पर ड्यूटी शून्य

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह नई दिल्ली, 24 सितंबर 2026। रसोई के बजट से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने प्रमुख खाद्य तेलों के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में कटौती की है। सरकार के अनुसार इस कदम का उद्देश्य खाद्य तेलों की घरेलू कीमतों पर दबाव कम करना और उपभोक्ताओं को राहत देना है। नई व्यवस्था के तहत कच्चे सूरजमुखी तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दी गई है। वहीं कच्चे सोयाबीन और कच्चे पाम तेल पर ड्यूटी 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। संबंधित रिफाइंड खाद्य तेलों पर भी शुल्क में बदलाव किया गया है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत में आयातित तेल की लागत और घरेलू कीमतों पर दबाव बढ़ा था। आयात शुल्क घटने से कच्चे खाद्य तेल की लागत कम होने और इसका लाभ घरेलू आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचने की उम्मीद है। सरकार ने खाद्य तेल उद्योग और संबंधित संगठनों से शुल्क कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर कीमत और अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में आवश्यक बदलाव करने को कहा है। साथ ही सरकार ने घरेलू रिफाइनिंग क्षमता को बढ़ावा देने के लिए कच्चे और रिफाइंड तेल के बीच शुल्क अंतर बनाए रखा है। नई व्यवस्था 24 सितंबर 2026 से प्रभावी है। हालांकि खुदरा बाजार में तेल की कीमतों में वास्तविक बदलाव कितना और कितनी जल्दी दिखाई देगा, यह अंतरराष्ट्रीय कीमतों, आयात लागत, कंपनियों के मूल्य निर्धारण और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

  • स्थानीय निकाय एमएलसी चुनाव की तैयारी, KPCC में कांग्रेस नेताओं की अहम बैठक

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 24 सितंबर 2026। कर्नाटक में स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों से होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक तैयारियों को लेकर बैठक की। KPCC कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने की। बैठक में स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े विधायक और विधान परिषद सदस्य मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, AICC सचिव गोपीनाथन पलिनियप्पा, मंत्री के.एच. मुनियप्पा, कृष्ण बायरे गौड़ा और शिवराज थंगडगी, KPCC अभियान समिति के अध्यक्ष विनय कुमार सोरके, पूर्व मंत्री एच.के. पाटिल सहित अन्य विधायक और विधान परिषद सदस्य शामिल हुए। स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर चर्चा बैठक में आगामी स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों के विधान परिषद चुनाव से जुड़े संगठनात्मक और चुनावी विषयों पर चर्चा की गई। पार्टी स्तर पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में समन्वय और तैयारियों को लेकर नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों के बीच विचार-विमर्श हुआ। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब कर्नाटक कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की प्रक्रिया भी जारी है। हाल में KPCC कार्यालय में संगठनात्मक गतिविधियों से संबंधित बैठकों में राज्य के विभिन्न स्तरों पर पार्टी संगठन को सक्रिय करने और स्थानीय नेतृत्व के साथ समन्वय बढ़ाने पर चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी हालिया कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियां शुरू करने और जिला स्तर पर संगठनात्मक कार्य को गति देने की बात कही थी। वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी KPCC कार्यालय में हुई इस बैठक में वरिष्ठ नेताओं के साथ स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े विधायक एवं MLC शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य चुनाव से संबंधित तैयारियों में समन्वय और पार्टी स्तर पर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श करना रहा। KPCC अध्यक्ष के रूप में बी.के. हरिप्रसाद ने जून 2026 में पदभार संभाला था। उनके पदभार ग्रहण के बाद कर्नाटक कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए पार्टी तंत्र को सक्रिय करने की गतिविधियां तेज हुई हैं।

  • KRS में 11 अक्टूबर से छह दिवसीय पारंपरिक कावेरी आरती, मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु/मांड्या, 24 सितंबर 2026। कृष्णराज सागर (KRS) बांध परिसर में इस वर्ष 11 अक्टूबर से छह दिवसीय पारंपरिक कावेरी आरती का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। आयोजन को व्यवस्थित, स्वच्छ और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप कराने के लिए जल संसाधन मंत्री एवं मांड्या जिला प्रभारी मंत्री एन. चालुवरायस्वामी ने अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। श्रीरंगपट्टना दशहरा के तहत आयोजित होने वाली कावेरी आरती की तैयारियों को लेकर बुधवार को विकास सौधा में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मंत्री चालुवरायस्वामी ने कहा कि पिछले वर्ष कावेरी आरती के आयोजन में जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने जिम्मेदारी निभाई थी, उनके अनुभव का उपयोग इस वर्ष भी किया जाए, ताकि कार्यक्रम में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। मंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कार्यक्रम को स्वच्छ और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने को कहा। उन्होंने कहा कि कावेरी आरती की शुरुआत पहले जल संसाधन मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में हुई थी और अब इसे निरंतर जारी रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। छह दिनों तक होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम पिछले वर्ष KRS में पहली बार कावेरी आरती का आयोजन किया गया था। इस वर्ष भी इसे जारी रखने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने कहा कि पारंपरिक आयोजनों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के उद्देश्य से कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से आयोजित किया जाना चाहिए। 11 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह आयोजन लगातार छह दिनों तक चलेगा। कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, संगीत संध्याएं और हास्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए परिवहन और अन्य व्यवस्थाएं बैठक में श्रद्धालुओं और आम जनता की सुविधा को लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। पार्किंग स्थल से कार्यक्रम स्थल तक मुफ्त बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना है। लोक निर्माण विभाग को आवश्यक सड़क व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सूचना विभाग कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी संभालेगा, जबकि धार्मिक बंदोबस्ती विभाग द्वारा पूजा-अर्चना के लिए आवश्यक पंडितों की नियुक्ति की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर एलईडी स्क्रीन, बड़ा मंच, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, वाद्ययंत्र तथा पूजा सामग्री की व्यवस्था की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन के दौरान किसी भी निर्धारित प्रोटोकॉल का उल्लंघन न हो और पिछले वर्ष सामने आई कमियों को दोहराया न जाए। मुख्यमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के तहत डी-ज़ोन प्रोटोकॉल का पालन करने तथा आम जनता के लिए पर्याप्त और सुविधाजनक स्थान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। वीडियो कॉल के जरिए तैयारियों की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री चालुवरायस्वामी ने KPTCL के प्रबंध निदेशक रामप्रसाद से वीडियो कॉल के माध्यम से चर्चा की। रामप्रसाद ने पिछले वर्ष कावेरी आरती की व्यवस्थाओं की निगरानी की थी। मंत्री ने उनसे इस वर्ष भी संबंधित जिला प्रशासन से समन्वय कर छह दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत योजना तैयार कराने और स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया। बैठक में कावेरी की प्रतिमा के निर्माण, पूजा की रस्मों तथा वाराणसी से आने वाले पुजारियों की टीम के ठहरने सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को समयबद्ध तैयारी के निर्देश मंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीरंगपट्टना के विधायक रमेश बंदीसिद्दे गौड़ा, विधान परिषद सदस्य दिनेश गूली गौड़ा, मांड्या के उपायुक्त डॉ. कुमार, जिला पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंदिनी, कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग की आयुक्त मंजूश्री तथा धार्मिक बंदोबस्ती विभाग के आयुक्त सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

  • बेंगलुरु में 108वां मैसूर लांसर्स हाइफा दिवस समारोहभारतीय सैनिकों के शौर्य और बलिदान को श्रद्धापूर्वक किया गया याद

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 23 सितंबर 2026। हाइफा युद्ध में भारतीय सैनिकों की वीरता और शौर्य की स्मृति में बेंगलुरु के जे.सी. नगर में 108वां मैसूर लांसर्स हाइफा दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मैसूर लांसर्स हेरिटेज फाउंडेशन (पंजीकृत) की ओर से किया गया। समारोह में हाइफा युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों द्वारा प्रदर्शित साहस, सैन्य कौशल और बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने वीर सैनिकों के योगदान को नमन करते हुए उनके ऐतिहासिक पराक्रम को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। समारोह में भारतीय राजपूताना सेवा संगठन के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। संगठन की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल सिंह सिकरवार, राष्ट्रीय महासचिव प्रेम सिंह तथा सुनील सिंह, जसवंत सिंह और विनय सिंह ने कार्यक्रम में भाग लिया। बताया गया कि भारतीय राजपूताना सेवा संगठन को प्रत्येक वर्ष मैसूर लांसर्स हाइफा दिवस समारोह में आमंत्रित किया जाता है। संगठन के प्रतिनिधियों ने वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश के सैन्य इतिहास से जुड़ी ऐसी वीरगाथाएं समाज और विशेष रूप से युवा पीढ़ी को देशसेवा, साहस, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देती हैं। हाइफा दिवस के आयोजन के माध्यम से भारतीय सैनिकों के ऐतिहासिक योगदान को स्मरण करने के साथ उनके बलिदान और वीरता के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। समारोह में इतिहास और सैन्य विरासत को संरक्षित रखने तथा आने वाली पीढ़ियों को उससे परिचित कराने के महत्व पर भी जोर दिया गया।

  • उत्तम त्याग धर्म: मन के विकारों से मुक्ति ही सच्ची साधना

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 24 सितंबर 2026। दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन निर्यापक श्रमण श्री 108 वीरसागर जी महाराज ने उत्तम त्याग धर्म की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रेरक मंगल प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि त्याग केवल किसी वस्तु को छोड़ देने का नाम नहीं, बल्कि मन में संचित मोह, अहंकार, क्रोध, लोभ, द्वेष और अनावश्यक आसक्तियों से स्वयं को मुक्त करने की साधना है। मुनि श्री वीरसागर जी महाराज ने आधुनिक जीवन की सहज उपमा देते हुए कहा कि जिस प्रकार एक घर में ड्राइंग रूम, रसोई, शयनकक्ष और स्टोर रूम होते हैं, उसी प्रकार मनुष्य के जीवन में भी बाहरी व्यक्तित्व, शारीरिक आवश्यकताएं, भविष्य की योजनाएं और भीतर संचित भावनाएं अलग-अलग रूप में मौजूद रहती हैं।उन्होंने बताया कि घर के स्टोर रूम में समय के साथ ऐसी वस्तुएं जमा हो जाती हैं, जिनका लंबे समय से उपयोग नहीं हुआ होता। इसी प्रकार मनुष्य के मन में भी वर्षों से क्रोध, मान, माया, लोभ, द्वेष और मोह जैसे विकार जमा होते रहते हैं। ये विकार धीरे-धीरे मानसिक बोझ का रूप ले लेते हैं और व्यक्ति की आंतरिक शांति को प्रभावित करते हैं। मुनि श्री ने कहा कि जिस तरह घर में अनुपयोगी वस्तुओं को पहचानकर बाहर निकाल दिया जाता है, उसी प्रकार आत्मिक उन्नति के लिए मन में जमा विकारों को भी पहचानना और उनका त्याग करना आवश्यक है। बाहरी कचरे को व्यक्ति आसानी से अनुपयोगी मान लेता है, लेकिन मानसिक और भावनात्मक विकारों को छोड़ने में उसे कठिनाई होती है। यही आत्मनिरीक्षण और साधना की वास्तविक चुनौती है। स्वेच्छा से किया गया त्याग अधिक सार्थक प्रवचन के दौरान मुनि श्री ने स्वेच्छा त्याग और परवश त्याग के बीच अंतर भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि विवेक, जागरूकता और प्रसन्नता के साथ किया गया त्याग आत्मिक उन्नति की दिशा में कदम है। इसके विपरीत बीमारी, वृद्धावस्था अथवा मृत्यु जैसी परिस्थितियों के कारण किसी वस्तु या भौतिक सुविधा का छूट जाना स्वेच्छा से किए गए त्याग का विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उत्तम त्याग धर्म का वास्तविक उद्देश्य बाहरी वस्तुओं का प्रदर्शनात्मक त्याग नहीं, बल्कि भीतर की आसक्ति और विकारों को कम करना है। जब मनुष्य अपनी आवश्यकताओं और इच्छाओं के बीच अंतर समझने लगता है, तब त्याग उसके जीवन में सहजता और संतुलन लेकर आता है। दशलक्षण महापर्व के इस अवसर पर मुनि श्री का संदेश आत्मनिरीक्षण, मानसिक निर्मलता और आत्मिक शुद्धि पर केंद्रित रहा। प्रवचन ने श्रद्धालुओं को यह विचार करने के लिए प्रेरित किया कि जीवन में किन बाहरी वस्तुओं के साथ-साथ किन मानसिक विकारों और आसक्तियों को भी छोड़ने की आवश्यकता है। उत्तम त्याग धर्म का यह संदेश यही संकेत देता है कि सच्चा त्याग केवल हाथों से किसी वस्तु को छोड़ना नहीं, बल्कि भीतर से उस आसक्ति को छोड़ना है जो आत्मा की शांति और निर्मलता में बाधक बनती है।

  • ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में नए बी.ई. विद्यार्थियों के लिए कक्षाओं का शुभारंभ

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 24 सितंबर 2026। चिल्ड्रन्स एजुकेशन सोसाइटी के अंतर्गत संचालित द ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के प्रथम वर्ष बी.ई. विद्यार्थियों की कक्षाओं के शुभारंभ के अवसर पर विशेष समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों और संस्थान के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह में गूगल फॉर एजुकेशन, भारत के प्रमुख संजय जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता द ऑक्सफोर्ड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष डॉ. एस. एन. वी. एल. नरसिम्हा राजू ने की। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राकेश एस. जी. भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों और नए शैक्षणिक सत्र से संबंधित जानकारी दी। मुख्य अतिथि संजय जैन ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए शिक्षा के साथ तकनीकी समझ और बदलते शैक्षणिक एवं व्यावसायिक परिवेश के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के महत्व पर प्रकाश डाला। समारोह में विद्यार्थियों के साथ आए अभिभावकों ने भी अपने विचार साझा किए। संस्थान की ओर से अतिथियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए नए शैक्षणिक सत्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिला। आयोजकों के अनुसार, प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन्हें कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना और नए सत्र की शुरुआत के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करना था। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ। नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ विद्यार्थियों ने इंजीनियरिंग शिक्षा के अपने नए चरण की शुरुआत की।

  • सिरिगेरे मठ की समाजसेवा अनुकरणीय, भद्रा अपर बैंक परियोजना के लिए केंद्र से फंड की अपील

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com चित्रदुर्ग, 24 सितंबर 2026। जल संसाधन मंत्री एन. चालुवरायस्वामी ने कहा कि सिरिगेरे स्थित श्री तरलाबालु बृहन्मठ धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की सेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि मठ की सेवा परंपरा ग्रामीण गरीबों, किसानों, श्रमिकों और जरूरतमंदों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मंत्री गुरुवार को सिरिगेरे स्थित श्री तरलाबालु जगद्गुरु बृहन्मठ परिसर में श्रीमदुज्जयिनी सद्धर्म सिंहासनाधीश श्री तरलाबालु जगद्गुरु श्री 1108 लिंगैक्य श्री शिवकुमार शिवाचार्य महास्वामीजी के 35वें श्रद्धांजलि कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लिंगैक्य श्री शिवकुमार शिवाचार्य महास्वामीजी केवल मठ के प्रमुख के रूप में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब बच्चों, किसानों और वंचित समुदायों के लिए आशा और मार्गदर्शन के केंद्र के रूप में भी स्मरण किए जाते हैं। शिक्षा और अन्नदासोह को दी नई दिशा चालुवरायस्वामी ने कहा कि महास्वामीजी द्वारा स्थापित तरलाबालु विद्याशिक्षण की परंपरा आज भी राज्य में शिक्षा के प्रसार में योगदान दे रही है। उन्होंने अन्नदासोह के साथ शिक्षा सेवा को निरंतर आगे बढ़ाने में महास्वामीजी की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सिरिगेरे में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला ‘तरलाबालु पुन्नीमे’ केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की समस्याओं पर चर्चा तथा उनके समाधान के लिए संवाद का मंच भी बना। मंत्री ने कहा कि वर्षा की कमी के समय जलाशयों को भरने और सिंचाई से जुड़े मुद्दों को उठाने से लेकर किसानों में विश्वास पैदा करने तक, मठ ने समय-समय पर सरकार को मार्गदर्शन दिया है। उन्होंने वर्तमान जगद्गुरु परम पूज्य डॉ. शिवमूर्ति शिवाचार्य महास्वामीजी के नेतृत्व में मठ की सेवा परंपरा के आगे बढ़ने का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ सामाजिक सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। भद्रा अपर बैंक परियोजना के लिए केंद्र से फंड की अपील जल संसाधन मंत्री ने भद्रा अपर बैंक परियोजना के लिए केंद्र सरकार से प्रस्तावित आर्थिक सहायता शीघ्र जारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एस.एम. कृष्णा के कार्यकाल में परियोजना के लिए प्रारंभिक स्तर पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई थी तथा सर्वेक्षण और परियोजना संबंधी कार्य आगे बढ़े थे। उन्होंने परियोजना में बाद के वर्षों में बी.एस. येदियुरप्पा, बसवराज बोम्मई, सिद्धारमैया और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के योगदान का भी उल्लेख किया। चालुवरायस्वामी के अनुसार, परियोजना के लिए केंद्र से करीब 5,300 करोड़ रुपये की सहायता अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि यदि यह राशि अक्टूबर तक जारी होती है, तो इससे आसपास के चार जिलों को सिंचाई और जल उपलब्धता के लिहाज से लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं और राज्य सरकार परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक पहल कर रही है। कार्यक्रम में डॉ. शिवमूर्ति शिवाचार्य महास्वामीजी, डॉ. पंडिताराध्या शिवाचार्य महास्वामी, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, सांसद बसवराज बोम्मई, मंत्री के.एच. मुनियप्पा, रघुमूर्ति, पूर्व मंत्री जी.एम. सिद्धेश्वर, वसंतप्पा, सी.टी. रवि सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • बारां में भीषण सड़क हादसा, डॉक्टर दंपती और दो बच्चों की मौत

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बारां, 22 सितंबर 2026। राजस्थान के बारां जिले में मंगलवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में एक डॉक्टर दंपती और उनके दो बच्चों की मौत हो गई। दुर्घटना कवाई थाना क्षेत्र में कवाई-अटरू मार्ग पर एक पेट्रोल पंप के पास हुई, जहां कार और बलकर वाहन के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग फंस गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से निकाला हादसे की सूचना मिलते ही कवाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे चारों लोगों को बाहर निकाला गया और अटरू चिकित्सालय पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना की सूचना मृतकों के परिजनों को दी और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। जन्मदिन समारोह में शामिल होने आया था परिवार प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मूल रूप से झुंझुनूं के सूरजगढ़ निवासी और वर्तमान में जयपुर में रहने वाले डॉ. सुरेश गजराज अपनी पत्नी डॉ. शालिनी मौर्य और दोनों बच्चों के साथ 19 सितंबर को बारां आए थे। परिवार रिश्तेदार के बच्चे के जन्मदिन समारोह में शामिल हुआ था। मंगलवार सुबह परिवार कार से जयपुर लौट रहा था। इसी दौरान कवाई-अटरू मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास उनकी कार की बलकर वाहन से भिड़ंत हो गई। हादसे में डॉ. सुरेश, डॉ. शालिनी और उनके दोनों बच्चों की मौत हो गई। उपलब्ध रिपोर्टों में बच्चों के नाम स्वपनिल और निलिशा बताए गए हैं। मांडल उप जिला चिकित्सालय से जुड़े थे दंपती डॉ. सुरेश गजराज और डॉ. शालिनी मौर्य पिछले करीब चार वर्षों से भीलवाड़ा जिले के मांडल उप जिला चिकित्सालय में सेवाएं दे रहे थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार डॉ. सुरेश अस्पताल प्रभारी के रूप में कार्यरत थे, जबकि डॉ. शालिनी भी चिकित्सकीय सेवाओं से जुड़ी थीं। दोनों चिकित्सकों की एक साथ मौत की खबर से मांडल सहित चिकित्सा जगत में शोक का माहौल है। टक्कर के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार और बलकर की भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद राहत और बचाव कार्य में पुलिस के साथ स्थानीय लोगों ने भी सहयोग किया। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना की परिस्थितियों, वाहनों की स्थिति और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच के बाद ही हादसे के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के बाद जयपुर लौट रहा परिवार कुछ ही देर में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। चार सदस्यों की मौत की खबर से परिजनों और परिचितों में शोक की लहर है। मांडल के चिकित्सा क्षेत्र में भी इस घटना से गहरा दुख व्याप्त है।

  • खेजड़ली के 363 शहीदों को दीपांजलि

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com सांचौर, 22 सितंबर 2026। खेजड़ली बलिदान दिवस के अवसर पर सांचौर स्थित अमृता देवी सर्कल में पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले 363 बलिदानियों की स्मृति में दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों ने सहभागिता कर शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि खेजड़ली के 363 बलिदानियों ने खेजड़ी वृक्षों और प्रकृति की रक्षा के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका यह त्याग पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में स्मरण किया जाता है और आज भी प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की चुनौती लगातार बढ़ रही है। ऐसे में खेजड़ली के बलिदान की स्मृति केवल श्रद्धांजलि तक सीमित न रहकर व्यवहार में प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा बननी चाहिए। पेड़-पौधों की रक्षा, जल संरक्षण और स्थानीय जैव विविधता को सुरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक पौधारोपण करने, खेजड़ी वृक्षों की रक्षा करने तथा वन्यजीवों के संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी प्रभावी होगा, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए। इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों ने कहा कि 363 बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि उनके त्याग को स्मरण करने के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाना है। खेजड़ली की विरासत आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देती रहेगी। समाचार प्रेषक: भीखाराम गोदारा, सांचौर।

  • आजमगढ़ में पूजा के दौरान गोलीकांड: पत्नी और दो पुजारियों की हत्या

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह आजमगढ़, 23 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम धार्मिक अनुष्ठान के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, अरविंद सिंह ने कथित तौर पर अपनी पत्नी बबीता सिंह और पूजा कराने आए दो पुजारियों पर गोली चला दी। तीनों की मौत के बाद आरोपी अपने तीन बच्चों के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया। करीब सात से आठ घंटे तक चले पुलिस अभियान के दौरान आरोपी के एक बेटे की भी गोली लगने से मौत हो गई। बाद में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल अरविंद सिंह की अस्पताल में मौत हो गई। पहचान पत्र मांगने को लेकर विवाद की बात प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, मंगलवार शाम करीब छह बजे अरविंद सिंह घर लौटा, जहां धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। वहां मौजूद पुजारियों से पहचान पत्र, विशेष रूप से आधार कार्ड, दिखाने को लेकर पूछताछ के बाद विवाद बढ़ा। पुलिस के मुताबिक, कहासुनी के बाद अरविंद ने अपने लाइसेंसी हथियार से गोलीबारी कर दी। इस गोलीबारी में उसकी पत्नी बबीता सिंह तथा पूजा कराने आए महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई। घटना के समय मौजूद अन्य पुजारियों के वहां से निकल जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि परिवार ने अरविंद के व्यवहार को लेकर धार्मिक अनुष्ठान कराया था। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और विवाद किस तरह हिंसा में बदला, इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है। तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद हुआ आरोपी तीन लोगों की हत्या के बाद अरविंद सिंह अपने बच्चों के साथ घर के एक कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर लिया। सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने मकान को घेर लिया और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आरोपी से बातचीत कर आत्मसमर्पण कराने का प्रयास किया। करीब सात घंटे तक पुलिस और आरोपी के बीच गतिरोध बना रहा। पुलिस अधिकारियों की ओर से उसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और हथियार छोड़ने के लिए समझाने का प्रयास किया गया। बेटे की गोली लगने से मौत पुलिस के अनुसार, गतिरोध के दौरान कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज आई। पुलिस टीम ने अंदर जाकर देखा तो आरोपी का एक बेटा गोली लगने से गंभीर रूप से घायल था। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस के अनुसार अरविंद ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दो अन्य बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घटनास्थल से हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं। सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस अब गोलीबारी के पूरे घटनाक्रम, हथियार के इस्तेमाल, मौके पर मौजूद लोगों के बयानों और विवाद की मूल वजह की जांच कर रही है। शुरुआती पुलिस जानकारी के अनुसार घटना में पत्नी और दो पुजारियों के बाद आरोपी के एक बेटे की भी मौत हुई, जबकि पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी की मौत हुई। घटना को लेकर सामने आई विभिन्न जानकारियों में कुछ अंतर भी हैं। इसलिए अंतिम घटनाक्रम और जिम्मेदारियों के संबंध में पुलिस जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामला जांच के अधीन है।

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