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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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खाने के तेल पर बड़ी खबर: आयात शुल्क में कटौती, सूरजमुखी तेल पर ड्यूटी शून्य

लेखक की तस्वीर: Ashok kumar Singh
Ashok kumar Singh
24 सित॰
1 मिनट पठन
मोदी की छवि, तेल डालते दृश्य और सुपरमार्केट में खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटने की बड़ी खबर वाला रंगीन न्यूज़ ग्राफिक

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह नई दिल्ली, 24 सितंबर 2026। रसोई के बजट से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने प्रमुख खाद्य तेलों के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में कटौती की है। सरकार के अनुसार इस कदम का उद्देश्य खाद्य तेलों की घरेलू कीमतों पर दबाव कम करना और उपभोक्ताओं को राहत देना है। नई व्यवस्था के तहत कच्चे सूरजमुखी तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दी गई है। वहीं कच्चे सोयाबीन और कच्चे पाम तेल पर ड्यूटी 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। संबंधित रिफाइंड खाद्य तेलों पर भी शुल्क में बदलाव किया गया है।


सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत में आयातित तेल की लागत और घरेलू कीमतों पर दबाव बढ़ा था। आयात शुल्क घटने से कच्चे खाद्य तेल की लागत कम होने और इसका लाभ घरेलू आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचने की उम्मीद है।

सरकार ने खाद्य तेल उद्योग और संबंधित संगठनों से शुल्क कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर कीमत और अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में आवश्यक बदलाव करने को कहा है। साथ ही सरकार ने घरेलू रिफाइनिंग क्षमता को बढ़ावा देने के लिए कच्चे और रिफाइंड तेल के बीच शुल्क अंतर बनाए रखा है।


नई व्यवस्था 24 सितंबर 2026 से प्रभावी है। हालांकि खुदरा बाजार में तेल की कीमतों में वास्तविक बदलाव कितना और कितनी जल्दी दिखाई देगा, यह अंतरराष्ट्रीय कीमतों, आयात लागत, कंपनियों के मूल्य निर्धारण और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

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