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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

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खेजड़ली के 363 शहीदों को दीपांजलि

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
23 सित॰
1 मिनट पठन

अपडेट करने की तारीख: 24 सित॰

सांचौर में खेजड़ली बलिदान दिवस पर 363 बलिदानियों को दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित करते नागरिक

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com सांचौर, 22 सितंबर 2026। खेजड़ली बलिदान दिवस के अवसर पर सांचौर स्थित अमृता देवी सर्कल में पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले 363 बलिदानियों की स्मृति में दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों ने सहभागिता कर शहीदों को नमन किया।


कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि खेजड़ली के 363 बलिदानियों ने खेजड़ी वृक्षों और प्रकृति की रक्षा के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका यह त्याग पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में स्मरण किया जाता है और आज भी प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है।


वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की चुनौती लगातार बढ़ रही है। ऐसे में खेजड़ली के बलिदान की स्मृति केवल श्रद्धांजलि तक सीमित न रहकर व्यवहार में प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा बननी चाहिए। पेड़-पौधों की रक्षा, जल संरक्षण और स्थानीय जैव विविधता को सुरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।


कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक पौधारोपण करने, खेजड़ी वृक्षों की रक्षा करने तथा वन्यजीवों के संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी प्रभावी होगा, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए।


इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों ने कहा कि 363 बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि उनके त्याग को स्मरण करने के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाना है। खेजड़ली की विरासत आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देती रहेगी। समाचार प्रेषक: भीखाराम गोदारा, सांचौर।





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