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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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  • काग परिवार ने माताजी को चांदी का हार भेंट कर जताई श्रद्धा, संत पुष्कर दास जी महाराज ने दी मंगलकामनाएं

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 5 अक्टूबर 2026। दौड़गुब्बी क्षेत्र में धार्मिक एवं सामाजिक श्रद्धा से जुड़े एक भावपूर्ण अवसर पर स्वर्गीय श्री भंवरलाल जी काग की धर्मपत्नी श्रीमती पारकी देवी को उनके परिवार की ओर से माताजी को चांदी का हार भेंट किया गया। काग परिवार ने माताजी के प्रति सम्मान, श्रद्धा और पारिवारिक संस्कारों की भावना को व्यक्त करते हुए यह भेंट अर्पित की। श्रीमती पारकी देवी मूल रूप से झूठा गांव की निवासी हैं और वर्तमान में अड़कमारणहल्ली, बेंगलुरु में निवास कर रही हैं। उनके सुपुत्र श्री उमेश जी, श्री बाबूलाल जी और श्री मोहनलाल जी काग सहित परिवार के सदस्यों ने माताजी को चांदी का हार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर श्री मातेश्वरी भक्त मंडल, दौड़गुब्बी के संस्थापक संत पुष्कर दास जी महाराज ने काग परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने परिवार द्वारा माताजी के सम्मान में की गई इस पहल की सराहना करते हुए परिवार को धन्यवाद, साधुवाद और शुभ आशीर्वाद प्रदान किया। संत पुष्कर दास जी महाराज ने काग परिवार के सभी सदस्यों के लिए सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और पारिवारिक एकता की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान भारतीय पारिवारिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे अवसर परिवार में संस्कार, श्रद्धा और आपसी सद्भाव को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान काग परिवार ने संत पुष्कर दास जी महाराज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके आशीर्वाद के लिए आभार जताया। धार्मिक भावना और पारिवारिक श्रद्धा से जुड़े इस अवसर ने उपस्थित लोगों के बीच सकारात्मक एवं आत्मीय वातावरण बनाया।

  • KDKS हैदराबाद की नई कार्यकारिणी गठित, 11 नवंबर को भव्य चित्रगुप्त पूजा

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com हैदराबाद, 5 अक्टूबर 2026। कलम दवात कायस्थ समाज (KDKS), हैदराबाद की नई कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया। सोमाजीगुडा स्थित संस्था के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित बैठक में समाज की आगामी गतिविधियों और 11 नवंबर को होने वाले चित्रगुप्त पूजा समारोह की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। संस्था के संस्थापक बी.के. करना तथा मार्गदर्शक मंडल के अध्यक्ष गणेश प्रसाद श्रीवास्तव, पूर्व कमांडेंट सीआरपीएफ, के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। इसमें धर्मेंद्र कुमार सिन्हा को अध्यक्ष, अनामिका करना को उपाध्यक्ष, सुनील कुमार श्रीवास्तव को महासचिव, अजय कुमार दास को सहसचिव, अनूप कुमार सिन्हा को कोषाध्यक्ष तथा कुमार विजय विकास अम्बष्ट को संयोजक मनोनीत किया गया। सलाहकार समिति के अध्यक्ष के रूप में जी.पी. श्रीवास्तव, पूर्व सीआरपीएफ कमांडेंट, को जिम्मेदारी दी गई। समिति के सदस्यों में सुशील श्रीवास्तव, अरविंद वर्मा, ज्योति नारायण और शिल्पी भटनागर को शामिल किया गया। वहीं नई समिति को मजबूती देने के लिए ओम प्रकाश सिन्हा, डॉ. शिवकुमार, ए. प्रभुनाथ कुमार सिन्हा उर्फ पप्पू जी और उमेश कुमार करना को सदस्य बनाया गया। संस्था के सह-संस्थापक जे.पी. लाल बैठक में अनुपस्थित रहे। उन्हें बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी ई-मेल के माध्यम से देने की बात कही गई। 11 नवंबर को चित्रगुप्त पूजा का भव्य आयोजन संस्था के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिन्हा और महासचिव सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 11 नवंबर 2026, बुधवार को ऊपुगुडा स्थित ऐतिहासिक चित्रगुप्त देवालयम में भव्य चित्रगुप्त पूजा का आयोजन किया जाएगा। चारमीनार के समीप स्थित मंदिर परिसर में सुबह 6:30 बजे से शाम 4 बजे तक अभिषेक, पूजा-अर्चना, कलम-दवात की विधिवत पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पदाधिकारियों के अनुसार, हैदराबाद और सिकंदराबाद क्षेत्र में कायस्थ समाज की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में चित्रगुप्त पूजा का विशेष महत्व है। KDKS की ओर से प्रतिवर्ष ऐतिहासिक चित्रगुप्त देवालयम में इस आयोजन का संचालन किया जाता है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से चित्रांश परिवार और कलमधारी श्रद्धालु भाग लेते हैं। मेडचल, हयातनगर, तिरुमलागिरी, हाईटेक सिटी सहित हैदराबाद के विभिन्न क्षेत्रों से कायस्थ समाज के लोगों के पूजा समारोह में पहुंचने की उम्मीद है। आयोजकों ने कहा कि इस अवसर पर चित्रांश परिवारों को मंदिर में अभिषेक, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी बनने का अवसर मिलेगा। संस्था के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिन्हा ने सभी चित्रांश परिवारों से अधिक से अधिक संख्या में पूजा समारोह में शामिल होने का आह्वान किया। संस्थापक बी.के. करना ने पूजा से संबंधित व्यवस्थाओं के लिए अलग समिति गठित करने का सुझाव दिया और आयोजन को भव्य एवं व्यवस्थित बनाने के लिए सभी सदस्यों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। बैठक के अंत में प्रभुनाथ सिन्हा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। समाचार प्रेषक सुनील श्रीवास्तव, रानीगंज, सिकंदराबाद, तेलंगाना।

  • यलहंका में दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियों पर मंथन, 11 से 21 अक्टूबर तक आयोजन

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 5 अक्टूबर 2026। विश्व हिंदू धर्म रक्षक सेवा समिति (आर-329) के यलहंका न्यू टाउन, 4थ फेस स्थित मुख्य कार्यालय में आगामी दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन को व्यवस्थित, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र कुमार (जीतू पंडित) ने की। इस दौरान संस्था के मुख्य मार्गदर्शक राम भरोसा यादव और रंजीत कुमार राय सहित महिला मंडल अध्यक्ष स्नेह लता दुबे, पूजा देवी और रेखा नायक मौजूद रहीं। बैठक में समिति के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा महिला सदस्यों ने भी भाग लिया। बैठक में 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं, सुरक्षा, स्वच्छता तथा कार्यक्रम के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखने जैसे विषय प्रमुख रूप से चर्चा में रहे। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता और सहयोग आवश्यक है। समिति की ओर से समाज के लोगों से तन-मन-धन से सहयोग करने तथा आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने आगामी दुर्गा पूजा महोत्सव को आपसी सहयोग, समन्वय और सामाजिक सहभागिता के साथ सफल बनाने का संकल्प लिया। पदाधिकारियों ने कहा कि आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए सभी संबंधित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। समिति के अनुसार, दुर्गा पूजा महोत्सव के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। समाचार प्रेषक जितेंद्र कुमार दुबे, बेंगलुरु।

  • एशियन गेम्स 2026 में भारत का शानदार अभियान समाप्त, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह नई दिल्ली, 4 अक्टूबर 2026। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने कई शानदार और ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ अपने अभियान का समापन किया। भारत ने प्रतियोगिता में कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा। हालांकि भारत का कुल पदक आंकड़ा 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स के 106 पदकों से कम रहा, लेकिन 2026 के खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने कई स्पर्धाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश की बढ़ती खेल क्षमता का परिचय दिया। हॉकी में लगातार दूसरी बार स्वर्ण भारतीय पुरुष हॉकी टीम का प्रदर्शन इस अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में रहा। फाइनल मुकाबले में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि जुगराज, हार्दिक और शिलानंद ने भी गोल कर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का खिताब लगातार दूसरी बार अपने नाम किया। इस उपलब्धि ने भारतीय हॉकी को एक बार फिर एशियाई स्तर पर मजबूती से स्थापित किया और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन का रास्ता भी साफ किया। विज्ञापन क्रिकेट में पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने भी एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया। टी-20 फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारत की इस जीत ने क्रिकेट में उसके दबदबे को बरकरार रखा। भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ यह मुकाबला प्रतियोगिता के सबसे चर्चित मुकाबलों में रहा। भारतीय टीम के स्वर्ण पदक ने देश के पदक अभियान को महत्वपूर्ण मजबूती दी। गोल्फ में प्रणवी उर्स ने रचा इतिहास गोल्फ में प्रणवी शरथ उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वह एशियन गेम्स में महिला व्यक्तिगत गोल्फ का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। महिला टीम स्पर्धा में अदिति अशोक, प्रणवी शरथ उर्स और दीक्षा डागर ने रजत पदक हासिल किया। गोल्फ में इन उपलब्धियों ने भारतीय महिला खिलाड़ियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को रेखांकित किया। कुश्ती में अमन सहरावत का स्वर्ण कुश्ती में अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। फाइनल में उन्होंने उत्तर कोरिया के चोंग सोंग हान को 11-7 से हराया। महिला कुश्ती में अंतिम पंघाल ने 53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया, जबकि दीपक पुनिया ने पुरुषों के 97 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन तीरंदाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कुमकुम अनिल मोहोद ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। भारतीय तीरंदाजों ने विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतकर इस खेल में देश की मजबूत स्थिति को कायम रखा। महिला रिकर्व टीम के प्रदर्शन ने भी भारतीय अभियान को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। तीरंदाजी में मिली उपलब्धियां आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही हैं। शूटिंग और बॉक्सिंग में भी मिला महत्वपूर्ण योगदान भारतीय निशानेबाजों ने विभिन्न शूटिंग स्पर्धाओं में पदक जीतकर भारत की पदक तालिका को मजबूत किया। एलावेनिल वलारिवन सहित कई भारतीय निशानेबाजों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक हासिल किए। मुक्केबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज कीं। महिला मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन ने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय अभियान में एक और महत्वपूर्ण स्वर्ण जोड़ा। विज्ञापन 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर भारत एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों का अंतिम आंकड़ा इस प्रकार रहा—स्वर्ण पदक — 21, रजत पदक — 27, कांस्य पदक — 37, कुल पदक — 85 भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। चीन ने शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि जापान सहित अन्य प्रमुख एशियाई खेल शक्तियों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। 2023 से कम पदक, लेकिन कई ऐतिहासिक उपलब्धियां 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने रिकॉर्ड 106 पदक जीते थे। इसके मुकाबले 2026 में भारत के खाते में 85 पदक आए। इसके बावजूद इस अभियान को केवल पदकों की संख्या के आधार पर नहीं देखा जा सकता। पुरुष हॉकी में लगातार दूसरी बार स्वर्ण, पुरुष क्रिकेट में स्वर्ण, महिला व्यक्तिगत गोल्फ में ऐतिहासिक स्वर्ण और तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन जैसी उपलब्धियों ने भारतीय अभियान को विशेष बनाया। आगे की तैयारियों के लिए मजबूत आधार एशियन गेम्स 2026 का भारतीय अभियान यह संकेत देता है कि देश अब केवल पारंपरिक पदक दिलाने वाले खेलों तक सीमित नहीं है। हॉकी और क्रिकेट जैसे टीम खेलों के साथ गोल्फ, तीरंदाजी, कुश्ती, शूटिंग और मुक्केबाजी जैसे व्यक्तिगत खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी लगातार अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहे हैं |85 पदकों के साथ चौ था स्थान भारत के लिए आगे की बड़ी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों की तैयारी का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब खिलाड़ियों और खेल महासंघों के सामने इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए 2028 ओलंपिक सहित आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती होगी। एशियन गेम्स 2026 के समापन के साथ भारतीय दल का अभियान 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदकों के साथ समाप्त हुआ। परिणाम भले ही 2023 के रिकॉर्ड से कम रहा हो, लेकिन कई खेलों में मिली ऐतिहासिक सफलताओं ने भारतीय खेल जगत के लिए उम्मीदों का एक नया आधार जरूर तैयार किया है।

  • PM मोदी और भारतीय पायलट कैप्टन स्मित को इजरायल का खास न्योता, नेतन्याहू ने साहस को सराहा

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह नई दिल्ली, 4 अक्टूबर 2026। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को इजरायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से बातचीत के दौरान संकट की घड़ी में उनके साहस, धैर्य और निर्णय क्षमता की सराहना की। नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को भारत, इजरायल और दुनिया के लिए एक प्रेरणादायी नायक बताते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में उनके साहस ने यात्रियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री मोदी को स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष सम्मान के तौर पर मशाल प्रज्ज्वलित करने का निमंत्रण दिया। विज्ञापन कॉकपिट में हमले के बावजूद संभाला मोर्चा यह सम्मान उस घटना के बाद सामने आया है, जिसमें दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में कथित तौर पर कैप्टन स्मित पर उनके सह-पायलट ने हमला किया था। विमान में उस समय 174 यात्री सवार थे। घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को कॉकपिट तक पहुंचने तथा स्थिति संभालने का अवसर मिला। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया। संकट के बीच विमान की सुरक्षित लैंडिंग को कैप्टन और चालक दल की सूझबूझ से जोड़कर देखा जा रहा है। नेतन्याहू ने की साहस और निर्णय क्षमता की प्रशंसा कैप्टन स्मित से बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने उनकी बहादुरी और विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कैप्टन स्मित के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। इज़राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल प्रज्ज्वलित करना प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है। नेतन्याहू ने संकेत दिया कि यह सम्मान सामान्यतः इजरायली नागरिकों को दिया जाता है, लेकिन कैप्टन स्मित के असाधारण साहस को देखते हुए उन्हें इस विशेष अवसर के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके हैं बातचीत घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित से बातचीत की थी। प्रधानमंत्री ने उनके साहस और कठिन परिस्थिति में दिखाई गई सूझबूझ की सराहना करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। अब इजरायल की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए आया यह विशेष निमंत्रण कैप्टन स्मित के साहस को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही, यह भारत और इजरायल के बीच मजबूत संबंधों के मानवीय और प्रतीकात्मक पक्ष को भी सामने लाता है। संकट में धैर्य और जिम्मेदारी की मिसाल कैप्टन स्मित की घटना ने विमानन क्षेत्र में संकट की परिस्थितियों के दौरान पायलट के धैर्य, निर्णय क्षमता और जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया है। कठिन परिस्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति संभालने की उनकी भूमिका अब व्यापक चर्चा का विषय बन गई है। इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी और कैप्टन स्मित को आमंत्रित किया जाना इस पूरे घटनाक्रम को एक विशेष अंतरराष्ट्रीय पहचान देता है। समारोह में मशाल प्रज्ज्वलित करने का अवसर कैप्टन स्मित के साहस और कर्तव्यनिष्ठा के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

  • SIR विवाद पर BJP का DGP से मोर्चा, फॉर्म-7 से जुड़े मामलों में कार्रवाई रोकने की मांग

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 4 अक्टूबर 2026। कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राज्य की कांग्रेस सरकार के बीच राजनीतिक टकराव अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को पुलिस महानिदेशक एम.ए. सलीम से मुलाकात की। भाजपा नेताओं ने फॉर्म-7 के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने के आवेदन से जुड़े मामलों में पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा करने और कार्रवाई रोकने की मांग की।भाजपा का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान उसके कार्यकर्ताओं को राजनीतिक दबाव में निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने डीजीपी के समक्ष कहा कि मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने के लिए फॉर्म-7 के माध्यम से आवेदन करना चुनावी प्रक्रिया का निर्धारित हिस्सा है। यदि किसी आवेदन में त्रुटि या अनियमितता पाई जाती है तो उसकी जांच की जानी चाहिए, लेकिन केवल आवेदन करने के आधार पर कार्यकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई उचित नहीं है। फॉर्म-7 को लेकर सामने आए मामले कर्नाटक में SIR के दौरान फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में मामले दर्ज किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार भालकी (बीदर), बेलगावी और नरसिम्हाराजा (मैसूरु) में फॉर्म-7 आवेदन में कथित अनियमितता को लेकर FIR दर्ज की गई हैं। कुछ मामलों में भाजपा कार्यकर्ताओं को नामजद किए जाने की बात सामने आई है। फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से किसी नाम को हटाने के अनुरोध के लिए किया जाता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति की पहचान या जानकारी का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया गया हो अथवा गलत तथ्यों के आधार पर नाम हटाने का प्रयास किया गया हो, तो संबंधित शिकायत की जांच की जा सकती है। हालांकि, किसी भी मामले में आरोप सही हैं या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। भाजपा ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जानकारी देने के उद्देश्य से फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया। पार्टी ने पुलिस से आग्रह किया कि SIR से जुड़े मामलों में कार्रवाई राजनीतिक दबाव से नहीं, बल्कि दस्तावेजों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जाए।Nभाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दबाव में उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही हैं। हालांकि यह राजनीतिक आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, फॉर्म-7 से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई का आधार कथित रूप से गलत या अनुचित तरीके से आवेदन किए जाने की शिकायतें हैं। मतदाता सूची की शुद्धता और मताधिकार दोनों अहम SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और सत्यापित करना है। इस प्रक्रिया में मृत मतदाताओं, स्थानांतरित मतदाताओं, डुप्लीकेट प्रविष्टियों तथा अन्य कारणों से अनुपयुक्त नामों की पहचान की जाती है। साथ ही पात्र मतदाताओं का नाम सूची में सुरक्षित रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी वजह से मतदाता सूची से नाम हटाने के किसी भी आवेदन की प्रक्रिया पारदर्शी और तथ्य आधारित होना जरूरी है। यदि किसी आवेदन में वास्तविक अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, वहीं वैध मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए। जांच से स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से आग्रह किया कि फॉर्म-7 से जुड़े मामलों में पुलिस अधिकारियों को तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए जाएं। पार्टी का कहना है कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को SIR की प्रक्रिया में भाग लेने के कारण आपराधिक मामलों में नहीं फंसाया जाना चाहिए। वहीं, दर्ज मामलों में पुलिस जांच के दौरान यह निर्धारित किया जाएगा कि संबंधित फॉर्म-7 आवेदन नियमों के अनुरूप थे या उनमें जानबूझकर गलत जानकारी अथवा अन्य अनियमितता का इस्तेमाल किया गया। प्रत्येक मामले की वास्तविक स्थिति जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही सामने आएगी। SIR को लेकर पहले से जारी राजनीतिक मतभेदों के बीच भाजपा नेताओं की डीजीपी से मुलाकात ने विवाद को नया राजनीतिक आयाम दिया है। अब नजर इस बात पर है कि पुलिस इन मामलों की समीक्षा को लेकर क्या रुख अपनाती है और जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है। कर्नाटक में मतदाता सूची और SIR को लेकर भाजपा तथा कांग्रेस के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि फॉर्म-7 का इस्तेमाल निर्धारित प्रक्रिया के तहत हुआ या कहीं उसका दुरुपयोग किया गया। इसका जवाब संबंधित चुनावी रिकॉर्ड, शिकायतों और पुलिस जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा।

  • श्री सिटी की फार्मा फैक्ट्री में बॉयलर विस्फोट, चार मजदूरों की मौत; 10 घायल

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह तिरुपति, 3 अक्टूबर 2026। आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के श्री सिटी विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) स्थित एक निजी फार्मास्युटिकल इकाई में शनिवार सुबह बॉयलर फटने से बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। प्रारंभिक आधिकारिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना में चार श्रमिकों की मौत हुई है, जबकि करीब 10 लोग घायल बताए जा रहे हैं। कुछ अन्य रिपोर्टों में मृतकों की संख्या पांच बताई गई है, ऐसे में प्रशासन की ओर से अंतिम पुष्टि का इंतजार है। तेज धमाके के बाद मची अफरा-तफरी जानकारी के अनुसार हादसा श्री सिटी के सत्यवेदु मंडल स्थित TIL Healthcare की फार्मास्युटिकल विनिर्माण इकाई में हुआ। सुबह करीब 8 बजे बॉयलर में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर में आग लग गई और कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा। इमारत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से कुछ श्रमिकों के फंसने की भी सूचना सामने आई। विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और आपातकालीन बचाव दल मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव अभियान चलाकर प्रभावित क्षेत्र से श्रमिकों को बाहर निकाला गया। आग पर भी नियंत्रण पाने की कार्रवाई की गई। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। दो की मौके पर मौत, दो ने इलाज के दौरान दम तोड़ा अधिकारियों के अनुसार, दो श्रमिकों की मौत विस्फोट के बाद मौके पर ही हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा। कई घायलों का इलाज जारी है और कम से कम एक घायल की स्थिति गंभीर बताई गई है। हादसे के बाद प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटाने का काम भी शुरू किया गया है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां दुर्घटना से हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। मुख्यमंत्री नायडू ने जताया दुख आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने श्री सिटी में हुए हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और मृतकों के परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य के शिक्षा एवं आईटी मंत्री नारा लोकेश ने भी घटना पर शोक जताते हुए घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता देने की बात कही है। विस्फोट की वजह अभी जांच के दायरे में फिलहाल बॉयलर में विस्फोट के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित अधिकारी घटना की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। तकनीकी खराबी, उपकरण की स्थिति अथवा संचालन से जुड़े किसी पहलू की भूमिका रही या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। श्री सिटी देश के प्रमुख बहु-उत्पाद विशेष आर्थिक क्षेत्रों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित होती हैं। ऐसे में इस हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में बॉयलर और अन्य उच्च-दबाव वाले उपकरणों की नियमित जांच तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन के महत्व को फिर सामने ला दिया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का उपचार, प्रभावित परिवारों को सहायता और हादसे के कारणों की जांच करना है। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की पूरी परिस्थितियां और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।

  • गांधी जयंती पर स्वच्छता का संदेश, 100 सिविक वर्कर्स को मिला ‘स्वच्छ लोकल हीरोज़’ सम्मान

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 3 अक्टूबर 2026। महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर बेंगलुरु साउथ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की ओर से जयनगर स्थित शालिनी मैदान में स्वच्छता वॉकथॉन, प्लॉगिंग और जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया। विभिन्न कॉलेजों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के सहयोग से हुए इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। नागरिक भागीदारी से स्वच्छ शहर का संदेश अभियान के दौरान लोगों ने ‘सफाई हमारी जिम्मेदारी है’ के संदेश के साथ शालिनी मैदान और आसपास के क्षेत्रों में प्लॉगिंग की। इसमें नागरिकों, युवाओं और निगम अधिकारियों ने पैदल चलते हुए सड़क किनारे बिखरे कचरे को एकत्र किया। आयोजन के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने और कचरा खुले में नहीं फेंकने का संदेश दिया गया। बेंगलुरु साउथ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कमिश्नर के.एन. रमेश ने कहा कि हरित और स्वस्थ बेंगलुरु के लिए नागरिकों की भागीदारी तथा सिविक चेतना आवश्यक है। उन्होंने घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, एकल-उपयोग प्लास्टिक से बचने और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता केवल किसी विशेष दिवस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे नागरिकों की रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बनाया जाना जरूरी है। 100 सफाईकर्मियों को ‘स्वच्छ लोकल हीरोज़’ सम्मान स्वच्छता व्यवस्था में लगातार योगदान देने वाले सिविक वर्कर्स, कचरा संग्रहण वाहनों के चालकों और हेल्पर्स को कार्यक्रम के दौरान ‘स्वच्छ लोकल हीरोज़’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। निगम की ओर से जयनगर क्षेत्र के 40, बेंगलुरु साउथ क्षेत्र के 40 और पद्मनाभनगर डिवीजन के 20 कर्मचारियों सहित कुल 100 कर्मचारियों को प्रशंसा प्रमाणपत्र और फ्लास्क प्रदान किए गए। सम्मान का उद्देश्य सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में योगदान दे रहे कर्मचारियों के कार्य को सार्वजनिक रूप से सराहना देना रहा। सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ भी जागरूकता गांधी जयंती के अवसर पर निगम ने NGOs साहस और लेट्स बी द चेंज के सहयोग से BTM लेआउट क्षेत्र के अदुगोडी और राजेंद्र चोलनगर में भी जनजागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान लोगों को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध, ठोस कचरा प्रबंधन तथा कचरे को स्रोत पर ही गीले और सूखे वर्ग में अलग करने की जानकारी दी गई। अभियान में नागरिकों से स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करने और अपने आसपास के सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने की अपील की गई। कार्यक्रम में संयुक्त आयुक्त डॉ. एन.एन. मधु, मुख्य अभियंता बसवराज कबाड़े, डीजीएम मनुजा सहित निगम के अन्य अधिकारी और संबंधित संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

  • दिसंबर में 10 दिन सजेगा बेंगलुरु, 300 से ज्यादा कार्यक्रमों के साथ होगी ‘बेंगलुरु जात्रे’

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 3 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु की कला, संस्कृति, साहित्य, संगीत, खेल और विरासत को एक साझा मंच देने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने 4 से 13 दिसंबर तक 10 दिवसीय ‘बेंगलुरु जात्रे’ आयोजित करने की योजना बनाई है। ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) इस आयोजन की नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत शहरभर में 300 से अधिक सांस्कृतिक, साहित्यिक, कलात्मक, पर्यावरण और खेल गतिविधियां आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रेटर बेंगलुरु डेवलपमेंट मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा ने GBA मुख्यालय में आयोजित बैठक के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहर में सड़क, पानी, यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास सरकार की नियमित जिम्मेदारी है, लेकिन नागरिकों के जीवन में कला, संस्कृति और सामुदायिक गतिविधियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार और नागरिकों की साझेदारी पर जोर मंत्री ने कहा कि ‘बेंगलुरु जात्रे’ को केवल सरकारी कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि ‘बेंगलुरु के लोगों द्वारा, बेंगलुरु के लोगों के लिए’ आयोजित होने वाले उत्सव के रूप में विकसित करने की योजना है। IT-BT संस्थानों, निजी शिक्षण संस्थानों, कला दीर्घाओं, सार्वजनिक उपक्रमों, होटल एसोसिएशनों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), RWA और कॉरपोरेट संस्थानों से भी इसमें भागीदारी की अपील की जा रही है। प्रस्ताव के अनुसार, विभिन्न संस्थान अपने परिसरों और निर्धारित सार्वजनिक स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी, संगीत, नाटक, प्रतिभा प्रदर्शन और सामुदायिक गतिविधियां आयोजित कर सकेंगे। पांचों नगर निगम क्षेत्रों में होंगे कार्यक्रम GBA के अधीन आने वाले पांच नगर निगम क्षेत्रों में सड़क, पार्क, खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्थानीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इनमें लोक कला, संगीत, कला प्रदर्शनियां, बच्चों की गतिविधियां और स्ट्रीट फेस्टिवल शामिल किए जा सकते हैं। मेले के दौरान बस स्टॉप, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक बैठने की सुविधाओं को स्थानीय कला एवं डिजाइन के माध्यम से आकर्षक बनाने की संभावनाएं भी तलाशने की बात कही गई है। मेट्रो, बस और सार्वजनिक स्थलों को भी जोड़ा जाएगा योजना के तहत BMRCL के मेट्रो स्टेशनों के कॉनकोर्स में गैर-व्यस्त समय के दौरान कला एवं संगीत कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव है। BMTC बसों के माध्यम से भी उत्सव की ब्रांडिंग और प्रचार की योजना बताई गई है। इसके अलावा BWSSB की इमारतों और पानी की टंकियों जैसे सार्वजनिक ढांचे का उपयोग कला एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए किए जाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। भोजन से लेकर विरासत तक दिखेगी बेंगलुरु की विविधता होटल एसोसिएशन के सहयोग से कर्नाटक के पारंपरिक व्यंजनों पर आधारित फूड फेस्टिवल आयोजित करने की योजना है। पुराने शहर क्षेत्रों और पारंपरिक ‘पेट्स’ के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर स्थानीय विरासत एवं ग्रामीण शैली के उत्सव आयोजित करने का भी प्रस्ताव है। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कला प्रदर्शनियों, विज्ञान एवं नवाचार प्रदर्शनियों, संगीत और नृत्य कार्यक्रमों में भाग लेने के अवसर दिए जाएंगे। IISc, IIM, NGMA, चित्रकला परिषद, विश्वेश्वरैया औद्योगिक एवं तकनीकी संग्रहालय, प्लेनेटेरियम सहित विभिन्न संस्थानों से भागीदारी की अपेक्षा जताई गई है। रंगशंकरा, जागृति, बेंगलुरु इंटरनेशनल सेंटर, MAP, IME और अन्य कला-संस्कृति संस्थानों को भी प्रस्तावित कार्यक्रम कैलेंडर में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। 300 से अधिक कार्यक्रम, प्रवेश शुल्क नहीं लेने की योजना सरकार का लक्ष्य 10 दिनों में 300 से अधिक कार्यक्रम आयोजित करना है। इनमें कला, साहित्य, संगीत, नाटक, पर्यावरण और खेल से जुड़े आयोजन शामिल होंगे। फिल्म जगत की प्रमुख हस्तियों को भी कार्यक्रमों से जोड़ने के प्रयास किए जाने की बात मंत्री ने कही। प्रस्तावित सरकारी कार्यक्रमों में जनता से प्रवेश शुल्क नहीं लेने की बात भी कही गई है। कार्यक्रमों की जगह और समय की जानकारी एक अलग वेबसाइट पर उपलब्ध कराने तथा बड़े आयोजनों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था करने की योजना है। राज्यों के सांस्कृतिक दलों को भी बुलाने का प्रस्ताव बेंगलुरु को देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का मंच बनाने के उद्देश्य से विभिन्न राज्य सरकारों से उनके राज्यों के सांस्कृतिक दलों को शहर में आमंत्रित करने का अनुरोध किए जाने की योजना है। इससे स्थानीय कला के साथ अन्य राज्यों की लोक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को भी मंच मिलने की संभावना है। 15 से 20 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान प्रस्तावित ‘बेंगलुरु जात्रे’ पर करीब 15 से 20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान जताया गया है। इसमें कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग के बजट से 5 करोड़ रुपये तथा पांचों नगर निगमों से 1-1 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव बताया गया है। शेष राशि BMRCL, BESCOM, BWSSB और BDA जैसी संबंधित संस्थाओं के योगदान से जुटाने की योजना है। यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर भी फोकस बड़े आयोजनों के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा। पुलिस और यातायात विभाग के साथ कार्यक्रमों के आकार एवं स्थान के अनुसार सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन की योजना तैयार करने की बात कही गई है। 13 दिसंबर को प्रस्तावित भव्य समापन समारोह के साथ 10 दिवसीय आयोजन का समापन करने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, सरकार की मंशा इस आयोजन को भविष्य में वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव के रूप में विकसित करने की है। बैठक में GBA के चीफ कमिश्नर महेश्वर राव, मेट्रो के प्रबंध निदेशक डॉ. पी.सी. जाफर, जल बोर्ड की प्रबंध निदेशक मंजुला, पब्लिक एजुकेशन विभाग के कमिश्नर सुरोलकर विकास किशोर, BESCOM के प्रबंध निदेशक शिवशंकर, ट्रैफिक डिवीजन के संयुक्त आयुक्त कार्तिक रेड्डी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

  • इंजीनियर केवल निर्माण नहीं, भविष्य की नींव रखते हैं: मंत्री एन. चालुवरायस्वामी

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com मैसूर, 3 अक्टूबर 2026। जल संसाधन मंत्री एन. चालुवरायस्वामी ने कहा कि इंजीनियरों की भूमिका केवल भवन, सड़क और पुलों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे देश के भविष्य की आधारशिला तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने इंजीनियरों से आधुनिक तकनीक और नवाचार का उपयोग समाज के व्यापक हित में करने तथा टिकाऊ विकास को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। मंत्री शनिवार को मैसूर के जे.एल.बी. रोड स्थित सर एम. विश्वेश्वरैया सभागार में इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की ओर से आयोजित 41वें राष्ट्रीय सिविल इंजीनियरिंग सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। ज्ञान का उपयोग समाज के हित में हो चालुवरायस्वामी ने कहा कि ज्ञान अर्जित करना जितना जरूरी है, उसका उपयोग समाज की समस्याओं के समाधान के लिए करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, जलापूर्ति, बिजली और डिजिटल सुविधाएं आज आम जीवन का हिस्सा बन चुकी हैं, लेकिन इनके पीछे इंजीनियरों की विशेषज्ञता, योजना, मेहनत और जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और अंतरिक्ष तकनीक जैसी नई तकनीकें विकास की दिशा बदल रही हैं। ऐसे दौर में कर्नाटक के इंजीनियरों और युवाओं के सामने नई संभावनाओं के साथ बड़ी जिम्मेदारियां भी हैं। विकास का मतलब जनजीवन में सुधार मंत्री ने कहा कि विकास को केवल बड़े-बड़े प्रोजेक्ट और निर्माण कार्यों से नहीं मापा जाना चाहिए। किसानों के खेतों तक समय पर पानी पहुंचना, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा मिलना, गांवों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ना और युवाओं को कौशल आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में तकनीक और इंजीनियरिंग की भूमिका महत्वपूर्ण है। तकनीकी समाधान ऐसे होने चाहिए जो वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य की पर्यावरणीय और सामाजिक चुनौतियों का भी सामना कर सकें। ‘स्मार्ट’ के साथ ‘सस्टेनेबल’ तकनीक पर जोर चालुवरायस्वामी ने युवाओं से केवल रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजन की दिशा में सोचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समस्याओं की चर्चा तक सीमित रहने के बजाय उनके व्यावहारिक समाधान खोजने की संस्कृति विकसित करनी होगी। उन्होंने इंजीनियरिंग क्षेत्र में स्मार्ट और टिकाऊ तकनीक के विकास पर जोर देते हुए कहा कि नवाचार का अंतिम उद्देश्य समाज और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए। विश्वेश्वरैया की विरासत का उल्लेख मंत्री ने महान अभियंता सर एम. विश्वेश्वरैया के योगदान को इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि सीमित तकनीकी संसाधनों के दौर में विश्वेश्वरैया ने जिन परियोजनाओं और व्यवस्थाओं को आकार दिया, वे आज भी इंजीनियरों के लिए उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इंजीनियरों को नए और प्रभावी समाधान विकसित करने चाहिए। उन्होंने ज्ञान, तकनीक और नवाचार के माध्यम से समाज की सेवा करते हुए मजबूत, आधुनिक और टिकाऊ कर्नाटक के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। वरिष्ठ इंजीनियरों का सम्मान कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने देश और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ इंजीनियरों को सम्मानित किया। इस अवसर पर इंजीनियर मनीष पांडे को ‘Eng Engineer’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद मंत्री ने इंजीनियरों के साथ ‘Contribution of Civil Engineers to Building a Sustainable India-2047’ विषय पर संवाद किया। चर्चा में भारत के दीर्घकालिक विकास, टिकाऊ बुनियादी ढांचे और सिविल इंजीनियरों की भूमिका से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। समारोह में सीवीडीबी के अध्यक्ष पी. सूर्यप्रकाश, संगठन के पदाधिकारी सीताराम, नागराज, एच.एस. सुरेश बाबू, नंजय्या, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता महादेव, अखिल भारतीय इंजीनियर्स संस्थान के पूर्व अध्यक्ष वी.बी. सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • पितरों के मोक्ष की कामना से गूंजे वैदिक मंत्र, पांच कुण्डीय महायज्ञ का शुभारंभ

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com संवाददाता अशोक कुमार सिंह हरिद्वार, 3 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट द्वारा आयोजित सर्व पितृ मोक्ष प्राप्ति 5 कुण्डीय महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का प्रथम दिवस श्रद्धा, धार्मिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सम्पन्न हुआ। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने पितरों का आह्वान कर उनके निमित्त पिण्डदान एवं तर्पण की धार्मिक प्रक्रियाओं में सहभागिता की। महायज्ञ के प्रथम दिवस संगठन के जिला मंत्री श्री संजय वर्मा मुख्य यजमान रहे। दूसरी कुण्डी पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पंकज सैनी के पूज्य माता-पिता यजमान के रूप में शामिल हुए। तीसरी कुण्डी पर श्रीमती दीप्ति वर्मा एवं श्री यशु वर्मा ने यजमान के रूप में धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की। चौथी कुण्डी पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पंकज सैनी अपनी धर्मपत्नी के साथ यजमान रहे, जबकि पांचवीं कुण्डी पर कॉलोनी के सम्मानित निवासियों ने यजमान के रूप में सहभागिता की। यज्ञ के दौरान विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चारण के बीच समस्त पितरों का विधिवत आह्वान किया गया। इसके साथ ही पितरों के निमित्त पिण्डदान एवं तर्पण की धार्मिक विधियां सम्पन्न कराई गईं। कार्यक्रम में पोथी पाठ के साथ नारायणी कर्म का भी पंडितों द्वारा शुभारंभ किया गया। धार्मिक आयोजन में कॉलोनी के बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं सम्मानित निवासी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और आयोजन की धार्मिक गतिविधियों में सहभागिता की। पूरे कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। आयोजकों के अनुसार, महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा के आगामी कार्यक्रम भी निर्धारित धार्मिक विधि-विधान के अनुसार सम्पन्न होंगे।

  • पाकिस्तान को 19 रन से हराकर भारत ने फिर जीता एशियन गेम्स क्रिकेट स्वर्ण

    भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com निशिन, 3 अक्टूबर 2026। एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए रोमांचक मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक हासिल किया। अभिषेक ने दी तेज शुरुआत, तिलक ने संभाला मोर्चा भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए 28 गेंदों पर 61 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी पारी में तीन चौके और सात छक्के शामिल रहे। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 21 और ईशान किशन ने 20 रन का योगदान दिया। पारी के अंतिम चरण में तिलक वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए महज 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए। शिवम दुबे ने भी 27 रन की उपयोगी पारी खेली। इन पारियों की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 211 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जो इस टूर्नामेंट में पुरुष क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर भी रहा। हसन नवाज की 96 रन की पारी भी नहीं दिला सकी जीत 212 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। हालांकि हसन नवाज ने शानदार संघर्ष करते हुए 51 गेंदों पर 96 रन बनाए और मुकाबले को अंतिम चरण तक रोमांचक बनाए रखा। उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त साझेदारी नहीं मिल सकी और पाकिस्तान की टीम निर्धारित 20 ओवर में 192 रन तक ही पहुंच सकी। भारतीय गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट निकालकर पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य बड़ा होने के बावजूद पाकिस्तान की टीम अंतिम ओवरों में जरूरी रन गति हासिल नहीं कर सकी और भारत ने 19 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार स्वर्ण इस जीत के साथ भारत ने पुरुष क्रिकेट में अपना दूसरा लगातार एशियन गेम्स स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी भारतीय पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। ICC के अनुसार, भारत दोनों संस्करणों में पुरुष क्रिकेट का मौजूदा चैंपियन रहा है। क्रिकेट में भारत का गोल्डन डबल एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम भी स्वर्ण पदक जीत चुकी है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला टीम ने 22 सितंबर को श्रीलंका को 147 रन से हराकर लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट का स्वर्ण जीता था। इस तरह मौजूदा एशियन गेम्स में भारत ने पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पुरुष फाइनल में भारत की जीत ने एशियन गेम्स के क्रिकेट अभियान को स्वर्णिम अंत दिया। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की पारियों तथा गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने भारत को खिताब बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई।

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