हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी ₹15,220, कैबिनेट ने दी मंजूरी
- धन्ना राम चौधरी

- 8 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य के श्रमिकों को बड़ा तोहफा देते हुए न्यूनतम मजदूरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया, जिसके तहत अब अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी ₹11,257 से बढ़ाकर ₹15,220 प्रतिमाह कर दी गई है।
कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि बैठक में कुल सात एजेंडे रखे गए थे, जिनमें से छह को मंजूरी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि मजदूरी बढ़ाने का निर्णय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है, जिसका उद्देश्य श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
अग्निवीरों को बढ़ा आरक्षण
बैठक में अग्निवीर नीति 2024 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। अब अग्निवीरों को फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर और माइनिंग गार्ड जैसे पदों पर मिलने वाला क्षैतिज आरक्षण 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं को सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में बेहतर अवसर मिलेंगे।
महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण, विशेष वर्गों को प्राथमिकता
सरकार ने राशन डिपो आवंटन में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी दोहराया है। इसमें एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राशन डिपो नियमों में बदलाव
मंत्रिमंडल ने टारगेटेड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (टीपीडीएस) संशोधन आदेश, 2026 को भी मंजूरी दी। नए प्रावधानों के अनुसार अब राशन डिपो का लाइसेंस 300 की बजाय 500 राशन कार्ड पर दिया जाएगा। साथ ही डिपो धारकों की अधिकतम आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर, विशेष परिस्थितियों में 65 वर्ष तक की जा सकेगी। यदि डिपो धारक का निधन समय से पहले हो जाता है, तो उसके कानूनी वारिस को लाइसेंस हस्तांतरित किया जा सकेगा।
रिटायरमेंट हाउसिंग और एफएआर में वृद्धि
सरकार ने रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन करते हुए फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया है। इससे वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा।
गांव की जमीन नियमों में संशोधन
हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) नियम, 1964 में नया नियम 5A जोड़ने को मंजूरी दी गई है। इसके तहत उन परियोजनाओं को राहत मिलेगी, जहां पर्याप्त रास्ता उपलब्ध नहीं है। निर्धारित शर्तों के अनुसार भूमि हस्तांतरण कर रास्ते की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण और विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार नीतिगत फैसले ले रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन निर्णयों से प्रदेश के श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा तथा राज्य की आर्थिक और सामाजिक संरचना को मजबूती प्रदान होगी।
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