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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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‘हमें 420 पॉलिटिक्स की जरूरत नहीं’, विजयेंद्र का हरिप्रसाद पर पलटवार

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
30 सित॰
3 मिनट पठन
बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत करते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलुरु, 30 सितंबर 2026। कर्नाटक में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो-2’ पदयात्रा को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस नेता बी.के. हरिप्रसाद की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा को बैनर फाड़ने जैसी कथित “लो-लेवल पॉलिटिक्स” और “420 पॉलिटिक्स” की जरूरत नहीं है।

मीडिया से बातचीत में विजयेंद्र ने हरिप्रसाद की ओर से लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि राजनीति में इस तरह की गतिविधियों से बचना चाहिए। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि वह पहली बार विधायक बने हैं, जबकि हरिप्रसाद लंबे समय से राजनीति में हैं, लेकिन उनके अनुसार उन्होंने अब तक कोई प्रत्यक्ष चुनाव नहीं जीता है।


शिकारीपुरा को लेकर राजनीतिक तंज

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद के नेतृत्व में ‘भारत जोड़ो-2’ पदयात्रा के शिकारीपुरा पहुंचने को लेकर भी विजयेंद्र ने राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हाल में ‘बेल्लारी चलो’ के तहत बड़ा मार्च किया था और कांग्रेस का मौजूदा अभियान उसी से प्रेरित दिखाई देता है। विजयेंद्र ने कहा कि KPCC अध्यक्ष उनके विधानसभा क्षेत्र शिकारीपुरा में पदयात्रा कर रहे हैं। उन्होंने शिकारीपुरा को पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा की राजनीतिक यात्रा से जोड़ते हुए कहा कि राज्य में राजनीतिक संघर्ष की “चिंगारी” जलाने का श्रेय इस क्षेत्र को जाता है। कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो-2’ को संगठनात्मक जनसंपर्क अभियान बताते हुए राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पदयात्रा और स्थानीय मुद्दों को उठाने की योजना बनाई है। सितंबर में विजयेंद्र ने भी सूखा, किसान समस्याओं और अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए थे।


आरोपों पर विजयेंद्र ने दी प्रतिक्रिया

हरिप्रसाद की ओर से रिश्वत और RTGS के माध्यम से धन लेने से जुड़े आरोपों पर विजयेंद्र ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हरिप्रसाद को सार्वजनिक बयान देते समय अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए और दावा किया कि संबंधित मामला पहले ही अदालत में तय हो चुका है। विजयेंद्र ने यह भी कहा कि UPA सरकार के दौरान हुई जांच में उनके परिवार से जुड़े आरोपों को लेकर उन्हें और उनके परिवार को निर्दोष पाया गया था। यह विजयेंद्र द्वारा दिया गया पक्ष है; संबंधित न्यायिक आदेश या जांच रिपोर्ट का विस्तृत विवरण इस बयान में उपलब्ध नहीं है।


हरिप्रसाद के मार्च को बताया ‘सहानुभूति’ की कोशिश

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि हरिप्रसाद राजनीतिक रूप से बेचैनी की स्थिति में पदयात्रा कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के 100 दिन के कार्यक्रम में KPCC अध्यक्ष को नहीं बुलाए जाने के कारण हरिप्रसाद नाराज हैं और पदयात्रा के माध्यम से राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। यह विजयेंद्र की राजनीतिक टिप्पणी है। हरिप्रसाद या कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।


सूखे और मठाधीशों की भूमिका पर भी सरकार को घेरा

विजयेंद्र ने राज्य में सूखे और किसानों को राहत दिए जाने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि किसानों में सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है और सरकार को सूखे की स्थिति में किसानों की समस्याओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने वीरशैव-लिंगायत समाज के एक कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मठाधीशों द्वारा मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की “सेवा” किए जाने संबंधी कथित टिप्पणी पर भी सवाल उठाए। विजयेंद्र ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों का अंतिम आकलन समय के साथ होगा और जनता अपनी प्रतिक्रिया देगी। कर्नाटक में सूखे की स्थिति और राहत उपायों को लेकर विजयेंद्र पहले भी सरकार पर सवाल उठा चुके हैं तथा अधिक क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित करने और किसानों के लिए राहत उपायों की मांग कर चुके हैं। शिकारीपुरा में कांग्रेस की पदयात्रा और उसके बाद सामने आए भाजपा-कांग्रेस नेताओं के बयानों से राज्य में दोनों दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला और तेज हुआ है।



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