सूरत के उधना स्टेशन पर उमड़ा सैलाब, मजदूरों का पलायन—भावुक वीडियो वायरल
- धन्ना राम चौधरी

- 20 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
सूरत (गुजरात)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच तेल और एलपीजी आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता का असर अब देश के औद्योगिक शहरों में भी नजर आने लगा है। इसी कड़ी में रविवार को सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे हालात कुछ समय के लिए बेकाबू हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में सीट पाने के लिए हजारों की संख्या में लोग स्टेशन पर एकत्रित हो गए। सुबह करीब 11:30 बजे उधना-हसनपुर ट्रेन के लिए यात्रियों को कतार में लगाया जा रहा था, तभी कुछ लोग लाइन तोड़कर आगे बढ़ने लगे। इससे अफरा-तफरी मच गई और व्यवस्था चरमरा गई।
मजदूरों का पलायन बना वजह
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमर्शियल एलपीजी की कथित कमी के चलते सूरत की कुछ फैक्टरियों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। इसके कारण वहां कार्यरत बड़ी संख्या में मजदूर अपने गृह राज्यों की ओर लौटने को मजबूर हो गए हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि देश में गैस और तेल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
गर्मी की छुट्टियां भी एक बड़ा कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा भीड़ के पीछे केवल औद्योगिक कारण ही नहीं, बल्कि गर्मी की छुट्टियों का सीजन भी अहम भूमिका निभा रहा है। स्कूल-कॉलेजों की छुट्टियों के चलते बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ट्रेनों में अचानक दबाव बढ़ गया है।
21 हजार से अधिक यात्री रवाना
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रविवार दोपहर तक विशेष ट्रेनों के माध्यम से 21,000 से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य की ओर रवाना किया जा चुका है। इसके बावजूद स्टेशन पर भीड़ लगातार बढ़ती रही, जिससे व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण बन गया।
भावुक वीडियो ने खींचा ध्यान
इस बीच सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक भीड़भाड़ और अव्यवस्था से परेशान होकर कहता नजर आ रहा है—“अब कभी नहीं आऊंगा यहां।” यह वीडियो न केवल मौजूदा हालात की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि प्रवासी मजदूरों की पीड़ा को भी उजागर करता है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और रेलवे विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यात्रियों से संयम बनाए रखने और निर्धारित व्यवस्था का पालन करने की अपील की है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर महानगरों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की असुरक्षा और अनिश्चितता को उजागर कर दिया है, जो मामूली परिस्थितियों में भी बड़े पैमाने पर पलायन के लिए मजबूर हो जाते हैं।
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