बंगाल चुनाव में सुरक्षा का कड़ा पहरा, 2193 QRT तैनात
- धन्ना राम चौधरी

- 20 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। आयोग ने साफ संदेश दिया है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में पूरे राज्य में 2,193 क्विक रिस्पांस टीमों (QRT) की तैनाती की गई है, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगी।
23 अप्रैल 2026 को होने वाले पहले चरण के मतदान में 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इस दौरान संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार की गई यह विशेष सुरक्षा व्यवस्था पहले के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत और तकनीकी रूप से सुसज्जित है। इस बार QRT की संरचना में भी अहम बदलाव किया गया है। प्रत्येक टीम में राज्य पुलिस के सब-इंस्पेक्टर (SI) या असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) स्तर के अधिकारी के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 4 से 6 जवान शामिल किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में इनकी संख्या और बढ़ाई जा सकती है। यह व्यवस्था कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। तकनीकी निगरानी को भी इस बार प्राथमिकता दी गई है। QRT की गाड़ियों में आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं, जो सीधे सेक्टर ऑफिस और कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे। इससे हर गतिविधि पर रियल-टाइम नजर रखी जा सकेगी और किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी।
जिलावार तैनाती पर नजर डालें तो मुर्शिदाबाद में सबसे अधिक 288 QRT तैनात की गई हैं, जिसमें मुर्शिदाबाद पुलिस जिला में 219 और जंगीपुर में 69 टीमें शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व मेदिनीपुर में 253, पश्चिम मेदिनीपुर में 248, बांकुड़ा में 180, बीरभूम में 161, मालदा में 157, पुरुलिया में 139, कूचबिहार में 133 तथा आसनसोल-दुर्गापुर कमिश्नरेट में 113 टीमें तैनात की गई हैं। उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर और रायगंज क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। चुनाव से पहले प्रशासनिक स्तर पर भी फेरबदल किया गया है। आयोग ने हल्दिया के एसडीपीओ पद पर आईपीएस आलोक कुमार और कांथी में अतनु घोषाल की नियुक्ति की है। दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में भी प्रशासनिक बदलाव किया गया था। निर्वाचन आयोग के इन सख्त और व्यापक इंतजामों से यह स्पष्ट है कि इस बार चुनाव को पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। मतदाताओं में भी इन सुरक्षा उपायों के चलते विश्वास का माहौल मजबूत होने की उम्मीद है।
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