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संढवारा में किसान-मजदूर एकजुट, ‘किसान मजदूर संघ’ का गठन

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 5 अप्रैल
  • 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

संढवारा / बिहार 5 अप्रैल। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रविवार को संढवारा बाजपट्टी में किसान, मजदूर एवं नौजवान साथियों की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता देवेंद्र ठाकुर ने की, जिसमें ग्रामीण भारत की आर्थिक विषमताओं, किसानों की बदहाल स्थिति और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ।


बैठक में वक्ताओं ने कहा कि देश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है, लेकिन यह वर्ग आज भी गरीबी, अभाव और शोषण की मार झेल रहा है। गांव का किसान जीवन के हर स्तर पर ठगा और उपेक्षित महसूस करता है। उसके पास न तो पूंजीपतियों जैसी आर्थिक ताकत है और न ही प्रभावशाली संसाधन, जिससे वह अपने अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष कर सके। इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश के पांच लाख से अधिक गांवों में रहने वाले करोड़ों लोगों का आर्थिक जीवन आज भी संघर्षों से घिरा हुआ है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय उत्पादन में सबसे अहम भूमिका निभाने वाला किसान अपने व्यक्तिगत विकास में सबसे पीछे रह जाता है, जबकि दूसरी ओर अमीर वर्ग, पूंजीपति और नौकरशाही का एक वर्ग राष्ट्रीय संसाधनों का बड़ा हिस्सा अपने कब्जे में कर रहा है। आजादी के बाद से अब तक यह असमानता कम होने के बजाय और अधिक गहरी होती जा रही है, जो चिंता का विषय है।


बैठक में उपस्थित सभी साथियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि परिवर्तन की असली शुरुआत गांवों से ही होगी। उन्होंने ‘चलो गांव की ओर’ का नारा देते हुए कहा कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारना आवश्यक है। किसानों और वैज्ञानिकों द्वारा देश को खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के बावजूद खेती के अधिकारों में कटौती पर भी चिंता जताई गई।


इस अवसर पर सर्वसम्मति से संगठन का नाम ‘किसान मजदूर संघ’ रखा गया। संगठन के पदाधिकारियों का चयन करते हुए देवेंद्र ठाकुर को अध्यक्ष, मदन कुमार पाल को सचिव एवं गजेंद्र कुमार शाह को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। संघ का कार्यालय संढवारा चौक स्थित लक्ष्मण महतो अमीन साहब के मकान के सामने, मोहन सिंह के मकान में स्थापित किया जाएगा।


बैठक में सम्राट संतोष, पशुपति सिंह कुशवाहा, पूर्व मुखिया मोहम्मद सनाउल्लाह, बिकाऊ पासवान, राजनंदन राय, गजेंद्र शाह, लक्ष्मण सिंह, राहुल पटेल, सुजय पासवान, राजीव कुमार सिंह, रमेश सिंह राजपूत, रवि कुशवाहा, शंकर राय, रतन बैठा, शिवकुमार पासवान, रविंद्र यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि किसान, मजदूर और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई को संगठित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि गांवों के विकास के साथ देश की असली प्रगति सुनिश्चित की जा सके।

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