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डबल इंजन सरकार की मार से किसान परेशान: दुष्यंत चौटाला

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 2 days ago
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उसकी नीतियों के कारण आज किसान मजबूर और लाचार हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सुनियोजित तरीके से किसानी और मंडी व्यवस्था को कमजोर करने में लगी हुई है।


चौटाला ने कहा कि प्रदेश में अव्यवस्था का आलम यह है कि किसानों की पकी हुई फसलें खेतों में खड़ी हैं, लेकिन उनकी खरीद के लिए मंडियों में कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही। उन्होंने बताया कि पिछले चार दिनों से राज्यभर की मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद नाममात्र ही हुई है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।


उन्होंने नई खरीद व्यवस्था को किसानों और आढ़तियों के लिए परेशानी का कारण बताते हुए कहा कि सरकार अनावश्यक नियमों के जरिए किसानों को उलझा रही है। फसल में नमी की जांच, वेरिफिकेशन, गेट पास और अंगूठे की मैचिंग जैसी प्रक्रियाओं ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। चौटाला के अनुसार, इन जटिल प्रक्रियाओं के चलते किसान अपनी उपज बेचने में असमर्थ हो रहे हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों को उनकी फसल का पूरा समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। नमी के नाम पर दामों में कटौती की जा रही है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खराब मौसम, बारिश और ओलावृष्टि के खतरे को देखते हुए किसान अपनी गेहूं और सरसों की फसल जल्द बेचने को मजबूर हैं, लेकिन सरकारी व्यवस्थाओं की कमी उनके सामने बड़ी बाधा बन रही है।


चौटाला ने भाजपा सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय किसानों की आय दोगुनी करने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार को किसानों की समस्याएं दिखाई नहीं दे रहीं। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत प्रभाव से मंडियों में खरीद व्यवस्था को दुरुस्त करे और फसल खराबे के लिए उचित मुआवजा सुनिश्चित करे, ताकि किसानों को राहत मिल सके। अंत में उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों पर “डबल मार” करने के बजाय उनके हितों की रक्षा के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए, तभी कृषि क्षेत्र में स्थिरता और किसानों के जीवन में सुधार संभव हो।

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