top of page

विज्ञापन के लिए संपर्क करेंअपने व्यवसाय, संस्थान, उत्पाद, सेवा, कार्यक्रम या ब्रांड का प्रचार भारतार्थ खबर के माध्यम से लाखों पाठकों तक पहुँचाएँ।विज्ञापन, प्रायोजित लेख, बैनर विज्ञापन एवं प्रचार संबंधी जानकारी के लिए संपर्क करें:📧 news@bhaarataarth.com📧 livenews@bhaarataarth.com🌐 Website: https://www.bhaarataarth.comभारतार्थ खबर — खबर नहीं, उसका अर्थ।“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

उत्तर प्रदेश सहित सभी राज्यों की प्रमुख खबरें, स्थानीय घटनाएँ और राष्ट्रीय महत्व के समाचार एक ही मंच पर।

“बंगाल चुनाव में भाषा की जंग तेज”

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 5
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

मुर्शिदाबाद। ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण से ठीक पहले चुनावी मैदान में आक्रामक तेवर अपनाते हुए ‘बांग्ला अस्मिता’ और मातृभाषा के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला।


मुख्यमंत्री बनर्जी ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि “भाषा, संस्कृति और पहचान बचाने” का चुनाव है। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “यदि टीएमसी दोबारा सत्ता में नहीं आई, तो भाजपा बांग्ला भाषा को खत्म कर देगी। वे हमारी संस्कृति और पहचान पर हमला कर रहे हैं।” ममता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह बंगाल की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को कमजोर कर राज्य को “बाहरी प्रभाव” के अधीन करना चाहती है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अपनी भाषा और परंपराओं के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।


अमित शाह पर सीधा हमला

अपने भाषण में ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए ‘मोटाभाई’ शब्द का प्रयोग किया और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के प्रतिनिधि राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर साहस है तो खुले मैदान में मुकाबला कीजिए, पर्दे के पीछे से एजेंसियों के जरिए राजनीति बंद करें।”


महिला वोट बैंक पर फोकस

टीएमसी प्रमुख ने अपने संबोधन में महिला मतदाताओं को विशेष रूप से साधने की कोशिश की। ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि महिलाओं का समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह महिला मतदाताओं के नाम वोटर सूची से हटवाने या उन्हें प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। ममता ने महिलाओं से सजग रहने और अपने मतदान अधिकार का उपयोग करने की अपील की।


भाजपा का पलटवार

दूसरी ओर भाजपा ने ममता बनर्जी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी “हताशा” करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य में बदलाव की लहर चल रही है और आगामी चुनाव में भाजपा निर्णायक जीत दर्ज करेगी। भाजपा ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री की रैलियों के बाद चुनावी माहौल उनके पक्ष में तेजी से बदलेगा।


चुनाव बना ‘अस्मिता बनाम बदलाव’ का मुद्दा

23 अप्रैल 2026 को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले बंगाल की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। जहां टीएमसी इस चुनाव को “बंगाल बनाम बाहरी” और “बांग्ला भाषा बनाम थोपे जाने वाली भाषा” की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है, वहीं भाजपा इसे विकास, सुशासन और परिवर्तन का चुनाव बता रही है।

स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल का यह चुनाव केवल राजनीतिक दलों के बीच सत्ता संघर्ष नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति और क्षेत्रीय अस्मिता के सवालों पर भी केंद्रित हो चुका है। आने वाले चरणों में यह मुकाबला और अधिक तीखा होने के आसार हैं।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page