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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भव्य झांकियों से भक्तिमय हुआ बेंगलुरु

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 4 जुल॰
  • 2 मिनट पठन
Costumed performers sit on a stage before a Hindi banner, with a speaker at left and a devotional, festive mood.
  गोवर्धन लीला और कृष्ण जन्मोत्सव की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान कथा पंडाल में भक्ति में लीन श्रद्धालु एवं आकर्षक गोवर्धन लीला की झांकी

भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 04 जुलाई, 2026 बेंगलुरु में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के पाँचवें दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। भारतीय राजपूताना सेवा संगठन द्वारा आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं गोवर्धन लीला की दिव्य झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा और भक्त भजन-कीर्तन में झूमते नजर आए।


भारतीय राजपूताना सेवा संगठन के बेंगलोर अध्यक्ष सुनील सिंह, व्हाइटफ़ील्ड अध्यक्ष आशुतोष सिंह, आयोजन सचिव संजय सिंह एवं उनकी टीम के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कथा महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विख्यात राष्ट्रीय कथा वाचिका परम पूज्या देवी राजनंदनी जी ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए धर्म, प्रेम और मानवता का संदेश दिया।


कथा के दौरान वासुदेव द्वारा बालकृष्ण को कारागार से यमुना पार कर गोकुल ले जाने की लीला का सजीव चित्रण किया गया। नंद बाबा एवं यशोदा मैया के वात्सल्य प्रेम की झलकियों ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। वहीं भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण करने की आकर्षक प्रस्तुति आयोजन का मुख्य आकर्षण बनी रही। झांकियों की भव्य सजावट, प्रकाश व्यवस्था और भक्ति संगीत ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।


जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत किया। कथा स्थल पर महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भारी उपस्थिति देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मकता, संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।


कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कथा के आगामी समापन दिवस में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।

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