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गुरुग्राम में फटी PNG पाइपलाइन, हजारों घरों में नहीं बना खाना

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 4 जुल॰
  • 2 मिनट पठन
Workers in vests and helmets inspect a blue pipeline beside a trench, with a JCB excavator on a roadside construction site.

सेक्टर-56 में खोदाई के दौरान बड़ा हादसा टला, 3 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) गुरुग्राम | 04 जुलाई, 2026 गुरुग्राम के सेक्टर-56 इलाके में शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब निर्माण कार्य के दौरान की जा रही खोदाई में पीएनजी (PNG) की मेन पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन में क्रैक आने के बाद इलाके में गैस रिसाव शुरू हो गया, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि समय रहते गैस एजेंसी और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।


जानकारी के अनुसार शाम करीब छह बजे अग्निशमन विभाग को सूचना मिली कि सेक्टर-56 में गैस रिसाव हो रहा है और आग लगने का खतरा बना हुआ है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। इसी दौरान गैस एजेंसी के कर्मचारी भी वहां पहुंचे और सबसे पहले पीछे से गैस सप्लाई बंद कराई गई। इसके बाद पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू किया गया।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गैस रिसाव के कारण इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रशासन और राहत टीमों ने आसपास के लोगों को सतर्क रहने और आग से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थिति नियंत्रण में कर ली गई और कोई आगजनी या बड़ा नुकसान नहीं हुआ।


पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण सेक्टर-56, वजीराबाद, सुशांत लोक और डीएलएफ के कई इलाकों में गैस सप्लाई प्रभावित रही। इसका असर हजारों परिवारों पर पड़ा और कई घरों में रात का खाना तक नहीं बन पाया। जिन परिवारों ने पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद गैस सिलेंडर रखना बंद कर दिया था, उन्हें सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।


के अधिकारियों ने बताया कि गैस रिसाव की स्थिति में आग लगने का बड़ा खतरा रहता है, इसलिए तत्काल कार्रवाई बेहद जरूरी थी। वहीं सेक्टर-56 आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने निर्माण एजेंसी की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जिसकी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी हुई है और किसी भी लापरवाह को बख्शा नहीं जाएगा।


विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्य के दौरान भूमिगत गैस पाइपलाइन और अन्य उपयोगी सेवाओं की जानकारी होने के बावजूद कई बार सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

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