राजस्थान में आज विकास का मेगा दिवस, PM मोदी देंगे 1.06 लाख करोड़ की सौगात
- धन्नाराम चौधरी

- 4 जुल॰
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रिफाइनरी, एयरपोर्ट, मेट्रो और सेमीकंडक्टर परियोजनाओं से बदलेगी तस्वीर, 54 हजार युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) जयपुर | 04 जुलाई, 2026 आज राजस्थान और गुजरात के दौरे पर कई ऐतिहासिक विकास परियोजनाओं की सौगात देने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री राजस्थान में करीब 1.06 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस दौरे को राज्य के विकास और आधारभूत संरचना के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री का पहला कार्यक्रम में होगा, जहां वे नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। करीब 480 करोड़ रुपए की लागत से बने इस आधुनिक टर्मिनल की क्षमता प्रतिवर्ष 20 लाख यात्रियों को संभालने की है। इसी दौरान प्रधानमंत्री संशोधित उड़ान (UDAN) योजना की भी शुरुआत करेंगे, जिससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसके बाद प्रधानमंत्री के पचपदरा में भारत की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित करेंगे। एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के तहत 79,450 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित इस विशाल परियोजना की क्षमता 9 एमएमटीपीए बताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राजस्थान औद्योगिक विकास के नए युग में प्रवेश करेगा और हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री मेट्रो फेज-2 की आधारशिला भी रखेंगे। इसके अलावा चूरू रेल दोहरीकरण परियोजनाएं, जोधपुर रिंग रोड, बीकानेर की सौर ऊर्जा परियोजनाएं और बिजली ट्रांसमिशन से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से परिवहन, ऊर्जा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा।
इस दौरान विभिन्न विभागों में चयनित करीब 54 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। इसे रोजगार सृजन और युवा सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
शाम को प्रधानमंत्री गुजरात के पहुंचेंगे, जहां वे सीजी ओएसएटी (OSAT) सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। 7,500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से तैयार यह संयंत्र भारत के सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। पूर्ण क्षमता से संचालन शुरू होने पर यहां हर वर्ष लगभग 5 अरब सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन किया जा सकेगा।
यह संयंत्र ऑटोमोबाइल, 5जी, एआई, दूरसंचार और आईओटी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों के लिए सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सेवाएं उपलब्ध कराएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत वैश्विक टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।
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