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कर्नाटक में ‘बांग्लादेशी वोटर’ साजिश का आरोप, आर. अशोक का बड़ा हमला

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 3 जुल॰
  • 2 मिनट पठन
Man in a purple shirt speaks and gestures from a leather chair against a wood-paneled wall.

एसआईआर प्रक्रिया पर उठे सवाल, नेता प्रतिपक्ष बोले- अवैध घुसपैठियों को मतदाता बनाने की कोशिश

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेगलुरु | 03 जुलाई, 2026 कर्नाटक की राजनीति में शुक्रवार को उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार पर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की कथित साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। बेंगलुरु में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।


आर. अशोक ने कहा कि चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शी मतदाता सूची सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एसआईआर प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन कांग्रेस सरकार इसका राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेंगलुरु, कोडगु और चिक्कमगलूर सहित कई क्षेत्रों में अवैध बांग्लादेशी नागरिक रह रहे हैं और उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने की कोशिश की जा रही है।


उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2002 की मतदाता सूची में जिन लोगों के नाम नहीं थे, अब उन्हें एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। अशोक के अनुसार, हज भवन और मस्जिदों के सामने आवेदन पत्र बांटे जा रहे हैं, जबकि बूथ स्तर अधिकारियों (BLO) को घर-घर जाकर सत्यापन करना चाहिए।


नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि महादेवपुर और येलहंका सहित कई इलाकों में सामूहिक रूप से आवेदन प्रक्रिया चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 की मतदाता सूची के रिकॉर्ड वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया एक विशेष समुदाय को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।


आर. अशोक ने कहा कि इस मामले की शिकायत केंद्रीय और राज्य चुनाव आयोग से की जाएगी। साथ ही कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग भी उठाई जाएगी।


इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार को संभावित सूखे की स्थिति पर भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में जल संकट के संकेत दिखाई देने के बावजूद सरकार तमिलनाडु को पानी छोड़ रही है और किसानों की चिंाओं को नजरअंदाज कर रही है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची और अवैध नागरिकों का मुद्दा कर्नाटक की राजनीति में बड़ा चुनावी विषय बन सकता है। भाजपा और कांग्रेस के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

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