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जयपुर से आई बस की फोटो ने मचाया हड़कंप

  • Writer: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • Jul 3
  • 2 min read
White Prime coach bus parked outdoors; split view shows empty seats, yellow curtains, and glossy black-white exterior.

इमरजेंसी गेट की सूचना पर हाईवे पर दौड़ी पुलिस-आरटीओ टीम, जांच में निकली सिटिंग बस

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) जोधपुर | 3 जुलाई, 2026 राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन कितना सतर्क है, इसका बड़ा उदाहरण गुरुवार को जोधपुर हाईवे पर देखने को मिला। जयपुर से आई एक बस की फोटो ने पुलिस और परिवहन विभाग में अचानक हड़कंप मचा दिया। फोटो में बस के पीछे इमरजेंसी गेट दिखाई नहीं देने पर इसे संभावित सुरक्षा खतरे के रूप में लिया गया। इसके बाद परिवहन विभाग, आरटीओ और पुलिस की टीमें तुरंत हाईवे पर एक्टिव हो गईं। करीब एक घंटे तक चली हाई अलर्ट कार्रवाई के बाद बस को रोककर उसकी तकनीकी जांच की गई।


दरअसल, हाल ही में दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण बस हादसे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए प्रशासन पहले से ही हाई अलर्ट मोड में था। ऐसे में परिवहन विभाग के एडिशनल कमिश्नर ओपी बुनकर द्वारा भेजी गई बस की फोटो और मैसेज ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी। सूचना मिली थी कि बिलाड़ा की ओर से जोधपुर आ रही बस में पीछे इमरजेंसी गेट नजर नहीं आ रहा है।


व्हाट्सएप पर सूचना मिलते ही प्रादेशिक परिवहन अधिकारी पीआर जाट ने तुरंत उड़नदस्ता टीमों को सक्रिय कर दिया। पुलिस कमिश्नर शरत कविराज को भी जानकारी दी गई, जिसके बाद हाईवे पर विशेष निगरानी शुरू की गई। दमन-दीव पंजीयन नंबर डीडीओ-1ए-9619 वाली बस को बोरानाडा-भांडू के बीच रोकने के निर्देश दिए गए।


करीब तीन बजे परिवहन विभाग और पुलिस टीम ने बस को रोककर गहन जांच शुरू की। तकनीकी परीक्षण के दौरान सामने आया कि बस स्लीपर नहीं बल्कि सिटिंग श्रेणी की थी। नियमानुसार इस प्रकार की बसों में इमरजेंसी गेट पीछे नहीं बल्कि साइड में होता है। जांच के दौरान बस के सभी सुरक्षा मानक, दस्तावेज और तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी तरह सही पाई गईं।


जांच पूरी होने के बाद पूरी रिपोर्ट और तस्वीरें जयपुर मुख्यालय भेजी गईं। अधिकारियों ने राहत की सांस लेते हुए बस को शाम करीब चार बजे आगे रवाना कर दिया। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी बसों की नियमित जांच जारी रहेगी।


इस पूरी घटना ने यह साफ कर दिया कि सड़क सुरक्षा और यात्रियों की जान को लेकर प्रशासन अब बेहद गंभीर है। एक फोटो के आधार पर हुई त्वरित कार्रवाई ने विभागीय सतर्कता और आपसी समन्वय का बड़ा उदाहरण पेश किया।

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