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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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श्री हीराबाग जैन स्थानक चातुर्मास प्रवेश 2026: गुरुदेव श्री ज्ञान मुनिजी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश, श्रद्धा से उमड़ा जनसैलाब

लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
धन्नाराम चौधरी
24 जुल॰
2 मिनट पठन

बेंगलुरु में धर्म, संस्कार और साधना का अनुपम संगम; चातुर्मास के महत्व पर गुरुदेव ने दिया प्रेरक संदेश

Men in red turbans escort an elderly man in a white cart, holding rainbow flags during a street procession.

भारतार्थ खबर संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 24 जुलाई 2026 बेंगलुरु। धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर वातावरण के बीच श्री हीराबाग जैन स्थानक चातुर्मास प्रवेश 2026 का भव्य आयोजन शुक्रवार को संपन्न हुआ। प्रातःकाल भारती नगर जैन स्थानक से निकली भव्य शोभायात्रा के साथ पूज्य गुरुदेव श्री ज्ञान मुनिजी महाराज एवं पूज्य श्री लोकेश मुनिजी महाराज का श्री हीराबाग जैन स्थानक में मंगलमय चातुर्मास प्रवेश हुआ। हजारों श्रद्धालुओं, विभिन्न जैन संघों के पदाधिकारियों, युवाओं एवं महिलाओं की उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

जयघोष, मंगल गीत, धर्मध्वज और श्रद्धा से भरे वातावरण में श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का भावपूर्ण स्वागत किया। कार्यक्रम में स्थानकवासी एवं मूर्तिपूजक दोनों परंपराओं के अनेक जैन संघों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली, जिसने समाज की एकता और समरसता का संदेश दिया।


चातुर्मास प्रवेश समारोह में प.पू. मुनिराज श्री कुशलकीर्तिविजयजी महाराज एवं प.पू. मुनिराज श्री कल्याणजितविजयजी महाराज (कैंटोनमेंट) सहित अनेक संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। बेंगलुरु के विभिन्न जैन संघों के अध्यक्ष, सचिव, पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

प्रवचन के दौरान पूज्य गुरुदेव श्री ज्ञान मुनिजी महाराज ने कहा कि हीराबाग जैन स्थानक साधना और सेवा का श्रेष्ठ केंद्र है। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में चातुर्मास केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संस्कार निर्माण और सामाजिक जागरण का अवसर है। गुरुदेव ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में जैन संस्कारों के विकास पर बल देते हुए कहा कि परिवार और समाज की सुदृढ़ नींव अच्छे संस्कारों से ही तैयार होती है।


उन्होंने कहा कि चातुर्मास के दौरान प्रवचन, सामायिक, तप, स्वाध्याय, धर्म आराधना, संस्कार शिविर और विभिन्न धार्मिक आयोजनों से प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने हीराबाग स्थानक के श्रावक-श्राविकाओं की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि यहां का समर्पण अनुकरणीय है।


इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष डॉ. भीकमचंद साकलेचा, उपाध्यक्ष श्री नन्दकिशोर समदरिया, सचिव श्री अशोक बंटिया, कोषाध्यक्ष श्री धनराज सोनी, श्री गौतमचंद नाहर, श्री जयचंद लूणावत सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


समारोह के अंत में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ (एम.एस.) ने आयोजन की सफलता के लिए परमात्मा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सभी संघों, स्वयंसेवकों, दानदाताओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। संघ ने कहा कि सभी के सहयोग, समर्पण और सेवा भावना से यह आयोजन अविस्मरणीय एवं ऐतिहासिक बन सका।

धार्मिक जानकारों के अनुसार चातुर्मास का काल आत्मसंयम, तपस्या, सदाचार और आध्यात्मिक उन्नति का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। ऐसे आयोजनों से समाज में नैतिक मूल्यों का विकास होता है तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जैन दर्शन से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।

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