top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

रामनवमी पर गुरुवाणी का संदेश: नशामुक्ति, शिक्षा और संस्कारों से ही होगा समाज का उत्थान

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 1 day ago
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

शिकारपुरा तीर्थधाम। रामनवमी के पावन अवसर पर गुरुवाणी प्रचारक एवं सामाजिक विश्लेषक किशनाराम पटेल ने समाज को आत्ममंथन और आत्म उत्थान का संदेश देते हुए कहा कि गुरु महाराज श्री 1008 श्री राजाराम जी महाराज की गुरुवाणी को जीवन में तुरंत आत्मसात करना ही सच्चे अर्थों में गुरु कृपा का महाप्रसाद है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने उत्थान के लिए स्वयं प्रयास करना होगा और गुरुवाणी को जीवन का मार्गदर्शक बनाना होगा।


उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि गुरुवाणी में नशे को “नाश की जड़” बताया गया है। समाज को नशे से दूर रहकर सात्विक जीवन अपनाना चाहिए, जिससे जीवन सरल और संतुलित बन सके। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को चेताते हुए कहा कि आज के केमिकलयुक्त नशे जैसे अफीम, शराब, स्मैक, एमडी और कोकीन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक संरचना को भी गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।


पटेल ने शिक्षा और संस्कार को समाज उत्थान का मूल आधार बताते हुए कहा कि हर परिवार का कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को नैतिक मूल्यों के साथ शिक्षित करे। उन्होंने नारी शक्ति के सम्मान पर भी जोर देते हुए कहा कि आज की शिक्षित नारी घर-परिवार के हर कार्य में समान भागीदारी निभाते हुए समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


सामाजिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने पंच-पंचायती प्रणाली को प्रभावी बताते हुए कहा कि छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान समाज स्तर पर ही समय रहते कर लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे जनजागृति और जनकल्याण के कार्यों के माध्यम से समाज को संगठित रखें और गुरुवाणी का निरंतर प्रचार-प्रसार करें।


नशा मुक्ति के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के दबाव से अधिक प्रभावी तरीका गुरुवाणी, शिक्षा और संस्कार हैं, जो स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों, युवाशक्ति और मातृशक्ति से आह्वान किया कि वे आगे आकर नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।


इसके अलावा उन्होंने सामाजिक कुरीतियों और रूढ़िवादी परंपराओं के उन्मूलन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग के अनुसार समाज को अपनी परंपराओं का संरक्षण करते हुए अनावश्यक रूढ़ियों को समाप्त करना चाहिए, ताकि समाज प्रगतिशील और सशक्त बन सके।


रामनवमी के इस पावन अवसर पर उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, पंच परमेश्वरों, युवाओं, महिलाओं और पत्रकारिता क्षेत्र के प्रबुद्धजनों से आह्वान किया कि वे मिलकर समाज को नशामुक्त, शिक्षित और संस्कारित बनाने के लिए आगे आएं और गुरु महाराज के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाएं।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page