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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

21अक्टूबर /2026 /बुधवार

बेंगलुरु, 20 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में आयोजित 48वें दशहरा महोत्सव में राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धार्थ सांस्कृतिक समिति एवं राजेंद्र बाबू मेमोरियल ट्रस्ट ‘बिहार भवन’ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सांसद की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मां भगवती की चुनड़ी ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

बेंगलुरु, 20 अक्टूबर 2026। बेंगलुरु में आयोजित 48वें दशहरा महोत्सव में राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धार्थ सांस्कृतिक समिति एवं राजेंद्र बाबू मेमोरियल ट्रस्ट ‘बिहार भवन’ के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सांसद की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मां भगवती की चुनड़ी ओढ़ाकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा खुलासा! चंपत राय के आरोपों से मचा हड़कंप

लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
धन्नाराम चौधरी
7 जुल॰
2 मिनट पठन
Two older men in glasses pose before a grand temple at sunset, with warm golden sky and calm, solemn mood.

SIT जांच में बैंक व्यवस्था, सुरक्षा नियम और पूर्व ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा पर उठे गंभीर सवाल

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) अयोध्या | 7 जुलाई, 2026 अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आए कथित घोटाले और अनियमितताओं के मामले ने अब नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय द्वारा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के सामने दिए गए बयान ने पूरे मामले में सनसनी फैला दी है। चंपत राय ने ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा, बैंक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके दावों के बाद अब राम मंदिर चढ़ावा विवाद राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।


चंपत राय ने SIT को दिए बयान में दावा किया कि चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में तय नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक के साथ हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) में कई तरह की अनियमितताएं थीं। उनके अनुसार, इस प्रकार के महत्वपूर्ण समझौते पर उनके हस्ताक्षर आवश्यक थे, लेकिन उनकी जानकारी और सहमति के बिना ही MOU को अंतिम रूप दे दिया गया।


उन्होंने यह भी कहा कि 6 फरवरी 2025 के जिस दिशा-निर्देश पत्र का हवाला दिया जा रहा है, उस पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं और उन्हें इस दस्तावेज की जानकारी 13 जून 2026 को मिली। चंपत राय ने स्पष्ट किया कि अगस्त 2020 से जून 2026 तक बैंक के साथ हुए सभी प्रमुख समझौतों पर उनके हस्ताक्षर मौजूद हैं, लेकिन इस दिशा-निर्देश पत्र पर हस्ताक्षर न होना पूरे मामले को संदिग्ध बनाता है।


पूर्व महासचिव ने बैंक की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चढ़ावे की गिनती जैसे संवेदनशील कार्य में कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले विशेष कपड़े अनिवार्य होने चाहिए थे ताकि किसी भी प्रकार की चोरी या अनियमितता की संभावना खत्म हो सके। लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल की कथित तौर पर अनदेखी की गई।


चंपत राय ने आरोप लगाया कि बैंक ने चढ़ावे की गिनती के लिए हाउसकीपिंग स्टाफ का उपयोग किया, जो निर्धारित प्रक्रिया के खिलाफ है। उनके मुताबिक ऐसे कार्य के लिए प्रशिक्षित और अधिकृत कर्मचारियों की नियुक्ति आवश्यक थी। उन्होंने कहा कि या तो बैंक अधिकारियों को नियमों की जानकारी नहीं थी या फिर जानबूझकर नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।


उन्होंने यह भी बताया कि 9 फरवरी 2024 को बैंक के साथ हुए MOU के अनुसार गणना कक्ष में CCTV कैमरे, लोहे की सलाखों वाले सुरक्षित दरवाजे और अन्य सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए थे, लेकिन वास्तविकता इससे अलग दिखाई दी। उन्होंने जांच एजेंसी से पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।


फिलहाल SIT की जांच जारी है और चंपत राय के इन आरोपों के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे विवाद की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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