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शरद पवार NDA में जाएंगे? महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा सियासी भूचाल

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 7 जुल॰
  • 2 मिनट पठन
Two men in white shirts and glasses speak at podium microphones side by side, with a serious tone and colorful backdrop.

विजय वडेट्टीवार के बयान से बढ़ी हलचल, जयंत पाटील-भाजपा नेताओं की बैठक चर्चा में

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) मुंबई | 7 जुलाई, 2026 महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। शरद पवार गुट वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के संभावित रूप से NDA के साथ जाने की चर्चाओं ने राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के बयान के बाद यह मुद्दा और भी गर्मा गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि शरद पवार गुट NDA का समर्थन करता है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में शक्ति संतुलन पूरी तरह बदल सकता है।


दरअसल, देश में संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भाजपा रणनीतिक रूप से अपनी ताकत बढ़ाने में जुटी हुई है। इसी बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल बढ़ी है, जहां टीएमसी और उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसदों के NDA के करीब जाने की चर्चाएं सामने आई हैं। ऐसे माहौल में शरद पवार गुट के रुख पर सबकी नजरें टिक गई हैं।


कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कि शरद पवार गुट वाली राकांपा के पास 10 विधायक और 8 सांसद हैं, जो सत्ता समीकरणों में “मैजिक फिगर” साबित हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि शरद पवार को प्रगतिशील महाराष्ट्र की विचारधारा को ध्यान में रखना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया।


सूत्रों के अनुसार, भाजपा के साथ सत्ता में शामिल होने को लेकर राकांपा के भीतर गतिविधियां तेज हो गई हैं। चर्चा यह भी है कि पार्टी सीधे सत्ता में शामिल होगी या बाहर से समर्थन देगी। इसी बीच राकांपा नेता जयंत पाटील और भाजपा नेता विनोद तावड़े की एक पंचतारांकित होटल में हुई कथित बैठक ने अटकलों को और हवा दे दी है। हालांकि राकांपा विधायक रोहित पवार ने इन सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है।


वहीं दूसरी ओर, विधानसभा में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने आरटीओ विभाग में कथित भ्रष्टाचार और गैरकानूनी वसूली का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार चल रहा है और कुछ अधिकारियों को जानबूझकर एसीबी के जाल में फंसाया जा रहा है। उन्होंने सदन में कुछ अधिकारियों के नाम और ऑडियो क्लिप भी प्रस्तुत किए।


मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की घोषणा की। IPS अधिकारी प्रियंका ननावरे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय SIT आगामी एक माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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