top of page
भारतार्थ-logo

राजस्थान को रेल विकास की बड़ी सौगात: वंदे भारत अब 20 कोच के साथ दौड़ेगी, जैसलमेर-जालोर को मिला सीधा फायदा

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 23 मई
  • 4 मिनट पठन
“जोधपुर रेलवे स्टेशन पर 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाते केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव”
“जोधपुर रेलवे स्टेशन पर 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाते केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव”

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

डेटलाइन: जोधपुर, राजस्थान | 23 मई 2026| पश्चिमी राजस्थान के रेल नेटवर्क को शुक्रवार को बड़ी मजबूती मिली, जब अश्विनी वैष्णव ने जोधपुर दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं की शुरुआत और घोषणाएं कीं। सबसे बड़ी घोषणा रही जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार, जिसे अब 8 कोच की जगह 20 कोच के साथ संचालित किया जाएगा। इससे यात्रियों की क्षमता लगभग तीन गुना बढ़ गई है और लंबे समय से चली आ रही वेटिंग की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यक्रम में गजेंद्र सिंह शेखावत सहित कई जनप्रतिनिधि और रेलवे अधिकारी मौजूद रहे।

रेलवे मंत्रालय की इन घोषणाओं को पश्चिमी राजस्थान के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और यात्री सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर जोधपुर, जैसलमेर और जालोर जैसे क्षेत्रों को इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

वंदे भारत एक्सप्रेस में अब 1440 यात्रियों की क्षमता

रेल मंत्री ने जानकारी दी कि जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस में अब कुल 20 कोच लगाए जाएंगे। पहले जहां ट्रेन में सीमित सीटों के कारण यात्रियों को लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ता था, वहीं अब इसकी क्षमता 530 से बढ़कर 1440 यात्रियों तक पहुंच गई है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार नए रैक में:

  • 78 सीट क्षमता वाले 16 कोच,

  • 44 सीट क्षमता वाले 2 कोच,

  • और 52 सीट क्षमता वाले 2 कोच शामिल किए गए हैं।

रेलवे का दावा है कि इस विस्तार से दिल्ली रूट पर यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और पर्यटन व व्यापारिक आवागमन को गति मिलेगी।

जैसलमेर में आधुनिक कोच केयर कॉम्प्लेक्स शुरू

कार्यक्रम के दौरान जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर बने नए कोच केयर कॉम्प्लेक्स का भी उद्घाटन किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुरू की गई इस सुविधा का उद्देश्य ट्रेनों की सफाई, मेंटेनेंस और संचालन को अधिक आधुनिक और तेज बनाना है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार अब जैसलमेर में ही ट्रेनों के रखरखाव की व्यवस्था उपलब्ध होने से परिचालन दक्षता बढ़ेगी और पर्यटन सीजन में अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन में भी आसानी होगी। गौरतलब है कि जैसलमेर हर वर्ष बड़ी संख्या में घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है।

साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट अब जाएगी जैसलमेर तक

रेल मंत्री ने साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस को जैसलमेर तक विस्तारित करने की घोषणा भी की। इस फैसले से गुजरात और पश्चिमी राजस्थान के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह विस्तार व्यापार, पर्यटन और धार्मिक यात्राओं के लिहाज से लाभकारी साबित हो सकता है। उद्घाटन के दौरान ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग स्टेशन पहुंचे।

भगत की कोठी स्टेशन पर बनेगा मेगा कोचिंग टर्मिनल

जोधपुर के भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पर करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित करने की घोषणा भी की गई। इसके साथ ही यहां देश के पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मेंटेनेंस डिपो के फेज-2 को मंजूरी दी गई है।

रेल मंत्रालय के अनुसार इस परियोजना में अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर भी तैयार किया जाएगा, जिससे रेलवे कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

ट्रेनों की रफ्तार होगी 130 किमी प्रति घंटा

रेल मंत्री ने जोधपुर-लूणी-मारवाड़ जंक्शन रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा करने का भी ऐलान किया। माना जा रहा है कि इससे यात्रा समय में कमी आएगी और यात्रियों को तेज एवं बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

बाद में रेल मंत्री विशेष ट्रेन से जालोर पहुंचे, जहां नई भुज-दिल्ली एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

क्या हैं लोगों के मन में उठ रहे बड़े सवाल?

हालिया घोषणाओं के बाद आम यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच कई अहम सवाल चर्चा में हैं:

  • क्या वंदे भारत के 20 कोच बढ़ने से टिकटों की उपलब्धता वास्तव में सुधरेगी?

  • जैसलमेर को मिले नए कोच केयर कॉम्प्लेक्स से पर्यटन को कितना फायदा होगा?

  • क्या पश्चिमी राजस्थान में और नई रेल लाइन या ट्रेन सेवाओं की घोषणा जल्द हो सकती है?

  • 130 किमी प्रति घंटा की स्पीड बढ़ने से यात्रा समय में कितनी कमी आएगी?

रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घोषित परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो पश्चिमी राजस्थान देश के प्रमुख रेल कॉरिडोर में तेजी से उभर सकता है।

FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. जोधपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस में कितने कोच बढ़ाए गए हैं?

अब इस ट्रेन में 8 की जगह कुल 20 कोच लगाए गए हैं।

Q2. नई यात्री क्षमता कितनी हो गई है?

ट्रेन की कुल क्षमता 530 से बढ़कर लगभग 1440 यात्रियों तक पहुंच गई है।

Q3. जैसलमेर में कौन सी नई रेलवे सुविधा शुरू हुई?

जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर नया कोच केयर कॉम्प्लेक्स शुरू किया गया है।

Q4. किस ट्रेन को जैसलमेर तक बढ़ाया गया?

साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस को जैसलमेर तक विस्तारित किया गया है।

Q5. भगत की कोठी स्टेशन पर क्या नया बनेगा?

करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से मेगा कोचिंग टर्मिनल और वंदे भारत स्लीपर मेंटेनेंस डिपो विकसित किया जाएगा।

निष्कर्ष: पश्चिमी राजस्थान के लिए घोषित रेल परियोजनाएं केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास, पर्यटन, रोजगार और तेज परिवहन नेटवर्क की दिशा में बड़ा संकेत मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में जोधपुर-जैसलमेर-जालोर रेल कॉरिडोर उत्तर-पश्चिम भारत के महत्वपूर्ण यातायात केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

स्रोत: भारतीय रेलवे अधिकारियों द्वारा जोधपुर में आयोजित आधिकारिक कार्यक्रम एवं रेल मंत्रालय से प्राप्त जानकारी।

मुख्य शब्द: राजस्थान रेल नेटवर्क, जोधपुर वंदे भारत, जैसलमेर रेलवे समाचार, अश्विनी वैष्णव, राजस्थान ट्रेन अपडेट

अब आपकी बारी! इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।

राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार, सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए भारतार्थ खबर से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें।

Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे।

ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।


टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page