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अभी-अभी हाईवे होटल में चल रही थी नकली नोटों की ‘फैक्ट्री’, पुलिस ने दबिश देकर 4 आरोपियों को दबोचा

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 21 मई
  • 4 मिनट पठन
बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ में होटल के कमरे से नकली 500 रुपये के नोट और प्रिंटर बरामद करती पुलिस
बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ में होटल के कमरे से नकली 500 रुपये के नोट और प्रिंटर बरामद करती पुलिस

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

बीकानेर/श्रीडूंगरगढ़, 21 मई। राजस्थान के बीकानेर जिले में पुलिस ने नकली करेंसी छापने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र का है, जहां नेशनल हाईवे के पास स्थित एक होटल के कमरे में आरोपी कथित तौर पर 500-500 रुपये के नकली नोट छाप रहे थे। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में नकली नोट, प्रिंटर, कटर मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी हाईवे किनारे होटल के कमरे को अस्थायी नकली करेंसी यूनिट की तरह इस्तेमाल कर रहे थे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से कुल 156 नकली नोट बरामद किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब पूरे नेटवर्क और संभावित सप्लाई चैन की जांच में जुट गई है।

होटल के कमरे में चल रहा था नकली नोट छापने का खेल

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुरुवार को सूचना मिली थी कि Shridungargarh क्षेत्र में नेशनल हाईवे स्थित हेमासर फांटे के पास एक होटल में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने होटल में दबिश दी। जब पुलिस कमरे में पहुंची तो वहां नकली करेंसी छापने के लिए पूरा सेटअप तैयार मिला।

मौके से पुलिस ने दो प्रिंटर, कटर मशीन, चमकीली टेप और नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री जब्त की। गिरफ्तार आरोपियों में होटल संचालक समेत हेमासर और पुंदलसर क्षेत्र के युवक शामिल बताए जा रहे हैं।

पुलिस भी देखकर रह गई हैरान

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कमरे में नकली नोट तैयार करने का तरीका काफी संगठित दिखाई दिया। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी केवल नोट छापने तक सीमित नहीं थे, बल्कि उन्हें बाजार में खपाने की भी योजना बना रहे थे।

कार्रवाई के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों ने बताया कि कमरे में नोटों की कटिंग, डिजाइन और चमकीली सुरक्षा जैसी दिखने वाली सामग्री को देखकर ऐसा लग रहा था कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध काम में सक्रिय हो सकते हैं।

पुलिस जांच में जुटी, बड़े नेटवर्क की आशंका

यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक Niketh Pareek के सुपरविजन में की गई। एसआई Pawan Kumar Sharma की टीम ने दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कांस्टेबल पुनीत कुमार की भूमिका को भी अहम बताया है।

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी कब से नकली नोट तैयार कर रहे थे और उन्हें किन इलाकों में खपाया जा रहा था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

राजस्थान में नकली करेंसी से जुड़े मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। विशेष रूप से सीमावर्ती और हाईवे से जुड़े इलाकों में नकली नोटों की तस्करी और सप्लाई की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ाई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल भुगतान बढ़ने के बावजूद नकली करेंसी गिरोह अब भी छोटे बाजारों, ग्रामीण क्षेत्रों और हाईवे नेटवर्क को टारगेट करते हैं, जहां नकदी का इस्तेमाल अधिक होता है।

नकली करेंसी से अर्थव्यवस्था को खतरा

आर्थिक मामलों के जानकार बताते हैं कि नकली नोट केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि यह देश की आर्थिक व्यवस्था और आम लोगों के भरोसे पर भी असर डालता है। नकली करेंसी का इस्तेमाल अक्सर अवैध कारोबार, धोखाधड़ी और संगठित अपराधों में किया जाता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। जरूरत पड़ने पर अन्य जिलों और एजेंसियों से भी समन्वय किया जाएगा।

Q&A: समझिए पूरा मामला

Q1. पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?

पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Q2. कहां चल रही थी नकली नोट छापने की गतिविधि?

नेशनल हाईवे पर हेमासर फांटे के पास स्थित एक होटल के कमरे में।

Q3. कितने नकली नोट बरामद हुए?

पुलिस ने 500 रुपये के 156 नकली नोट बरामद किए हैं।

Q4. मौके से क्या-क्या सामान मिला?

दो प्रिंटर, कटर मशीन, चमकीली टेप और नकली नोट बनाने का अन्य सामान।

Q5. क्या बड़े गिरोह से जुड़े होने की आशंका है?

पुलिस इस एंगल से जांच कर रही है और बड़े नेटवर्क की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

आपके मन में उठ रहे सवाल

  • क्या हाईवे क्षेत्र अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनते जा रहे हैं?

  • नकली करेंसी को बाजार में कैसे खपाया जाता है?

  • क्या छोटे शहरों में नकली नोट पहचानने की जागरूकता कम है?

  • क्या डिजिटल भुगतान से ऐसे अपराधों में कमी आएगी?

  • क्या पुलिस को नकली करेंसी मामलों में विशेष टेक्निकल यूनिट की जरूरत है?

निष्कर्ष: छोटी कार्रवाई नहीं, बड़े नेटवर्क की ओर इशारा

बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में पकड़ा गया यह मामला केवल चार युवकों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं माना जा रहा है। शुरुआती जांच यह संकेत दे रही है कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब तकनीकी जांच, डिजिटल ट्रैकिंग और पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि नकली करेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और आम लोगों में जागरूकता दोनों जरूरी हैं, ताकि इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

Source: स्थानीय पुलिस अधिकारियों, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और क्षेत्रीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित।

Keywords: नकली करेंसी गिरोह, बीकानेर पुलिस, 500 रुपये नकली नोट, श्रीडूंगरगढ़ कार्रवाई, राजस्थान क्राइम न्यूज

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1 टिप्पणी

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pradeep Kumar Jain Betala
pradeep Kumar Jain Betala
23 मई

आरोपीयो के नाम नहीं लिखा, है 😂

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