मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल? कई दिग्गजों पर संकट!
- धन्नाराम चौधरी

- 2 जुल॰
- 2 मिनट पठन

शिक्षा से वित्त मंत्रालय तक बड़े बदलाव की चर्चा तेज, चुनावी राज्यों के नेताओं को मिल सकता है बड़ा मौका
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 2 जुलाई, 2026 देश की राजनीति में इस समय मोदी सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है। राजनीतिक गलियारों से मिल रही अंदरूनी सूचनाओं और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद के आगामी मॉनसून सत्र से पहले केंद्र सरकार अपने तीसरे कार्यकाल का बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार कर सकती है। इस संभावित फेरबदल में कई बड़े और प्रभावशाली मंत्रियों के विभाग बदले जाने की अटकलें हैं, जबकि कुछ नए चेहरों को भी सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की चर्चा तेज हो गई है।
सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर हो रही है। NEET पेपर लीक विवाद के बाद विपक्ष लगातार उन पर हमलावर है और इस्तीफे की मांग उठा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्रों और अभिभावकों में बढ़ते असंतोष को देखते हुए सरकार शिक्षा मंत्रालय को नई दिशा देने की तैयारी में है।
इसी बीच ऐसी चर्चाएं भी सामने आ रही हैं कि वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है। प्रशासनिक अनुभव और लंबे राजनीतिक कार्यकाल को देखते हुए उनके नाम पर गंभीर विचार होने की बात कही जा रही है। वहीं वित्त मंत्रालय जैसे अहम विभाग के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास का नाम चर्चा में है। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को बीजेपी का उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो केंद्र सरकार में उनकी जगह किसी नए चेहरे को मौका मिल सकता है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली चर्चा युवा नेता राघव चड्ढा को लेकर है। कुछ राजनीतिक सूत्र दावा कर रहे हैं कि भविष्य में उन्हें केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, हालांकि फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के विभाग में बदलाव की भी चर्चाएं तेज हैं। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से भी नए सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। एकनाथ शिंदे गुट और बिहार की राजनीति से जुड़े कुछ नाम भी संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए मोदी सरकार सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि इन तमाम चर्चाओं पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेतृत्व के स्तर पर ही होगा।
_edited.jpg)



टिप्पणियां