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चिकपेट में इमारतों का होगा बड़ा सर्वे, GBA ने जारी किए सख्त निर्देश

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 1 जुल॰
  • 2 मिनट पठन
Middle-aged man in a white shirt speaks seriously in an office, gesturing with a pen in hand while seated in a chair.

अनधिकृत भवनों, फायर सेफ्टी और सीवेज समस्या पर एक्शन मोड में ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 1 जुलाई 2026 बेंगलुरु के संवेदनशील और व्यस्त कारोबारी इलाके चिकपेट में अब इमारतों का व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा। ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिम, अनधिकृत निर्माण और फायर सेफ्टी को लेकर बड़ा कदम उठाया है। जीबीए के मुख्य आयुक्त एम महेश्वर राव ने अधिकारियों को विशेष नगर योजनाकार टीम गठित कर चिकपेट डिवीजन की सभी इमारतों का विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए हैं।


मंगलवार को जीबीए मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि सर्वेक्षण के दौरान अवैध और अनधिकृत भवनों की पहचान कर संबंधित मालिकों को नोटिस जारी किए जाएं और कानून के अनुसार कार्रवाई शुरू की जाए। चिकपेट जैसे घनी आबादी और संकरी गलियों वाले इलाके में लगातार बढ़ते फायर रिस्क को देखते हुए प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।


बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी व्यावसायिक और आवासीय इमारतों में अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास और आपदा प्रबंधन तैयारियों का तत्काल फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाए। हाल के वर्षों में बेंगलुरु के कई बाजार क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। ऐसे में GBA का यह कदम शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।


इसके अलावा कर्नाटक रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KRDCL) द्वारा चल रही सड़क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्य आयुक्त ने लंबित भूमि अधिग्रहण मामलों को जल्द सुलझाने और निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।


बैठक में शहर के जलमार्गों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि कुछ स्थानों पर सीवेज सीधे K-100 जलमार्ग में छोड़ा जा रहा है। इस पर मुख्य आयुक्त ने तत्काल कार्रवाई कर सीवेज प्रवाह रोकने और जलमार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


शहरी विकास परियोजनाओं के बेहतर समन्वय के लिए BESCOM अधिकारियों को भूमिगत उपयोगिता केबलों का विस्तृत मानचित्र जल्द प्रस्तुत करने को कहा गया। बैठक में नगर निगम आयुक्तों ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया, जबकि BESCOM, BWSSB, KRDCL, पुलिस विभाग और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


चिकपेट सर्वेक्षण अभियान को बेंगलुरु में शहरी सुरक्षा, अवैध निर्माण नियंत्रण और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

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