गया एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट से मचा हड़कंप, फिर सामने आई बड़ी सच्चाई
- धन्नाराम चौधरी

- 1 जुल॰
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विमान अपहरण की खबर से सुरक्षा एजेंसियां हुईं एक्टिव, बाद में निकली एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) गया | 1 जुलाई 2026 बिहार के गया जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार को अचानक हाई अलर्ट जैसा माहौल बन गया। एयरपोर्ट परिसर में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती, तेज गतिविधियां और सुरक्षा एजेंसियों की भागदौड़ देखकर यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। कुछ ही देर में विमान अपहरण की चर्चा तेजी से फैलने लगी, जिससे लोगों के मन में डर और उत्सुकता दोनों बढ़ गए। हालांकि बाद में जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया।
दरअसल, गया एयरपोर्ट पर यह पूरा घटनाक्रम किसी वास्तविक खतरे का नहीं बल्कि एक व्यापक “एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल” का हिस्सा था। इस विशेष अभ्यास का उद्देश्य किसी संभावित विमान अपहरण जैसी आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी और तालमेल को परखना था।
मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें दूसरे एयरपोर्ट से हाईजैक किए गए विमान को गया एयरपोर्ट पर उतारने की स्थिति बनाई गई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की सुरक्षित लैंडिंग, एयरपोर्ट घेराबंदी, यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया की पूरी प्रक्रिया का चरणबद्ध अभ्यास किया।
इस हाई प्रोफाइल सुरक्षा अभ्यास में जिला प्रशासन, एटीएस, सीआईएसएफ, एयरपोर्ट अथॉरिटी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। सुरक्षा बलों की त्वरित तैनाती और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की क्षमता को विस्तार से परखा गया।
अपर समाहर्ता (एडीएम) आदित्य कुमार पीयूष ने इस मॉक ड्रिल की अध्यक्षता की। गया जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्यवाहक निदेशक अवधेश कुमार ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में इसकी अध्यक्षता जिला पदाधिकारी करते हैं, लेकिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण इस बार एडीएम ने कमान संभाली।
अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी होती है। इससे किसी भी वास्तविक संकट की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है। नियमित अभ्यास से सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल विकसित होता है और एयरपोर्ट सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाया जाता है।
गया एयरपोर्ट पर हुई इस हाई अलर्ट मॉक ड्रिल ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि देश के संवेदनशील एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा एजेंसियां किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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