भोरड़ा सरोवर स्वच्छता अभियान बना जनआंदोलन
- धन्नाराम चौधरी

- 30 जून
- 2 मिनट पठन

भोरड़ा गांव में सरोवर स्वच्छता अभियान के दौरान श्रमदान करती महिलाएं और युवा
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) भोरड़ा (जालोर) | 30 जून 2026 राजस्थान के जालोर जिले के भोरड़ा गांव में जल संरक्षण को लेकर शुरू हुआ सरोवर स्वच्छता अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। गांव की महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ऐतिहासिक सरोवर की सफाई और संरक्षण के लिए ऐसा प्रेरणादायी अभियान शुरू किया है, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। अभियान में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर श्रमदान करते हुए तालाब की पाल, झाड़ियों और फैले कचरे की सफाई की, वहीं युवाओं ने मलबा हटाने और सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित करने में अहम भूमिका निभाई।
भोरड़ा सरोवर स्वच्छता अभियान ने ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति नई चेतना जगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरोवर केवल पानी का स्रोत नहीं, बल्कि गांव की सांस्कृतिक धरोहर और आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा का आधार है। अभियान के जरिए गांव के लोगों ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से जल संकट जैसी बड़ी समस्या का समाधान संभव है।
स्थानीय निवासी दिनेश कुमार जैन ने बताया कि समय रहते सरोवर की सफाई और संरक्षण बेहद जरूरी है। यदि वर्षा जल का उचित संग्रह किया जाए तो भू-जल स्तर में सुधार होगा और ग्रामीणों के साथ पशु-पक्षियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि गांव का हर नागरिक इस अभियान से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है।
विशेष बात यह रही कि महिलाओं की भागीदारी ने पूरे अभियान को नई ऊर्जा दी। महिलाओं ने श्रमदान कर समाज को यह संदेश दिया कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। ग्रामीणों ने इसे केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि भविष्य को सुरक्षित करने का सामूहिक संकल्प बताया।
गांव के वरिष्ठजनों ने अभियान में शामिल सभी महिलाओं, युवाओं और सहयोगकर्ताओं का आभार जताते हुए प्रत्येक ग्रामीण से इस पहल से जुड़ने की अपील की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से भोरड़ा का ऐतिहासिक सरोवर जल्द ही अपनी पुरानी पहचान और गरिमा वापस हासिल करेगा।
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