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अमरनाथ यात्रा से पहले बड़ा एक्शन, आतंकियों का मददगार गिरफ्तार

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 30 जून
  • 2 मिनट पठन
Portrait of an older bearded man with a yellow backdrop, overlaid on black silhouettes of armed fighters raising rifles under cloudy sky
कठुआ में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी, पाकिस्तानी आतंकियों के नेटवर्क पर कसा शिकंजा

कठुआ में सुरक्षा अभियान के दौरान कार्रवाई करती सुरक्षा एजेंसियां

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) कठुआ (जम्मू-कश्मीर) | 30 जून, 2026 अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। कठुआ जिले में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों ने आतंकियों के एक कथित मददगार को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आगामी अमरनाथ यात्रा को देखते हुए पूरे जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी है।


गिरफ्तार आरोपी की पहचान हाजी लतीफ के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक हाजी लतीफ पिछले करीब दो दशकों से सीमा पार से आने वाले पाकिस्तानी आतंकियों की मदद करता रहा है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि उसने कम से कम 12 आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने और सुरक्षा बलों पर हमले की साजिशों में सहायता पहुंचाई।


सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि हाजी लतीफ लंबे समय से आतंकी संगठनों के संपर्क में था। जांच में यह भी सामने आया है कि जैश-ए-मोहम्मद के कई शीर्ष कमांडर सियालकोट के रास्ते भारत में दाखिल होने के बाद उसके संपर्क में आते थे। इसके अलावा वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को रसद, सुरक्षित ठिकाने और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।


सूत्रों के अनुसार हाजी लतीफ के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के वरिष्ठ अधिकारियों से भी संबंध होने की आशंका जताई जा रही है। उस पर आरोप है कि वह सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को आसान बनाने और जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने का काम करता था।


फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही हैं। जांच अधिकारी उसके नेटवर्क, स्थानीय संपर्कों और संभावित अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटाने में लगे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से आतंकियों के स्थानीय सपोर्ट सिस्टम और सीमा पार के नेटवर्क को लेकर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।


अमरनाथ यात्रा से पहले हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल आतंकियों के नेटवर्क को झटका लगा है, बल्कि यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की मदद करने वाले कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।

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