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बेंगलुरु में आज से ‘सुरक्षित फुटपाथ’ अभियान, अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 1 जुल॰
  • 2 मिनट पठन
Man on phone beside a sidewalk bookstall with stacks of books, under palm trees; pedestrians walk past a gray wall.

GBA और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 2000 किमी सड़क नेटवर्क पर चलेगा अभियान

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 1 जुलाई 2026 बेंगलुरु में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आज से बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) और बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस संयुक्त रूप से “सेफ फुटपाथ कैंपेन” चलाने जा रहे हैं, जिसके तहत फुटपाथों पर किए गए अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान 1 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक शहर के लगभग 2000 किलोमीटर सड़क नेटवर्क पर चलाया जाएगा।


बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने इस अभियान की घोषणा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पहले उन सड़कों की सूची तैयार की जाए जहां अतिक्रमण सबसे अधिक है। इसके बाद दुकानदारों और सड़क विक्रेताओं को जागरूक कर नोटिस जारी किए जाएं और चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।


हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कई क्षेत्रों में पहले ही बार-बार चेतावनी दी जा चुकी है। ऐसे मामलों में 1 जुलाई से सीधे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होगी। मंत्री ने यह भी कहा कि इस अभियान का उद्देश्य सड़क विक्रेताओं को हटाना नहीं बल्कि पैदल यात्रियों को सुरक्षित फुटपाथ उपलब्ध कराना है।


उन्होंने बताया कि केवल लगभग 20 प्रतिशत मुख्य और व्यस्त सड़कों पर ही सख्त प्रतिबंध लागू होंगे, जबकि अन्य सड़कों पर दुकानों को अनुमति जारी रहेगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि फुटपाथों पर अवैध कब्जा करने वालों को स्वयं अतिक्रमण हटाना होगा, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


उत्तरी निगम ने 109 किलोमीटर क्षेत्र में फैली 39 सड़कों की पहचान की है, जबकि पश्चिमी निगम ने प्रत्येक वार्ड में 10 किलोमीटर सड़कों को चिन्हित करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों के अनुसार इंजीनियरों और कर्मचारियों को फुटपाथों की मरम्मत और सुधार कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।


इस बीच ग्रीनपीस इंडिया और राजराजेश्वरी नगर के निवासियों ने भी फुटपाथ सुरक्षा को लेकर अभियान चलाया। उन्होंने टूटे-फूटे और अतिक्रमित फुटपाथों पर पीली “क्राइम सीन” टेप लगाकर संदेश दिया कि “यहां संवैधानिक अधिकार से वंचित किया गया है।”


ग्रीनपीस इंडिया की कार्यकर्ता अमृता एसएन ने कहा कि हर सार्वजनिक परिवहन यात्रा की शुरुआत और अंत पैदल चलने से होता है। यदि शहर को वास्तव में आधुनिक और सुरक्षित बनाना है तो निरंतर, सुरक्षित और बाधारहित फुटपाथ सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।


विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि बेंगलुरु में फुटपाथों की सबसे बड़ी समस्या अवैध पार्किंग, निर्माण मलबा, ट्रांसफॉर्मर, यूटिलिटी बॉक्स और असमान डिजाइन हैं। ऐसे में केवल अतिक्रमण हटाना ही नहीं बल्कि समावेशी सड़क डिजाइन भी जरूरी है।

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