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मुंबई में ‘स्कूल जिहाद’ का आरोप, कार्रवाई की मांग तेज

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 20 अप्रैल
  • 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

मुंबई। महानगर की शिक्षा व्यवस्था और भूमि उपयोग को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा नेता किरिट सोमैया ने ‘स्कूल जिहाद’ जैसे शब्द का इस्तेमाल करते हुए शहर में अवैध रूप से संचालित स्कूलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके इन बयानों ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस को तेज कर दिया है।


सोमैया ने दावा किया है कि मुंबई में कुल 164 स्कूल अवैध रूप से चल रहे हैं, जिनमें से 152 स्कूल मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में स्थित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन स्कूलों का उपयोग जमीन पर कब्जा करने के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, “बच्चों के नाम पर लैंड जिहाद किया जा रहा है, जिसमें सरकारी जमीनों को हड़पने का प्रयास हो रहा है और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।” भाजपा नेता ने यह भी कहा कि उन्होंने स्वयं कई स्कूलों का दौरा किया और वीडियो साक्ष्य भी सार्वजनिक किए हैं। उनके अनुसार, कुछ स्थानों पर पहले स्कूल के नाम पर भवन खड़ा किया गया और बाद में वहां अन्य धार्मिक ढांचे बना दिए गए। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इस पूरे मामले में किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। सोमैया ने जिन क्षेत्रों का उल्लेख किया है, उनमें मानखुर्द, गोवंडी, कुर्ला और मालवणी शामिल हैं। उनका कहना है कि इन इलाकों में बड़ी संख्या में अंग्रेजी माध्यम के 145, हिंदी और मराठी के 4-4 तथा 11 उर्दू माध्यम के स्कूल संचालित हो रहे हैं, जो कथित रूप से अवैध हैं।


इस मुद्दे पर उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सोमैया ने कहा कि अवैध स्कूलों को तुरंत बंद किया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है, तो वे खुद बीएमसी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उधर, बीएमसी प्रशासन की ओर से प्रारंभिक स्तर पर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, यदि स्कूलों के दस्तावेज और मान्यता में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है, जहां एक ओर भाजपा इसे अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा बता रही है, वहीं विपक्षी दल इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का प्रयास करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच और प्रशासनिक कार्रवाई इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।

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