महू में उमड़ा जनसैलाब, अंबेडकर जयंती पर भव्य समागम
- धन्ना राम चौधरी

- 14 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
भोपाल/महू। डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश के डॉ. अम्बेडकर नगर महू स्थित उनकी जन्मस्थली स्मारक पर मंगलवार को विशाल और ऐतिहासिक समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से शामिल होकर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। जयंती समारोह को लेकर महू में सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में अनुयायी यहां पहुंच रहे हैं। जन्मस्थली स्मारक को भव्य रूप से सजाया गया है और पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिल रहा है।
जनसम्पर्क अधिकारी महिपाल अजय के अनुसार, प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह समारोह इस बार भी पूरे उत्साह, उमंग और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। 12 अप्रैल की शाम से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था, जो लगातार जारी है। प्रशासन द्वारा आगंतुकों के स्वागत और सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन और पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। भोजन की व्यवस्था स्वर्ग मंदिर परिसर में की गई है, जबकि भंतों के लिए माहेश्वरी स्कूल में अलग से इंतजाम किए गए हैं। रुकने के लिए धर्मशालाओं, केन्ट बोर्ड हायर सेकेंडरी स्कूल, केन्ट बोर्ड कन्या विद्यालय सहित तीन बड़े अस्थायी डोम बनाए गए हैं। पूरे आयोजन क्षेत्र को 7 सेक्टरों में विभाजित कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मराठी भाषी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष रूप से मराठी भाषी शिक्षकों को भी तैनात किया गया है।
सुरक्षा और प्रबंधन के दृष्टिकोण से तीन स्थानों—तहसील परिसर, जन्मस्थली स्मारक और स्वर्ग मंदिर परिसर—में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के तहत 6 स्थानों पर आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है, जहां चिकित्सकों की टीम तैनात है। इसके साथ ही स्वच्छता बनाए रखने के लिए इंदौर नगर निगम एवं स्थानीय निकायों का अमला लगातार सक्रिय है। अग्निशमन की विशेष व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अंबेडकर जयंती पर आयोजित यह भव्य समागम न केवल बाबा साहेब के विचारों और योगदान को स्मरण करने का अवसर है, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता का भी संदेश दे रहा है। महू में उमड़ा यह जनसमूह उनके प्रति अटूट आस्था और सम्मान का जीवंत प्रतीक बन गया है।
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