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मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: महिला सुरक्षा, यूसीसी और विकास को मिली रफ्तार

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 14 अप्रैल
  • 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, महिला सुरक्षा और कानूनी सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई इस बैठक में सामाजिक सरोकारों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े वित्तीय और प्रशासनिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।


सबसे अहम निर्णयों में महिला सुरक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य में 8 नए ‘वन स्टॉप सेंटर’ खोलने की स्वीकृति शामिल है। ये केंद्र मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार जिले के मनावर और पीथमपुर, इंदौर के लसूड़िया और सांवेर तथा झाबुआ जिले के पेटलावद में स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा सहायता, कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहयोग और अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही, सरकार ने महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं—जैसे ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और महिला हेल्पलाइन 181—के लिए वर्ष 2031 तक 240 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।


कैबिनेट ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। यह समिति किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कार्य करेगी और इसमें प्रशासनिक अधिकारी, विधि विशेषज्ञ एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। समिति को 60 दिनों के भीतर अन्य राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का दायित्व सौंपा गया है। इस कदम को राज्य में एकरूप नागरिक कानून व्यवस्था की दिशा में निर्णायक पहल माना जा रहा है। वहीं, बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि के लिए 19,810 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इस बजट का बड़ा हिस्सा, लगभग 10,801 करोड़ रुपये, सड़क और पुल निर्माण कार्यों पर खर्च किया जाएगा। सरकार ‘बनाओ, चलाओ और सौंपो’ (बीओटी) मॉडल और एन्यूटी प्रणाली के माध्यम से परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दे रही है।


कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए सागर जिले की मिडवासा सिंचाई परियोजना को भी 286.26 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधाओं का विस्तार मिलेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद है। कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि ये निर्णय प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे

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