2029 से लागू होगा महिला आरक्षण: पीएम मोदी का ‘नारी शक्ति’ को बड़ा संदेश
- धन्ना राम चौधरी

- 14 अप्रैल
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
नई दिल्ली। देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘नारी शक्ति’ के नाम लिखे एक भावनात्मक और प्रतिबद्धता से भरे पत्र में स्पष्ट किया है कि महिला आरक्षण कानून को वर्ष 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से लागू करने की तैयारी की जा रही है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में दशकों से लंबित महिला आरक्षण के वादे को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह कदम न केवल महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करेगा, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को भी नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि देशभर की माताएं, बहनें और बेटियां इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत कर रही हैं।
संसद में नया इतिहास रचने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि आगामी विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े आवश्यक संशोधन लाए जा सकते हैं, ताकि कानून को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। उन्होंने इसे “नया इतिहास रचने” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
33 प्रतिशत आरक्षण से बदलेगा सियासी गणित
प्रस्तावित प्रावधानों के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, सीटों के पुनर्निर्धारण के बाद लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर 816 तक पहुंच सकती हैं, जिनमें लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ने की संभावना है।
‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में स्पष्ट संदेश
नई दिल्ली में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह कानून अतीत के अधूरे सपनों को पूरा करने और भविष्य के नए भारत की नींव रखने का माध्यम बनेगा। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान, अधिकार और भागीदारी से जुड़ा ऐतिहासिक निर्णय बताया।
सर्वदलीय समर्थन की अपील
प्रधानमंत्री ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की है। उन्होंने इसे राजनीति से ऊपर उठकर सामाजिक परिवर्तन का राष्ट्रीय संकल्प बताया।
2029: महिला नेतृत्व का नया युग
यदि यह कानून तय समयसीमा के अनुसार लागू होता है, तो 2029 के चुनाव भारतीय राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर सकते हैं। इससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की निर्णायक भागीदारी सुनिश्चित होगी, जो नीति निर्माण और सामाजिक संतुलन को नई दिशा देगी।
महिला आरक्षण को लेकर वर्षों से चली आ रही बहस अब निर्णायक मोड़ पर दिखाई दे रही है। 2029 का लक्ष्य सामने रखते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘नारी शक्ति’ को सशक्त बनाने का यह संकल्प अब धरातल पर उतरने के करीब है।
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