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महिला आरक्षण पर मोदी की रणनीति उलटी पड़ी: स्टालिन

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Apr 20
  • 2 min read

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

होसुर/चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाने की उनकी कोशिश अब उन्हीं पर भारी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल में दिया गया प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन “सरकारी नहीं, बल्कि एक राजनीतिक भाषण” था, जो आदर्श आचार संहिता की भावना के विपरीत है।


रविवार को होसुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि 18 अप्रैल 2026 को महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री का भाषण विपक्ष पर निशाना साधने के लिए दिया गया था। “जिस बात को चुनावी मंच से कहा जाना चाहिए था, उसे सरकारी मंच से कहना नियमों का खुला उल्लंघन है,” उन्होंने कहा। स्टालिन ने दावा किया कि संसद में संविधान संशोधन विधेयक की हार से केंद्र सरकार दबाव में है और इसी कारण प्रधानमंत्री विपक्षी दलों को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने सोचा था कि चुनाव के बीच यह मुद्दा उठाकर विपक्ष का ध्यान भटकाया जा सकता है, लेकिन इसका असर उल्टा हुआ। दक्षिण भारत के लोगों में नाराज़गी बढ़ी है और एनडीए की हार तय हो गई है।”

डीएमके अध्यक्ष ने कहा कि अब ‘डैमेज कंट्रोल’ के तहत विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाया जा रहा है, लेकिन जनता इसे समझ चुकी है। “जो हथियार विपक्ष के खिलाफ चलाया गया, वही अब भाजपा पर उल्टा पड़ गया है,” उन्होंने तंज कसा।


इस दौरान स्टालिन ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तमिलनाडु की पहचान और अधिकारों को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को राज्य में अवसर मिला, तो वह “धार्मिक आधार पर विभाजन, हिंदी थोपने और परिसीमन के जरिए तमिलनाडु की राजनीतिक ताकत को कमजोर करने” का प्रयास करेगी। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि इससे राज्य की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है। रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए स्टालिन ने विपक्षी एकता को मजबूत बताया। उन्होंने खड़गे की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में “सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस” मजबूत आधार पर आगे बढ़ रहा है। चुनावी अभियान को धार देते हुए स्टालिन ने बताया कि राज्यभर में डीएमके सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को व्यापक समर्थन मिल रहा है। “जहां भी जा रहा हूं, वहां योजनाओं के लाभार्थी मिल रहे हैं। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है,” उन्होंने कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार प्रचार कर रहे हैं, जिससे गठबंधन को मजबूती मिल रही है। गौरतलब है कि तमिलनाडु में 23 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनाव होने हैं, और चुनावी माहौल में सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। ऐसे में महिला आरक्षण का मुद्दा भी अब राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है, जिस पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने हैं।

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